गुरुग्राम, Bandhwari landfill Gurugram: गुरुग्राम, मानेसर और फरीदाबाद में कूड़े के ढेर को खत्म करने की बड़ी योजना शुरू हो रही है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इन तीनों शहरों में वेस्ट टू एनर्जी प्लांट लगाने के लिए अधिकारियों को विस्तृत योजना बनाने का निर्देश दिया है। इसके बाद नगर निगम के अधिकारी गुरुग्राम और मानेसर में प्लांट के लिए जगह तलाशने में जुट गए हैं। गुरुग्राम में बंधवाड़ी लैंडफिल साइट पर यह प्लांट लगाया जा सकता है, जहां 30 एकड़ जमीन पर फिलहाल 13 लाख टन कूड़ा जमा है।
गुरुग्राम बंधवाड़ी में कूड़े का पहाड़
बंधवाड़ी लैंडफिल साइट पर कूड़े का निस्तारण पिछले एक साल से बंद है। पहले भी यहां वेस्ट टू एनर्जी और चारकोल प्लांट लगाने की घोषणा हुई थी, लेकिन पांच साल बाद भी काम शुरू नहीं हुआ। जनवरी 2023 में इस साइट पर 30.43 लाख टन कूड़ा था, जिसमें से जनवरी 2024 तक 16.50 लाख टन का निस्तारण हुआ। लेकिन इस साल जनवरी से 21 नवंबर तक 15.84 लाख टन नया कूड़ा यहां पहुंचा, जिससे कूड़े का ढेर फिर से 13 लाख टन से ज्यादा हो गया। गुरुग्राम से रोज 1200 टन और फरीदाबाद से 1000 टन कूड़ा बंधवाड़ी आ रहा है। अब निगम ने प्राइवेट एजेंसियों के साथ मिलकर एक साल में कूड़ा हटाने और जमीन खाली करने की योजना बनाई है।
मानेसर में भी कूड़े की समस्या
मानेसर में रोज 250 टन कूड़ा निकलता है, लेकिन इसके निस्तारण की कोई ठोस योजना नहीं है। सेक्टर 8 और मानेसर पहाड़ी क्षेत्र में कूड़े के ढेर लग रहे हैं, जहां घरों से निकला कूड़ा सीधे खाली जगहों पर फेंका जा रहा है। वेस्ट टू एनर्जी प्लांट लगने से इस समस्या का समाधान हो सकता है, लेकिन इसके लिए 20 एकड़ से ज्यादा जमीन चाहिए।
कूड़े के निस्तारण की चुनौती
गुरुग्राम से रोज 2200 टन से ज्यादा कूड़ा बंधवाड़ी पहुंच रहा है, लेकिन निस्तारण न होने से कूड़ा कम नहीं हो रहा। अक्टूबर 2024 में लैंडफिल पर सिर्फ 8 लाख टन पुराना कूड़ा बचा था, लेकिन नए कूड़े के आने और निस्तारण रुकने से यह फिर 13 लाख टन से ज्यादा हो गया। अगर प्लांट लगते हैं, तो गुरुग्राम और मानेसर में कूड़े का पहाड़ कम हो सकता है।












