Nature in Haryana: Greenery of nature in Haryana: Plantation on Panchayat land, a unique initiative of Naib Saini government: हरियाणा की नायब सैनी सरकार पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम उठा रही है।
पर्यावरण एवं वन मंत्री राव नरबीर सिंह ने बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन पर चिंता जताते हुए पंचायती जमीन पर बड़े पैमाने पर पौधारोपण अभियान शुरू करने की घोषणा की है। यह पहल न केवल प्रकृति की सुंदरता को बढ़ाएगी, बल्कि हरियाणा को हरित और स्वच्छ बनाएगी। आइए, इस पर्यावरण-अनुकूल योजना की पूरी जानकारी लेते हैं।
पर्यावरण संकट: पौधारोपण की जरूरत Nature in Haryana
गुरुग्राम में एक कार्यक्रम के दौरान वन मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण वायु प्रदूषण आज वैश्विक चिंता का विषय बन चुका है।
हरियाणा में बढ़ते प्रदूषण को नियंत्रित करने और प्रकृति का संतुलन बनाए रखने के लिए वन क्षेत्र को बढ़ाना जरूरी है। इसके लिए सरकार ने पंचायती जमीन को चुना है, जहां बड़े पैमाने पर पेड़-पौधे लगाए जाएंगे। यह अभियान न केवल पर्यावरण को स्वच्छ रखेगा, बल्कि भविष्य की पीढ़ियों के लिए एक हरा-भरा हरियाणा तैयार करेगा।
बच्चों में जागरूकता: वन महोत्सव का संदेश
राव नरबीर सिंह ने आगामी वन महोत्सव को एक बड़े अवसर के रूप में देखा। उन्होंने कहा कि इस दौरान स्कूली बच्चों को पेड़ों के महत्व के बारे में बताया जाएगा।
बच्चों को यह समझाना जरूरी है कि पौधों को लगाना ही काफी नहीं, उनकी देखभाल भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने शिक्षकों और अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों को पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी सिखाएं। अधिक से अधिक पौधारोपण से ही हरियाणा का हरित क्षेत्र बढ़ेगा और प्रदूषण पर लगाम लगेगी।
यमुना-घग्गर के किनारे हरियाली
पिछले एक साल में हरियाणा सरकार ने यमुना और घग्गर नदी के किनारे बड़े पैमाने पर पौधारोपण किया है। इन क्षेत्रों में भूमि कटाव को रोकने, जल संरक्षण को बढ़ावा देने, और नदियों के जीर्णोद्धार के लिए 20 लाख से ज्यादा पौधे लगाए गए हैं। इसके अलावा, अमृत सरोवर अभियान के तहत प्रदेश के 2000 से अधिक तालाबों के आसपास पीपल, बड़, और नीम की त्रिवेणी लगाई गई है। ये पेड़ न केवल पर्यावरण को संतुलित रखेंगे, बल्कि स्थानीय समुदायों को छाया और शुद्ध हवा भी प्रदान करेंगे।
प्राण वायु देवता पेंशन: अनूठी पहल
हरियाणा सरकार की ‘प्राण वायु देवता पेंशन योजना’ पर्यावरण संरक्षण में एक अनोखा प्रयोग है। इस योजना के तहत 75 साल से पुराने वृक्षों को 3,000 रुपये की वार्षिक पेंशन दी जा रही है।
यह राशि पेड़ों की देखभाल और संरक्षण के लिए उपयोग की जाती है। राव नरबीर सिंह ने इसे प्रकृति के प्रति सम्मान का प्रतीक बताया और कहा कि यह योजना पुराने पेड़ों को बचाने में कारगर साबित हो रही है।
जनता से अपील: वन मित्र बनें
वन मंत्री ने हरियाणवी जनता से वन विभाग की ‘वन मित्र योजना’ से जुड़ने की अपील की। उन्होंने लोगों से अनुरोध किया कि वे अपने आसपास अधिक से अधिक पेड़ लगाएं और उनकी देखभाल करें।
हर छोटा प्रयास प्रकृति की सुंदरता को बढ़ाने में मदद करेगा। चाहे वह घर का आंगन हो, स्कूल का मैदान, या गांव की पंचायती जमीन, हर जगह पौधारोपण से हरियाणा को हरा-भरा बनाया जा सकता है।
हरियाणा का हरा भविष्य
नायब सैनी सरकार की यह पहल हरियाणा को पर्यावरण के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। पंचायती जमीन पर पौधारोपण, बच्चों में जागरूकता, और पुराने वृक्षों की देखभाल जैसी योजनाएं न केवल प्रदूषण को कम करेंगी, बल्कि हरियाणा को स्वच्छ और सुंदर भी बनाएंगी। यह समय है कि हम सब मिलकर इस अभियान का हिस्सा बनें और अपने पर्यावरण को बचाने के लिए कदम उठाएं।












