Ayurvedic Tips for Viral Infection: Ayurvedic tips to avoid viral fever, cold and cough in changing weather: Know from the expert!: बरसात और बदलते मौसम का समय आते ही वायरल फीवर, सर्दी-जुकाम और गले की खराश जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं। इस मौसम में डॉक्टरों के क्लिनिक में मरीजों की लंबी कतारें लगने लगती हैं।
हर दूसरा व्यक्ति खांसी-जुकाम से परेशान दिखता है। लेकिन अगर आप अपनी इम्युनिटी को मजबूत रखें, तो इन बीमारियों से आसानी से बचा जा सकता है। आयुर्वेद में कई आसान और कारगर उपाय मौजूद हैं, जो आपको बार-बार अस्पताल जाने से बचा सकते हैं। हाल ही में मशहूर हेल्थ इन्फ्लूएंसर और आयुर्वेदिक डॉक्टर चैताली राठौर ने सोशल मीडिया पर कुछ खास टिप्स शेयर किए हैं। आइए, इनके बारे में विस्तार से जानते हैं…
गर्म पानी है सबसे जरूरी Ayurvedic Tips for Viral Infection
आयुर्वेद के मुताबिक, दिनभर गर्म या उबला हुआ पानी पीना बहुत जरूरी है। यह आपके शरीर को साफ रखता है, गले में बैक्टीरिया और वायरस को पनपने से रोकता है और पाचन को भी दुरुस्त रखता है।
बरसात या ठंडे मौसम में फ्रिज का ठंडा पानी पीने से बचें, क्योंकि यह सर्दी-जुकाम को और बढ़ा सकता है।
मौसमी खानपान से रखें सेहत दुरुस्त
बदलते मौसम में इम्युनिटी बढ़ाने के लिए ताजा, गर्म और हल्का खाना खाएं। बासी, ठंडी या भारी चीजें खाने से सर्दी-जुकाम और बुखार का खतरा बढ़ सकता है। इस मौसम में हरी सब्जियां, दाल और हल्की खिचड़ी खाना सेहत के लिए बेस्ट है।
ये न सिर्फ पचने में आसान हैं, बल्कि आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी मजबूत करते हैं।
तुलसी-गिलोय की चाय: इम्युनिटी का रामबाण
डॉ. चैताली राठौर बताती हैं कि तुलसी और गिलोय को इम्युनिटी बूस्टर माना जाता है। इनकी चाय में काली मिर्च और धनिया के बीज डालकर पीने से वायरल इंफेक्शन, सर्दी-खांसी और एलर्जी से बचाव होता है।
यह चाय गले की खराश और सूजन को कम करने में भी मदद करती है। रोजाना सुबह इस चाय को पीने से आप मौसमी बीमारियों से बचे रह सकते हैं।
अदरक और हल्दी के जादुई नुस्खे
सूखी अदरक (सौंठ) सर्दी, खांसी और बुखार में बहुत फायदेमंद है। इसे खाने से इंफेक्शन का खतरा कम होता है। इसके अलावा, हल्दी और नमक मिलाकर गुनगुने पानी से गरारे करने से गले का दर्द और खराश दूर होती है। यह बैक्टीरिया को मारने में भी मदद करता है। इन आसान उपायों को अपनाकर आप मौसमी बीमारियों से राहत पा सकते हैं।
लंघन और आराम का रखें ध्यान
आयुर्वेद में ‘लंघन’ यानी हल्का उपवास को वायरल इंफेक्शन और बुखार में बहुत असरदार माना जाता है। हल्का खाना या सिर्फ सुपाच्य भोजन खाने से शरीर को इंफेक्शन से लड़ने की ताकत मिलती है। इसके साथ ही, पर्याप्त नींद और आराम भी बहुत जरूरी है। थकान और नींद की कमी से इम्युनिटी कमजोर हो सकती है।
घरेलू नुस्खों का कमाल
अगर आपको गले में दर्द या टॉन्सिल्स की शिकायत है, तो घी में भुनी हुई लौंग चबाना बहुत फायदेमंद है। बुखार के दौरान मूंग दाल का सूप पीना सबसे अच्छा माना जाता है। यह हल्का, पचने में आसान और सूजन कम करने वाला होता है। इन छोटे-छोटे नुस्खों को अपनाकर आप मौसमी बीमारियों से आसानी से बच सकते हैं।












