ब्रेकिंग न्यूज़मौसमक्रिकेटऑटोमनोरंजनअपराधट्रेंडिंगकृषिलाइफस्टाइलराशिफलहरियाणा

Anant Chaturdashi 2025: अनंत चतुर्दशी पर 14 गांठों वाला धागा क्यों है खास? जानें भगवान विष्णु की पूजा का रहस्य!

On: September 2, 2025 3:13 PM
Follow Us:
Anant Chaturdashi 2025: अनंत चतुर्दशी पर 14 गांठों वाला धागा क्यों है खास? जानें भगवान विष्णु की पूजा का रहस्य!
Join WhatsApp Group

Anant Chaturdashi 2025, सिटी रिपोर्टर | नई दिल्ली : भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी को अनंत चतुर्दशी का पर्व बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस दिन न केवल गणपति विसर्जन होता है, बल्कि भगवान विष्णु की विशेष पूजा भी की जाती है। मान्यता है कि इस दिन व्रत और पूजा करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है और सारी परेशानियां दूर हो जाती हैं।

इस साल 6 सितंबर 2025 को अनंत चतुर्दशी मनाई जाएगी। इस पर्व का सबसे खास हिस्सा है अनंत सूत्र, यानी 14 गांठों वाला पवित्र धागा, जिसे कलाई पर बांधा जाता है। लेकिन आखिर 14 गांठों का यह धागा इतना खास क्यों है? आइए, जानते हैं इसके पीछे की कहानी और महत्व।

14 गांठों का रहस्य

Weight Loss Tea: रोज की चाय से घटाएं वजन, जानें मेटाबॉलिज्म तेज करने का सही तरीका
Weight Loss Tea: रोज की चाय से घटाएं वजन, जानें मेटाबॉलिज्म तेज करने का सही तरीका

अनंत चतुर्दशी पर बांधा जाने वाला अनंत सूत्र 14 गांठों वाला धागा होता है, जो कई गहरे अर्थों को समेटे हुए है। सबसे प्रचलित मान्यता के अनुसार, ये 14 गांठें भगवान विष्णु के 14 अलग-अलग नामों और रूपों का प्रतीक हैं, जो उनकी अनंत शक्ति को दर्शाती हैं। इसके अलावा, कुछ लोग मानते हैं कि ये गांठें हिंदू धर्म में बताए गए 14 लोकों (भुवनों) का प्रतीक हैं।

ये लोक हैं: अतल, वितल, सुतल, तलातल, महातल, रसातल, पाताल, भूलोक, भुवर्लोक, स्वार्लोक, महर्लोक, जनर्लोक, तपोलोक और सत्यलोक। एक अन्य मान्यता यह भी है कि ये 14 गांठें भगवान राम के 14 वर्ष के वनवास के बाद उनकी वापसी का प्रतीक हैं। यह धागा जीवन में सुख, समृद्धि और सुरक्षा की कामना के लिए बांधा जाता है, जो भगवान विष्णु की कृपा का प्रतीक माना जाता है।

अनंत सूत्र की पूजा का तरीका

घर के अंदर भी क्यों जरूरी है सनस्क्रीन? समर स्किनकेयर से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी
घर के अंदर भी क्यों जरूरी है सनस्क्रीन? समर स्किनकेयर से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी

अनंत चतुर्दशी के दिन सुबह स्नान करने के बाद भगवान विष्णु की अनंत रूप में पूजा की जाती है। सबसे पहले एक चौकी पर कलश स्थापित किया जाता है। इसके बाद भगवान विष्णु की मूर्ति या तस्वीर रखी जाती है। उनके सामने 14 गांठों वाला अनंत सूत्र रखा जाता है, जिसे कच्चे सूत या रेशम से बनाया जाता है।

इस धागे पर हल्दी और कुमकुम लगाया जाता है। पूजा के दौरान ‘ॐ अनंताय नमः’ मंत्र का जाप किया जाता है। पूजा पूरी होने के बाद परिवार के मुखिया या अन्य सदस्य इस धागे को अपनी कलाई पर बांधते हैं। यह धागा पूरे साल कलाई पर रहता है और माना जाता है कि यह भगवान विष्णु की अनंत कृपा और सुरक्षा प्रदान करता है।

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारी पर आधारित है। हरियाणा न्यूज पोस्ट इसकी पुष्टि नहीं करता।

नीता अंबानी ने पहनी 24 महीने में तैयार हुई जामदानी साड़ी, पल्लू पर दिखती है पूरी कहानी
नीता अंबानी ने पहनी 24 महीने में तैयार हुई जामदानी साड़ी, पल्लू पर दिखती है पूरी कहानी

भारत मेहंदीरत्ता

भारत मेहंदीरत्ता एक अनुभवी पत्रकार और लेखक हैं, जो पिछले 11 वर्षों से ऑटो और क्रिकेट से जुड़ी खबरों पर रोचक और तथ्यपूर्ण लेख लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ ऑटोमोटिव इंडस्ट्री की नवीनतम जानकारियों, जैसे कार-बाइक लॉन्च, प्राइस अपडेट्स, और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, के साथ-साथ क्रिकेट की दुनिया की रोमांचक खबरों, जैसे मैच अपडेट्स, खिलाड़ियों के प्रदर्शन और टूर्नामेंट विश्लेषण को कवर करती हैं। भारत का लेखन शैली जीवंत, गहन और पाठक-केंद्रित है, जो ऑटो और क्रिकेट प्रेमियों को समान रूप से आकर्षित करता है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment