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अम्बाला के इंडस्ट्रियल एरिया में अब भी 6 फुट से ज्यादा पानी, 3 पंप लगाए, नाव से रेस्क्यू

On: सितम्बर 6, 2025 5:37 अपराह्न
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There is still more than 6 feet of water in the industrial area of ​​Ambala, 3 pumps installed, rescue by boat : अम्बाला के इंडस्ट्रियल एरिया में अब भी 6 फुट से ज्यादा पानी, 3 पंप लगाए, नाव से रेस्क्यू
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अम्बाला। टांगरी नदी के पानी ने गुरुवार को कैंट के औद्योगिक क्षेत्र के साथ 5 कॉलोनियों को प्रभावित किया था। शनिवार को भी औद्योगिक क्षेत्र में 6 से 8 फुट तक पानी भरा रहा। एचएसआईआईडीसी ने पानी निकालने के लिए 3 पंप लगाए हैं। मोटर वाली नाव से यहां फंसे लोगों का रेस्क्यू किया गया। सोनिया कॉलोनी, न्यू सोनिया कॉलोनी, पूजा विहार, अर्जुन नगर और विकासपुरी में अब भी पानी जमा है। गुरुवार को 260 से ज्यादा लोगों को 4 साधारण बोट व मोटर बोट की मदद से रेस्क्यू किया गया था। शुक्रवार सुबह जगाधरी हाईवे से पानी उतर गया था।

कैंट इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के प्रधान डीसी गुप्ता ने बताया कि एचएसआईआईडीसी ने शुक्रवार से 3 पंप चालू करवाए हैं। एक पंप की वायरिंग में दिक्कत आ गई, जो पानी उतरने के बाद ठीक की जा सकेगी। उन्होंने बताया करीब 130 इंडस्ट्रियों में पानी भरा है। ये पानी तो उतर जाएगा, लेकिन गाद को निकालना उनके लिए चुनौती रहेगा।

इस गाद से मशीनरी के साथ-साथ तैयार ऑर्डर भी खराब हो जाएंगे। औद्योगिक क्षेत्र की बिजली सप्लाई शुरू होने में भी करीब 20 दिन लग जाएंगे। पूरी तरह से रिकवर करने में उन्हें एक महीना लग जाएगा। इस कारण उनके सभी ऑर्डर भी रद्द हो जाएंगे। एसोसिएशन के सदस्य सुरेंद्र सहगल ने बताया कि 2023 की बाढ़ ने औद्योगिक इकाइयों को पूरी तरह से बर्बाद कर दिया था। वह उस नुकसान से उबर नहीं सके थे, ऐसे में गुरुवार से नई आफत खड़ी हो गई है।

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उद्यमी 2023 के नुकसान से उभरे नहीं थे, ये नई आफत

कैंट इंडस्ट्रियल एरिया में नाव से लोगों का रेस्क्यू किया गया। कॉलोनी वासी बोले- राशन है, लेकिन पीने का पानी नहीं, प्रशासन टैंकर उपलब्ध कराए पूजा विहार के प्रदीप कुमार ने बताया कि कॉलोनियों में कई लोग ऐसे हैं, जो चोरी के डर से घर छोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं। वह छतों पर हैं। उनके पास राशन तो है लेकिन पीने के लिए पानी नहीं है। प्रशासन को पानी के टैंकर भेजने चाहिए। सोनिया कॉलोनी के भारत शर्मा ने बताया कि टांगरी के पानी के साथ सांप आदि जहरीले जीव भी बहकर आ रहे हैं। वह घरों में घुसने लगे हैं। कॉलोनियों की बिजली सप्लाई को भी बंद कर दिया गया है।

दूसरे दिन भी बांध बनाने में जुटे रहे ग्रामीण

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टांगरी नदी के उफान ने शाहपुर-कोट कछुवा का बांध गुरुवार को तोड़ दिया था। इस कारण पूरा पानी खेतों में तेजी से पहुंच रहा है। इस सैलाब के कारण हाईटेंशन लाइन के 3 दर्जन पोल भी जमींदोज हो गए हैं। पानी को रोकने के लिए गुरुवार शाम से दोनों गांवों के ग्रामीण जुटे हैं। वह ट्रैक्टर-ट्रॉलियां में रेत की बोरियां भरकर बांध को बनाने में जुटे हैं। शुक्रवार दोपहर को भी करीब 100 ग्रामीण इस काम में जुटे रहे। शाम तक उन्होंने बोरियां से अस्थाई तौर पर बांध बना दिया था।

क्षतिपूर्ति पोर्टल खुला : डीसी तोमर

डीसी अजय सिंह तोमर ने बताया कि बारिश व बाढ़ के पानी से खेतों व घरों में काफी नुकसान हो गया है। क्षतिपूर्ति पोर्टल ओपन कर दिया है। जो पहले चरण में 10 सितंबर तक ओपन रहेगा। इसके बाद जरूरत अनुसार शुरू किया जा सकता है। लोग सिर्फ क्षतिपूर्ति पोर्टल पर ही आवेदन करें, ताकि उनकी राजस्व विभाग से गिरदावरी करवाकर मुआवजा दिया जा सके। उन्होंने कहा कि कई इलाकों में अभी भी पानी भरा है। उसे निकलवाने के लिए टीमें जुटी हैं।

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अमनदीप सिंह

अमनदीप सिंह एक समर्पित और अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 10 वर्षों से मौसम और कृषि से संबंधित खबरों पर गहन और जानकारीपूर्ण लेख लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ मौसम के पूर्वानुमान, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और कृषि क्षेत्र की नवीनतम तकनीकों, योजनाओं और चुनौतियों को उजागर करती हैं, जो किसानों और ग्रामीण समुदायों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। अमनदीप का लेखन सरल, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित है, जो कृषि समुदाय को बेहतर निर्णय लेने में मदद करता है।

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