Railway Hissar-Sirsa, Railway shock to Haryana’s Hissar-Sirsa: Kalindi Express extension proposal rejected: हरियाणा के हिसार और सिरसा के लोगों के लिए एक निराशाजनक खबर सामने आई है। कालिंदी एक्सप्रेस को हिसार-सिरसा तक विस्तारित करने की लंबे समय से चल रही उम्मीदों पर रेलवे बोर्ड ने पानी फेर दिया है।
फिजिबिलिटी जांच में जगह की कमी को कारण बताते हुए इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया गया है। यह फैसला क्षेत्र के रेल यात्रियों के लिए बड़ा झटका है, जो बेहतर रेल कनेक्टिविटी का इंतजार कर रहे थे।
कालिंदी एक्सप्रेस विस्तार की उम्मीद टूटी Railway Hissar-Sirsa
पिछले कुछ समय से कालिंदी एक्सप्रेस को हिसार और सिरसा तक विस्तारित करने की चर्चा जोरों पर थी। रेलवे बोर्ड ने शुरू में इस प्रस्ताव पर सकारात्मक रुख दिखाया था।
बोर्ड का कहना था कि यह ट्रेन भिवानी में 9 घंटे तक खड़ी रहती है, और इसका विस्तार करने से हिसार और सिरसा के यात्रियों को सुविधा मिलेगी। साथ ही, इससे ट्रेन में यात्रियों की संख्या बढ़ने की उम्मीद थी, जो रेलवे के लिए फायदेमंद हो सकता था।
हालांकि, फिजिबिलिटी जांच के बाद रेलवे बोर्ड ने इस योजना को ठंडे बस्ते में डाल दिया। जांच रिपोर्ट में जगह की कमी को मुख्य कारण बताया गया है। इस फैसले ने हिसार और सिरसा के लोगों की उम्मीदों को तोड़ दिया है, जो लंबे समय से बेहतर रेल सेवाओं की मांग कर रहे थे।
यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें
हिसार और सिरसा हरियाणा के महत्वपूर्ण शहर हैं, जहां रोजाना हजारों लोग काम, व्यापार और अन्य जरूरतों के लिए यात्रा करते हैं।
कालिंदी एक्सप्रेस का विस्तार होने से इन शहरों की कनेक्टिविटी दिल्ली और अन्य प्रमुख शहरों से बेहतर हो सकती थी। लेकिन अब इस प्रस्ताव के खारिज होने से यात्रियों को वैकल्पिक साधनों पर निर्भर रहना होगा, जो समय और पैसे दोनों के लिहाज से बोझिल हो सकता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रेलवे को इस फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए।
रेलवे का अगला कदम?
रेलवे बोर्ड के इस फैसले ने हिसार और सिरसा के लोगों में निराशा पैदा की है। कई लोग इसे क्षेत्र के विकास के लिए एक मिस्ड ऑपर्चुनिटी मान रहे हैं। क्या रेलवे भविष्य में कोई वैकल्पिक योजना लाएगा, या हिसार-सिरसा के लोग बेहतर रेल सेवाओं के लिए और इंतजार करेंगे? यह सवाल हर यात्री के मन में है।











