Mullana News, बराड़ा न्यूज : बुधवार को हुई मूसलाधार बरसात से क्षेत्र में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए। आलम ये है कि बरसात में जहां बराड़ा का नपा कार्यालय, बीडीपीओ कार्यालय, पुलिस चौकी, बस स्टैंड, एसएमएस कॉलेज सहित बराड़ा की दर्जन भर कॉलोनियां में जलभराव हो गया वहीं क्षेत्र में हजारों एकड़ धान व गन्ने की फसल पूरी तरह से जलमग्न हो गई। इतना ही नहीं सरकारी कार्यालयों में जलभराव होने से कार्यालयों का रिकॉर्ड भी खराब होने का खतरा बना हुआ है।
बता दें कि मंगलवार रात को ही भारी बरसात शुरू हो गई थी। यह बरसात बुधवार करीब 12 बजे तक होती रही। बराड़ा बाजार की हालत तो पहले से ही खराब थी, लेकिन इस बरसात ने तो कस्बे को पूरी तरह से जलमग्न कर दिया। नपा कार्यालय, बीडीपीओ कार्यालय, पुलिस चौकी, एसएमएस कॉलेज में दो से ढाई फुट तक पानी जमा हो गया।
हरगोबिंदपुरा, मॉडर्न कॉम्प्लेक्स, करनाल कॉलोनी, प्रीत नगर, सहित कई कालोनियां भी जलमग्न हो गईं। महाराणा प्रताप चौक से मुख्य बाजार की तरफ सड़क की दोनों तरफ जलभराव रहा। अधोया रोड पर, अनाज मंडी के दोनों गेटों और रेलवे अंडरपास में पानी भर गया। सबसे ज्यादा बुरा हाल रेलवे ओवरब्रिज के नीचे प्रेमनगर कॉलोनी का रहा। मुख्य गली पर कई फुट पानी जमा होने के बाद घरों में भी पानी घुस गया।
ब्राह्मण माजरा में घुसा, बेगना का पानी
भारी बरसात व साढ़ौरा की तरफ से आ रहे भारी मात्रा में बरसाती पानी के चलते जहां क्षेत्र में हजारों एकड़ धान व गन्ने की फसल डूब गई हैं वहीं सुभरी, राजोखेड़ी, तंदवाली, सज्जन माजरी सहित कई गांव के चारों ओर भारी मात्रा में पानी जमा हो गया है। एक तरह इसे ये गांव टापू बन कर रह गए हैं। राजोखेड़ी के किसान कर्मजीत सैनी ने बताया कि ऊपर से भारी मात्रा में पानी आ रहा है।
सुभरी से तंदवाली मार्ग पर करीब डेढ़ किलोमीटर की एरिया में सड़क के ऊपर से गुजर रहा है। उन्होंने बताया कि इस भारी तबाही मचाई है, जिससे इस एरिया में हजारों एकड़ फसल जलमग्न हो गई है। वहीं शेरपुर, सरदेहड़ी, अलियासपुर, जफरपुर, धनौरी, अलीपुर, धनौरा, सालेहपुर, हेमामाजरा, पपलोथा होली, अल्लापुर, बराड़ा गांव में भी हजारों एकड़ फसल जलमग्न हो गई है।
गांव दहिया माजरा में गिरा मकान
सबसे बुरा हाल गांव दहिया माजरा में अलसुबह अचानक कच्चे मकान की छत गिर गई। मकान मालिक ने किसी तरह दौड़कर जान बचाई। रामकुमार ने बताया कि वह 3 कमरों के कच्ची छत वाले घर में रहते हैं। रात को वह एक कमरे में सोया हुआ था। इसी कमरे में उसने अपनी भैंसे बांधी हुई थी। तड़के करीब तीन बजे अचानक एक कड़ी के टूटने के आवाज के साथ वह जाग गया। इतने में पूरे कमरे की छत गिर गई। वह बाहर की तरफ भागा। शोर सुनकर उसके परिवार वाले भी जाग गए।
नेशनल हाईवे- 344 पर भी आया पानी
नेशनल हाईवे 344 पर भी पानी आ गया। इससे वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बुधवार को जहां कालपी के पास यमुनानगर जाने वाली लेन पर पानी जमा हो गया, वहीं दोसड़का स्थित फ्लाईओवर पर भी बरसात का पानी जमा हो गया। दोसड़का पर नेशनल हाईवे- 344 की दोनों साइड लेन पर बरसात का पानी जमा हो गया। उधर, दोड़का व डुलियानी के बीच स्टेट हाईवे पर करीब 400 मीटर तक बहुत तेजी से पानी निकल रहा है। इस पानी के कारण गांव धनौरा निवासी एक बाइक सवार चोटिल हो गया।
पुलिस चौकी में पानी
बरसात से सबसे ज्यादा बुरा हाल बराड़ा पुलिस चौकी का हुआ। यहां करीब 3 फुट पानी भर गया। सड़क से चौकी प्रांगण की गहराई कम होने के कारण पानी बाहर नहीं निकल सका। चौकी प्रांगण और सभी कमरे पानी से लबालब हो गए। काफी सामान खराब हो गया। कर्मचारी सुबह से दिनभर पानी निकासी के बंदोबस्त में लगे रहे। उन्होंने अपने स्तर पर अलसुबह मिट्टी के कट्टे भरकर मुख्य द्वार पर लगाए। इसके बाद चौकी प्रभारी विश्वबंधु व अन्य कर्मचारी पंप के जरिए पानी बाहर निकालते नजर आए।
एमएम डीम्ड यूनिवर्सिटी में हुआ जलभराव
मुलाना की एमएम डीम्ड यूनिवर्सिटी में भी भारी मात्रा में जलभराव हो गया। बरसात का यह पानी अस्पताल के अंदर तक पहुंच गया, जिससे मरीजों व स्टाफ को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।












