Solar Panel Mandate (पानीपत) : जिलेभर में 500 वर्गगज या इससे अधिक बड़े प्लॉट में बने 1252 घरों, कार्यालयों व अन्य भवनों के बिजली कनेक्शन कटेंगे, क्योंकि इनके मालिकों ने सोलर पैनल नहीं लगवाया है। बिजली निगम ने संबंधित भवन मालिकों को नोटिस जारी कर रहा है। हालांकि यह नियम करीब 8 साल पहले बना था, लेकिन अब प्रदेश सरकार ने अब ऐसे भूखंडों में सोलर पैनल लगवाने की योजना को सख्ती से लागू करने के निर्देश जारी किए हैं।
सोलर पैनल पर सख्ती क्यों?
हरियाणा नवीकरणीय ऊर्जा विकास एजेंसी (हरेडा) ने योजना के तहत सोलर पैनल लगवाना अब पूरी तरह से अनिवार्य कर दिया है। पूरे सर्कल में करीब 4.25 लाख उपभोक्ता हैं। इनमें से रिहायशी 911 उपभोक्ताओं ने सोलर पैनल लगवाए हैं। शुरुआती समय में यह सामान्य योजना थी, लेकिन अब पीएम सूर्य घर योजना में शामिल करके सख्ती बढ़ा दी गई है। रिहायशी और 1252 लोगों को सोलर लगवाने के लिए दी 15 दिन की मोहलत दी है।
अब पैनल लगवाना अनिवार्य : एक्सईएन
बिजली निगम पानीपत के एक्सईएन आदित्य कुंडू ने बताया कि 500 वर्गगज या इससे अधिक बड़े प्लॉट मालिकों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। सभी को 15 दिनों का समय दिया जा रहा है। 15 दिनों में पैनल नहीं लगवाए तो कनेक्शन काटने की कार्रवाई की जाएगी।
जिलेभर में ऐसे 1552 प्लॉट, अब तक केवल 300 ने लगवाए
जिलाभर में 500 वर्गगज या इससे अधिक बड़े 1552 प्लॉट हैं। इनमें सबसे ज्यादा सब अर्बन सब डिविजन में टीडीआई में 568, सेक्टर-13/17 में 283, अंसल सुशांत सिटी में 210, सेक्टर-18 में 164, समालखा डिविजन के सेक्टर-24 में 126, टीडीआई महेश फार्म में 31, सिटी डिविजन पानीपत में सेक्टर-11/12 में 130 और मॉडल टाउन में 40 प्लॉट हैं।
कहां हैं सबसे ज्यादा बड़े प्लॉट?
इन सभी प्लॉट मालिकों में से अभी तक 300 से ही सोलर पैनल लगवाए हुए हैं। बाकी बचे 1252 को नोटिस दिए जा रहे हैं। जिनको नोटिस दिए गए हैं, उनको 15 दिनों के भीतर सोलर पैनल लगवाने की हिदायत दी जा रही है। ऐसा नहीं करने पर बिजली कनेक्शन काटने की प्रक्रिया अमल में जाएगी।
कॉमर्शियल सेक्टरों में हैं ऐसे बड़े प्लॉट हैं। जिनमें शहर में मॉडल टाउन, पुराना औद्योगिक क्षेत्र और तहसील कैप क्षेत्र में इस तरह से प्लॉट व मकान अधिक हैं। योजना तहत कम से कम एक के किलोवाट और संबंधित लोड से 5 प्रतिशत अधिक तक सोलर पैनल लगवाना अनिवार्य किया है।











