रोहतक (Sarang Festival Rohtak) : रोहतक की दादा लख्मी चंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ परफॉर्मिंग एंड विजुअल आर्ट्स (डीएलसीसुपवा) का प्रांगण बुधवार को कला के विविध रंगों में सराबोर नजर आया। यहां नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (एनएसडी) के विश्व प्रसिद्ध ‘भारत रंग महोत्सव’ (भारंगम) और यूनिवर्सिटी के अपने फेस्ट ‘सारंग’ का आयोजन किया जा रहा है। महोत्सव का तीसरा दिन पूरी तरह से थियेटर, सुर, लय, ताल और कविताओं को समर्पित रहा। एफटीवी डिपार्टमेंट के कोर्टयार्ड में बने ओपन स्टेज पर दिनभर सांस्कृतिक गतिविधियों की धूम रही। शाम को ‘भारंगम’ के तहत नाटक ‘उमर का परवाना’ का मंचन किया गया, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
दिग्गजों का जमावड़ा और हास्य का तड़का
समारोह के सुबह के सत्र में हरियाणवी कलाकार और एमडी यूनिवर्सिटी के पूर्व डायरेक्टर (यूथ वेलफेयर) डॉ. जगबीर राठी, हरियाणा कला परिषद से नरेंद्र शर्मा और समाजसेवी विक्रांत वीर मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। डॉ. राठी ने अपने अंदाज में चुटकुलों से छात्रों और दर्शकों को खूब गुदगुदाया। दोपहर के सत्र की शोभा बढ़ाने के लिए प्रसिद्ध अभिनेता पंकज बैरी, अभिनेत्री सुमित्रा हुड्डा (अभिनेत्री भूमि पेडनेकर की मां), अभिनेता सुनील चितकारा और यूनिवर्सिटी के पूर्व छात्र व मशहूर हरियाणवी गायक मासूम शर्मा पहुंचे। शाम के सत्र में डीजीपी (जेल) आलोक मित्तल और जींद यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रोफेसर रामपाल सैनी ने शिरकत की।
राग से लेकर रॉक तक: छात्रों का प्रदर्शन
तीसरे दिन का आगाज राग के सुर और तबले की मधुर थाप से हुआ। यूनिवर्सिटी के छात्र अभय सिंह राजपूत ने अनूप और शिवम के साथ मिलकर संगीत के कई राग प्रस्तुत किए। इसके बाद छात्रों ने गजल गायन से माहौल को रूहानी बना दिया। दोपहर बाद यूनिवर्सिटी के म्यूजिक बैंड ने अपने गीतों की धुन पर दर्शकों को आनंदित किया। डिपार्टमेंट ऑफ डिजाइन की छात्रा अनुष्का ने क्लासिकल डांस भरतनाट्यम पेश कर सबका मन मोह लिया। जींद से आए कवि अंकित और ललित ने ‘पैगाम-ए-मोहब्बत’ की म्यूजिकल प्रस्तुति दी। पूर्व छात्र अजहरुद्दीन ने शब्दों के सफर को बयां किया, जबकि मासूम शर्मा ने अपने हिट गीतों पर छात्रों को झूमने पर मजबूर कर दिया।
‘सुपवा हरियाणा में कला का महायज्ञ’
महोत्सव में डॉ. जगबीर राठी ने कहा कि डीएलसीसुपवा हरियाणा में कला व संस्कृति के लिए एक महायज्ञ की शुरुआत है। यह संस्थान भविष्य में प्रदेश की कला-संस्कृति को नया रूप देगा। उन्होंने कहा कि इतने कम समय में फिल्म का जिक्र होते ही सुपवा का नाम आना बड़ी उपलब्धि है। इस संस्थान ने फिल्म, टीवी, थियेटर, आर्ट और डिजाइन के छात्रों को बेहतरीन माहौल दिया है। उन्होंने कुलगुरु से ‘सारंग’ को नियमित रखने का आग्रह किया ताकि इसका कद ‘भारंगम’ से भी बड़ा हो सके। उन्होंने छात्रों से कहा कि सुपवा जैसे संस्थान में पढ़ना सौभाग्य की बात है।
यूनिवर्सिटी के लिए रोडमैप तैयार: डॉ. आर्य
डीएलसीसुपवा के कुलगुरु डॉ. अमित आर्य और रजिस्ट्रार डॉ. गुंजन मलिक मिनोचा ने अतिथियों का सम्मान किया। डॉ. आर्य ने कहा कि हम छात्रों को विश्वस्तरीय सुविधा देने का प्रयास कर रहे हैं। अब संस्थान का नाम बड़े फिल्म और नाट्य उत्सवों में गूंजता है। सरकार के सहयोग से हम इसे अपनी फील्ड का टॉप संस्थान बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं और इसके लिए पूरा रोडमैप तैयार है। ‘भारंगम’ और ‘सारंग’ का आयोजन इस दिशा में केवल एक शुरुआत है; आने वाले दिनों में रोहतक में इससे भी भव्य आयोजन होंगे। बुधवार को भी प्रदेश भर के रंगमंच कलाकारों को मंच से सम्मानित किया गया।
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