Women Flying Instructors, Bhagvi’s daughter-in-law created history, Divya Sharma became the first female flying instructor of the Navy: हरियाणा के चरखी-दादरी जिले के छोटे से गांव भागवी की पुत्रवधू लेफ्टिनेंट कमांडर दिव्या शर्मा ने भारतीय नौसेना में इतिहास रच दिया है।
वह नौसेना की पहली महिला क्वालिफाइड फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर (QFI) बन गई हैं। उनकी इस उपलब्धि ने न केवल उनके ससुराल, बल्कि पूरे देश में गर्व की लहर दौड़ा दी है। आइए, उनकी प्रेरणादायक यात्रा को जानते हैं।
चेन्नई में रचा इतिहास Women Flying Instructors
दिव्या शर्मा ने भारतीय वायुसेना के प्रतिष्ठित फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर्स स्कूल, तांबरम (चेन्नई) में कठिन प्रशिक्षण पूरा कर यह गौरव हासिल किया।
इस कोर्स में थलसेना, वायुसेना, नौसेना और तटरक्षक बल के 55 चुनिंदा पायलट शामिल थे। दिव्या ने अपनी मेहनत और लगन से इस चुनौतीपूर्ण प्रशिक्षण को पास कर नौसेना में पहली महिला QFI बनने का रिकॉर्ड बनाया। यह उपलब्धि महिला सशक्तीकरण की एक मिसाल है।
नौसेना में शानदार सफर
मूल रूप से दिल्ली की रहने वाली दिव्या शर्मा भारतीय नौसेना अकादमी, एझिमला की पूर्व छात्रा हैं। उन्होंने 25 जून 2018 को नौसेना में कमीशन प्राप्त किया और पहली महिला पायलटों के अग्रणी दल का हिस्सा बनीं। उनका प्रशिक्षण हैदराबाद, बेंगलुरु, कोच्चि और विशाखापत्तनम जैसे प्रमुख सैन्य हवाई अड्डों पर हुआ।
वर्तमान में वह अंडमान निकोबार कमांड के पोर्ट ब्लेयर स्थित आईएनएस उत्क्रोश में तैनात हैं, जहां वह आईएनएस 318 स्क्वॉड्रन की डोर्नियर पायलट के रूप में अत्याधुनिक पेट्रोल रडार से लैस विमानों को उड़ाती हैं।
अगली पीढ़ी को देंगे उड़ान
क्वालिफाइड फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर बनने के बाद अब दिव्या शर्मा अगली पीढ़ी के सैन्य पायलटों को प्रशिक्षित करेंगी। उनकी यह जिम्मेदारी भारतीय नौसेना की विमानन शक्ति को और मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उनकी उपलब्धि से न केवल नौसेना, बल्कि पूरे देश के युवाओं को प्रेरणा मिलेगी।
भागवी में खुशी का माहौल
दिव्या की शादी 24 मई 2021 को भागवी निवासी लेफ्टिनेंट प्रथम तक्षक से हुई थी। प्रथम तक्षक स्वतंत्रता संग्राम सेनानी निहाल सिंह तक्षक के छोटे भाई दलीप तक्षक के पौत्र हैं।
गांव के अधिवक्ता संजीव तक्षक ने बताया कि दिव्या की इस उपलब्धि से भागवी सहित पूरे चरखी-दादरी जिले में खुशी की लहर है। मूल रूप से दिल्ली के मालवीय नगर की रहने वाली दिव्या ने अपने ससुराल का नाम रोशन किया है।
महिला सशक्तीकरण की मिसाल
दिव्या शर्मा की यह उपलब्धि उन तमाम महिलाओं के लिए प्रेरणा है जो बड़े सपने देखती हैं। उन्होंने साबित कर दिखाया कि मेहनत और आत्मविश्वास के बल पर कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है। उनकी कहानी हर उस युवा को प्रेरित करती है जो अपने क्षेत्र में कुछ अलग करना चाहता है।
निष्कर्ष: गर्व का पल
लेफ्टिनेंट कमांडर दिव्या शर्मा की उपलब्धि न केवल भागवी या हरियाणा के लिए, बल्कि पूरे भारत के लिए गर्व का विषय है।
भारतीय नौसेना की पहली महिला फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर के रूप में वह नई पीढ़ी को उड़ान भरने का हुनर सिखाएंगी। उनकी यह कहानी हर उस व्यक्ति को प्रेरित करती है जो अपने सपनों को सच करने की हिम्मत रखता है।













