Waterlogging in Gurugram, former minister Ajay Yadav in trouble after posting a post: गुरुग्राम जलभराव (Gurugram Waterlogging) ने एक बार फिर हरियाणा के लोगों को परेशान कर दिया, लेकिन इस बार मामला गर्म है क्योंकि कांग्रेस के दिग्गज नेता कैप्टन अजय यादव की एक फेसबुक पोस्ट ने बवाल मचा दिया!
मंगलवार रात गुरुग्राम में बारिश के बाद जलभराव (Waterlogging) की तस्वीरें शेयर कर कैप्टन ने प्रशासन पर निशाना साधा, लेकिन रेवाड़ी के लोगों ने उल्टा उनसे ही सवाल ठोक दिए। “35 साल तक रेवाड़ी में क्या किया?” ये सवाल अब सोशल मीडिया पर गूंज रहा है। आइए, इस पूरे ड्रामे को समझते हैं और जानते हैं कि रेवाड़ी का हाल क्यों बदहाल है।
Waterlogging in Gurugram: पोस्ट ने क्यों मचाया बवाल?
मंगलवार रात करीब 10 बजे कैप्टन अजय यादव ने फेसबुक पर गुरुग्राम के जलभराव (Waterlogging) की तस्वीरें शेयर कीं। उन्होंने लिखा कि बारिश ने गुरुग्राम को डुबो दिया ट्रैफिक जाम (Traffic Jam), गाड़ियां खराब, और घरों में पानी। लेकिन उनकी ये पोस्ट रेवाड़ी के लोगों को नागवार गुजरी।
यूजर्स ने तुरंत सवाल दागे, “रेवाड़ी का हाल तो देखो, 35 साल में क्या बदला?” कुछ ने तंज कसा, “हरियाणा में अच्छे दिन हैं, मजा लो!” कैप्टन, जो रेवाड़ी से 6 बार विधायक रहे, अब लोगों के निशाने पर हैं। उनकी पोस्ट ने प्रशासन के साथ-साथ उनकी अपनी साख पर भी सवाल उठा दिए।
रेवाड़ी में जलभराव का हाल
मंगलवार रात की प्री-मानसून बारिश ने रेवाड़ी को भी नहीं बख्शा। महज 18 MM बारिश में शहर के कई इलाके डूब गए। कुछ जगहों पर 2-3 फीट पानी जमा हो गया, और बड़ा तालाब के पास हनुमान मंदिर तक पानी घुस गया। सड़कों पर गाड़ियां फंसीं, और लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया।
प्रशासन ने दावा किया था कि नालों की सफाई (Drainage System) 15 जून तक हो चुकी है, लेकिन हालात बता रहे हैं कि ये दावे खोखले हैं। रेवाड़ी के लोग अब पूछ रहे हैं कि इतने सालों में जलभराव की समस्या (Waterlogging Issue) क्यों नहीं सुलझी?
कैप्टन का 35 साल का रिकॉर्ड
कैप्टन अजय यादव रेवाड़ी से 1989 से 2014 तक 6 बार विधायक रहे। इस दौरान वे वित्त मंत्री और सीएलपी लीडर जैसे बड़े पदों पर भी रहे। लेकिन 2014 में मोदी लहर में वे हार गए। 2019 में उनके बेटे चिरंजीव राव ने रेवाड़ी से BJP के सुनील मुसेपुर को हराया।
फिर भी, लोग अब कैप्टन से पूछ रहे हैं कि 35 साल में रेवाड़ी की सूरत क्यों नहीं बदली? सोशल मीडिया पर यूजर्स ने तंज कसा कि कैप्टन ने अपने बेटे को तो विधायक बनवा दिया, लेकिन रेवाड़ी के लिए क्या किया? जलभराव और बुनियादी ढांचे (Infrastructure) की कमी अब बड़ा मुद्दा बन गई है।
अब क्या करें रेवाड़ीवासी?
रेवाड़ी जलभराव (Rewari Waterlogging) की समस्या कोई नई नहीं है, लेकिन इस बार कैप्टन की पोस्ट ने इसे सुर्खियों में ला दिया। लोग प्रशासन से नाराज हैं, और कैप्टन से भी जवाब मांग रहे हैं। अगर आप रेवाड़ी में रहते हैं, तो अपने इलाके के नाले और सड़कों की स्थिति पर नजर रखें। प्रशासन से शिकायत करें और स्थानीय नेताओं से सवाल पूछें। जलभराव का हल तभी निकलेगा जब लोग और प्रशासन मिलकर काम करें।











