Panipat News: 21-year-old youth died after the pin of a fire cylinder came out in a warehouse: हरियाणा के पानीपत जिले में एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है। बापौली गांव के एक अनाज गोदाम में फायर सिलेंडर की पिन निकलने से 21 वर्षीय सुजल की जान चली गई। यह घटना गोदाम की सफाई के दौरान हुई, जब सुजल सिलेंडर को दूसरी जगह रख रहा था।
परिजनों ने ठेकेदार पर लापरवाही का आरोप लगाया है और पुलिस से न्याय की मांग की है। इस हादसे ने न केवल एक परिवार को सदमे में डाल दिया, बल्कि कार्यस्थल पर सुरक्षा के मुद्दों को भी उजागर किया है।
गोदाम में सफाई के दौरान हुआ हादसा Panipat News
यह दुखद घटना पानीपत के बापौली गांव में उस समय हुई, जब सुजल गोदाम में अनाज की सफाई का काम कर रहा था। जानकारी के मुताबिक, सुजल दो दिन से दिहाड़ी मजदूरी के तौर पर गोदाम में काम कर रहा था।
सफाई के दौरान उसने एक फायर सिलेंडर को उठाकर दूसरी जगह रखने की कोशिश की। इसी बीच सिलेंडर की पिन अचानक निकल गई और तेजी से उसके गले पर लगी, जिससे उसका गला बुरी तरह फट गया। गंभीर हालत में उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
परिजनों का आरोप, ठेकेदार की सफाई
सुजल के परिजनों ने गोदाम के ठेकेदार राकेश पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि ठेकेदार ने ही सुजल को सिलेंडर उठाने का निर्देश दिया था, जिसके कारण यह हादसा हुआ। परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कर ठेकेदार की लापरवाही की जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है।
वहीं, ठेकेदार राकेश ने इन आरोपों से इनकार किया है। उसका कहना है कि उसने सिलेंडर मंगवाया ही नहीं था और सुजल ने अपनी मर्जी से सिलेंडर के साथ छेड़छाड़ की। राकेश ने बताया कि सुजल को 500 रुपये दिहाड़ी पर सफाई के लिए रखा गया था।
पुलिस जांच और पोस्टमार्टम
पानीपत पुलिस ने परिजनों की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। सुजल के शव को पोस्टमार्टम के लिए पानीपत के सामान्य अस्पताल के शव गृह में रखा गया है।
पुलिस ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और प्रारंभिक जांच के बाद हादसे के कारणों और जिम्मेदारी का पता लगाया जाएगा। पुलिस ने ठेकेदार और गोदाम के अन्य कर्मचारियों से पूछताछ शुरू कर दी है ताकि हादसे की पूरी सच्चाई सामने आ सके।
कार्यस्थल पर सुरक्षा का सवाल
यह हादसा कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों की कमी को उजागर करता है। गोदाम जैसे स्थानों पर खतरनाक उपकरणों को संभालने के लिए उचित प्रशिक्षण और सुरक्षा उपायों का अभाव अक्सर ऐसे दुखद हादसों का कारण बनता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि मजदूरों को खतरनाक सामग्री, जैसे फायर सिलेंडर, को संभालने से पहले प्रशिक्षण देना अनिवार्य होना चाहिए। सुजल की मौत ने प्रशासन और नियोक्ताओं के सामने यह सवाल खड़ा किया है कि क्या मजदूरों की सुरक्षा को पर्याप्त महत्व दिया जा रहा है।
परिवार का दर्द और न्याय की मांग
सुजल के परिवार के लिए यह हादसा एक बड़ा आघात है। डोडपुर गांव के रहने वाले सुजल अपने परिवार का सहारा बनने की कोशिश में मजदूरी कर रहे थे। उनकी असमय मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।
परिजनों ने प्रशासन से इस मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों को सजा देने की मांग की है। यह घटना समाज को यह सोचने पर मजबूर करती है कि मजदूरों की सुरक्षा के लिए और सख्त कदम उठाने की जरूरत है।












