हरियाणा के प्रशासनिक नक्शे में एक अहम बदलाव हुआ है। राज्य सरकार ने हांसी को नया जिला घोषित कर दिया है, जिससे अब हरियाणा में जिलों की संख्या 22 से बढ़कर 23 हो गई है। यह फैसला प्रशासनिक सुविधाओं को लोगों के और करीब लाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
हांसी जिला बनने का फैसला कब और कैसे हुआ
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 16 दिसंबर को हांसी में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान जिले की घोषणा की थी। इसके अगले ही दिन 17 दिसंबर की शाम को हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में इस प्रस्ताव को औपचारिक मंजूरी दे दी गई। इसके बाद राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा की ओर से जिला गठन का आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी किया गया।
नोटिफिकेशन जारी होते ही हांसी कानूनी रूप से हरियाणा का नया जिला बन गया है।
हिसार जिले की सीमाएं बदलीं, नया प्रशासनिक विभाजन
हांसी जिला बनने से हिसार जिले का क्षेत्रफल और प्रशासनिक दायरा घट गया है। सरकार के आदेश के अनुसार
हिसार जिले के हांसी और नारनौंद उपमंडल अलग किए गए हैं
हांसी, नारनौंद और बास तहसील अब नए हांसी जिले में शामिल होंगी
हिसार जिले में अब केवल हिसार और बरवाला उपमंडल शेष रहेंगे
प्रशासनिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस पुनर्गठन से हिसार और हांसी दोनों क्षेत्रों में शासन व्यवस्था अधिक प्रभावी होगी।
डीसी और एसपी की नियुक्ति से बढ़ेगी प्रशासनिक पहुंच
हांसी पहले से ही एक पुलिस जिला था, लेकिन अब इसके राजस्व जिला बनने से आम लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। जल्द ही यहां
उपायुक्त डीसी
पुलिस अधीक्षक एसपी
की नियुक्ति की जाएगी।
अब नागरिकों को जमीन संबंधी काम, प्रमाण पत्र, शिकायतें या सरकारी योजनाओं के लिए हिसार नहीं जाना पड़ेगा। अधिकांश सेवाएं जिला मुख्यालय हांसी से ही उपलब्ध होंगी।
हांसी में बनेगा जिला न्यायालय
जिला बनने के साथ ही न्यायिक ढांचे में भी बड़ा बदलाव होगा। सरकार की योजना के अनुसार हांसी में
जिला एवं सत्र न्यायालय
जिला न्यायाधीश की नियुक्ति
की जाएगी।
अब तक लोगों को कानूनी मामलों के लिए हिसार जिला अदालत जाना पड़ता था। स्थानीय अदालत बनने से समय, खर्च और प्रक्रिया तीनों में राहत मिलेगी।
110 गांव, दो विधानसभा और मजबूत प्रशासनिक ढांचा
नए हांसी जिले का स्वरूप भी साफ कर दिया गया है।
प्रमुख आंकड़े
कुल गांव: 110
विधानसभा क्षेत्र: हांसी और नारनौंद
उपमंडल: हांसी और नारनौंद
तहसील: हांसी, नारनौंद, बास
उप तहसील: खेड़ी जालब
विकास खंड: हांसी एक, हांसी दो, नारनौंद
क्षेत्रफल: लगभग 1,34,976 हेक्टेयर
अनुमानित जनसंख्या: करीब 5.41 लाख
विशेषज्ञों के अनुसार यह आकार प्रशासनिक संतुलन के लिहाज से उपयुक्त माना जाता है।
क्यों अहम है हांसी का जिला बनना
प्रशासनिक मामलों के जानकार बताते हैं कि नया जिला बनने से
सरकारी योजनाओं की तेज निगरानी
विकास कार्यों में बेहतर समन्वय
ग्रामीण क्षेत्रों तक सेवाओं की सीधी पहुंच
संभव हो सकेगी। यह फैसला खासतौर पर किसानों, छोटे व्यापारियों और छात्रों के लिए फायदेमंद माना जा रहा है।
असंध को जिला बनाने की मांग फिर तेज
हांसी को जिला घोषित किए जाने के साथ ही असंध को जिला बनाने की मांग भी एक बार फिर सामने आ गई है। विधानसभा के शून्यकाल में असंध विधायक योगेंद्र सिंह राणा ने इस मुद्दे को उठाया।
उन्होंने कहा कि हांसी को जिला बनाए जाने का स्वागत है, लेकिन असंध भी सभी आवश्यक मानकों को पूरा करता है। राणा के अनुसार असंध क्षेत्र के लोग लंबे समय से इस घोषणा का इंतजार कर रहे हैं और सरकार को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
आगे क्या होगा
राज्य सरकार अब हांसी जिले में
अधिकारियों की तैनाती
कार्यालय भवनों की व्यवस्था
न्यायिक और प्रशासनिक ढांचे के विस्तार
पर चरणबद्ध तरीके से काम करेगी। आने वाले महीनों में इसका असर जमीन पर दिखने की उम्मीद है।












