Nuh Violence news Minor parking dispute takes horrific turn, many injured: हरियाणा के नूंह जिले में एक छोटा सा पार्किंग विवाद ने हिंसक झड़प का रूप ले लिया, जिसने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया। नूंह के मुंडाका गांव और राजस्थान के हाजीपुर गांव के लोगों के बीच यह टकराव इतना बढ़ गया कि पत्थरबाजी, तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं सामने आईं।
इस हिंसा ने क्षेत्र में तनाव का माहौल बना दिया है। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई कर स्थिति को काबू में किया, लेकिन यह घटना चर्चा का विषय बन गई है। आइए जानते हैं इस विवाद की पूरी कहानी।
Nuh Violence: पार्किंग विवाद से शुरू हुआ बवाल
12 अगस्त 2025 को नूंह के मुंडाका गांव में एक मामूली पार्किंग विवाद ने भयानक रूप ले लिया। पुलिस के अनुसार, हाजीपुर गांव के एक युवक ने अपनी गाड़ी सड़क के बीच में खड़ी कर दी थी। स्थानीय निवासी समाय सिंह ने गाड़ी हटाने को कहा, जिसके बाद दोनों के बीच बहस शुरू हो गई।
बात इतनी बढ़ी कि युवक ने कथित तौर पर समाय सिंह पर कांच की बोतल से हमला कर दिया। इसके बाद दोनों पक्षों के लोग जमा हो गए, और पत्थरबाजी शुरू हो गई। इस हिंसा में कई लोग घायल हुए, एक मोटरसाइकिल और एक छोटी दुकान को आग के हवाले कर दिया गया।
पुलिस ने संभाला मोर्चा
जैसे ही झड़प की खबर मिली, फीरोजपुर झिरका पुलिस स्टेशन की टीम मौके पर पहुंची। हालात को काबू में करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल और डीएसपी रैंक के अधिकारियों को बुलाया गया।
नूंह के पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार ने बताया कि यह विवाद सिर्फ पार्किंग को लेकर शुरू हुआ था, लेकिन कुछ लोगों ने इसे सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित कर लिया और घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। एक FIR दर्ज की गई है, और दोषियों की तलाश के लिए छापेमारी शुरू हो चुकी है।
स्थानीय लोगों का दर्द
मुंडाका गांव के सरपंच राम सिंह सैनी ने बताया कि इस झड़प में उनके गांव के करीब 10 लोग घायल हुए। उन्होंने कहा कि कुछ लोग इस घटना को सांप्रदायिक रंग देना चाहते थे, लेकिन पुलिस की तेज कार्रवाई ने हालात को और बिगड़ने से रोक लिया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में जलते वाहन और अफरातफरी का माहौल दिख रहा है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से बचने की अपील की है।
क्षेत्र में तनाव, सतर्कता बढ़ी
इस घटना के बाद हरियाणा-राजस्थान सीमा पर तनाव का माहौल है। नूंह पहले भी सांप्रदायिक संवेदनशीलता का गवाह रहा है, इसलिए पुलिस और प्रशासन कोई जोखिम नहीं लेना चाहते। क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है, और गश्त बढ़ा दी गई है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि हिंसा फैलाने वालों और अफवाहें उड़ाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। स्थानीय नेता और प्रशासन शांति बहाल करने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।











