Rain brought relief in Haryana hailstorm increased the tension of farmers: हरियाणा में मौसम ने अचानक करवट ली और गुरुवार की दोपहर बाद कई जिलों में बारिश की बौछारों ने गर्मी से परेशान लोगों को राहत दी। लेकिन ये खुशी किसानों के लिए चिंता का सबब भी बन गई। जींद, भिवानी, सिरसा जैसे इलाकों में बारिश के साथ ओलावृष्टि का अलर्ट जारी हुआ है। मौसम विभाग का कहना है कि 14 अप्रैल तक मौसम का मिजाज ऐसा ही बना रह सकता है। आइए जानते हैं कि ये बदलाव क्या लेकर आया है।
Haryana hailstorm: बारिश ने बदला माहौल
गुरुवार को दोपहर बाद हरियाणा के कई हिस्सों में आसमान में बादल छा गए और हल्की से मध्यम बारिश शुरू हो गई। जींद में करीब 15 मिनट तक तेज बारिश हुई, जिसने गर्मी से बेहाल लोगों के चेहरों पर मुस्कान ला दी। भिवानी, चरखी दादरी, सिरसा और फतेहाबाद के रतिया व भूना में भी बारिश ने मौसम को सुहाना बना दिया। लेकिन बुधवार की तेज आंधी का असर अभी भूला नहीं था कि इस बारिश ने नया ट्विस्ट जोड़ दिया। बुधवार को नारनौल, महेंद्रगढ़ और झज्जर में आंधी से पेड़ गिरे और बिजली की लाइनें टूट गईं, जिससे सड़कों पर आवाजाही भी प्रभावित हुई। अब बारिश ने जहां तापमान को थोड़ा नीचे लाया, वहीं नई चुनौतियां भी खड़ी कर दीं।
किसानों की बढ़ती चिंता
ये मौसमी बदलाव जहां आम लोगों के लिए राहत भरा रहा, वहीं किसानों के लिए मुसीबत का पहाड़ लेकर आया। इस वक्त हरियाणा में गेहूं की कटाई जोरों पर है। कई खेतों में फसल अभी खड़ी है, तो कहीं कटाई के बाद ढेरियां लगाई गई हैं। बारिश और ओलावृष्टि की आशंका ने किसानों को परेशान कर दिया है। मौसम विभाग ने नांगल चौधरी, रेवाड़ी, भिवानी और महेंद्रगढ़ जैसे जिलों में तेज हवाओं और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है। अगर ऐसा हुआ तो गेहूं के साथ-साथ टमाटर, खरबूजा और तरबूज जैसी फसलों को भी नुकसान हो सकता है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे फसल को ढंकें या सुरक्षित जगह पर रखें।
तापमान का उतार-चढ़ाव
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. मदनलाल खीचड़ बताते हैं कि पिछले कुछ दिनों से पूर्वी हवाओं ने तापमान को आसमान छूने पर मजबूर कर दिया था। हिसार में बुधवार को पारा 42.9 डिग्री तक पहुंच गया, जो इस सीजन का सबसे गर्म दिन रहा। आमतौर पर ये तापमान अप्रैल के मध्य में देखा जाता है, लेकिन इस बार ये 4-5 दिन पहले ही रिकॉर्ड हो गया। इसका कारण सूर्य की किरणों का सीधा असर और पश्चिमी विक्षोभ की निष्क्रियता रही। लेकिन 9 अप्रैल की रात से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हुआ, जिसने बादल और बूंदाबांदी की स्थिति बनाई। अगले 48 घंटों में ठंडी हवाएं तापमान को 4 डिग्री तक कम कर सकती हैं।
आगे क्या होगा?
मौसम विभाग के मुताबिक, 14 अप्रैल तक हरियाणा में मौसम का ये उतार-चढ़ाव जारी रहेगा। बादल, हल्की बारिश और तेज हवाएं आम होंगी। इसके बाद फिर से तापमान बढ़ने की संभावना है। डॉ. खीचड़ सुझाव देते हैं कि किसान मौसम की जानकारी के हिसाब से फसल की कटाई और भंडारण करें। खेतों में पानी की निकासी का इंतजाम भी जरूरी है, ताकि बारिश का असर कम हो। आम लोगों के लिए ये बारिश गर्मी से राहत का तोहफा है, लेकिन छाता साथ रखना न भूलें।
राहत और चुनौती का मेल
हरियाणा का ये मौसम एक तरफ जहां लोगों को भीषण गर्मी से बचाने आया, वहीं किसानों के लिए नई मुश्किलें लेकर आया। शहरवासियों का कहना है कि बारिश ने मौसम को इतना अच्छा बना दिया कि अब बाहर घूमने का मन करता है। लेकिन खेतों में मेहनत कर रहे किसानों की नजर आसमान पर टिकी है। ये बारिश उनके लिए राहत कम, सिरदर्द ज्यादा बन रही है। अब देखना ये है कि आने वाले दिन क्या नया मोड़ लाते हैं।












