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Smart school education: फतेहबाद का केंद्रीय विद्यालय बना पहला डिजिटल स्कूल, AI भी पढ़ाया जाएगा

On: सितम्बर 8, 2025 8:50 अपराह्न
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स्मार्ट स्कूल की नई क्रांति! फतेहबाद का केंद्रीय विद्यालय बना पहला डिजिटल स्कूल, AI भी पढ़ाया जाएगा
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Smart school education, फतेहबाद : आज के डिजिटल युग में शिक्षा को भी स्मार्ट बनाने की जरूरत है, और फतेहबाद के बड़ोपल गांव का केंद्रीय विद्यालय इस दिशा में एक मिसाल बन गया है। यह जिले का पहला पूरी तरह डिजिटल स्कूल है, जहां पहली से 10वीं तक की सभी कक्षाओं में डिजिटल बोर्ड (इंटरएक्टिव पैनल) लगाए गए हैं। पुराने ब्लैकबोर्ड की जगह अब स्मार्ट बोर्ड ने ले ली है। खास बात यह है कि यहां बच्चों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को एक विषय के रूप में पढ़ाया जा रहा है। कक्षा 6 से लेकर सेकंडरी तक सभी बच्चों के लिए AI अनिवार्य कर दिया गया है। हिंदी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान जैसे सभी विषय अब ऑनलाइन और डिजिटल तरीके से पढ़ाए जा रहे हैं।

इंटरएक्टिव पैनल का कमाल

केंद्रीय विद्यालय में स्मार्ट बोर्ड के जरिए पढ़ाई को और रोचक बनाया गया है। ये इंटरएक्टिव पैनल बच्चों को सक्रिय रूप से जोड़ते हैं और क्लास को मजेदार बनाते हैं। शिक्षक पाठ योजना के तहत पीपीटी, पीडीएफ, वीडियो और क्विज तैयार करते हैं। बच्चे पैनल पर सवाल हल करते हैं, ड्रैग-एंड-ड्रॉप गतिविधियां करते हैं और क्विज में हिस्सा लेते हैं। चित्र, स्लाइड, एनिमेशन और वीडियो के जरिए पढ़ाई को आसान और समझने योग्य बनाया जाता है। हर पाठ के अंत में प्रश्नोत्तर सत्र और समीक्षा से बच्चों का कॉन्सेप्ट और मजबूत होता है।

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20 लाख की लागत से स्मार्ट क्लासरूम

स्कूल की सभी कक्षाओं को स्मार्ट बनाने के लिए करीब 20 लाख रुपये खर्च कर इंटरएक्टिव पैनल लगाए गए हैं। 21 अगस्त 2025 से इन ई-पैनल्स पर पढ़ाई शुरू हो चुकी है। इन पैनल्स में डिजिटल व्हाइटबोर्ड, पेन, हाइलाइटर, स्क्रीनशॉट और स्क्रीन रिकॉर्डिंग जैसे टूल्स हैं। साथ ही, एमएस पॉवरपॉइंट, वर्ड, एक्सल, पीडीएफ रीडर, गूगल वर्कस्पेस, दीक्षा ऐप, ई-पाठशाला, क्विज और यूट्यूब जैसे ऐप्स भी उपलब्ध हैं। इनके जरिए बच्चों को गणित, विज्ञान और अन्य विषयों को वीडियो, एनिमेशन और गेम के माध्यम से पढ़ाया जाता है।

सीसीटीवी से पूरी सुरक्षा

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केंद्रीय विद्यालय का पूरा कैंपस सीसीटीवी की निगरानी में है। कक्षाओं से लेकर गैलरी, खेल मैदान, मुख्य गेट और प्राचार्य कार्यालय तक, हर कोने पर नजर रखी जा रही है। बच्चों और स्टाफ की हर मूवमेंट को सीसीटीवी के जरिए मॉनिटर किया जाता है, ताकि सुरक्षा सुनिश्चित हो। प्राचार्य अश्विनी कुमार का कहना है कि ग्लोबल स्तर पर स्मार्ट शिक्षा का दौर है, और केंद्रीय विद्यालय बच्चों को इसका लाभ देने के लिए प्रतिबद्ध है।

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अमनदीप सिंह

अमनदीप सिंह एक समर्पित और अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 10 वर्षों से मौसम और कृषि से संबंधित खबरों पर गहन और जानकारीपूर्ण लेख लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ मौसम के पूर्वानुमान, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और कृषि क्षेत्र की नवीनतम तकनीकों, योजनाओं और चुनौतियों को उजागर करती हैं, जो किसानों और ग्रामीण समुदायों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। अमनदीप का लेखन सरल, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित है, जो कृषि समुदाय को बेहतर निर्णय लेने में मदद करता है।

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