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Bach Baras vrat katha: बछ बारस व्रत की चमत्कारी कथा! गौ माता की पूजा से संतान की रक्षा, जानें पूरी कहानी

On: August 20, 2025 12:16 PM
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Bach Baras vrat katha: बछ बारस व्रत की चमत्कारी कथा! गौ माता की पूजा से संतान की रक्षा, जानें पूरी कहानी
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Bach Baras vrat katha: Miraculous story of Bach Baras vrat! Worship of cow protects children, know the whole story: नई दिल्ली | भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि को मनाया जाने वाला बछ बारस व्रत गौ माता और उनके बछड़े की पूजा का खास दिन है।

इसे गोवत्स द्वादशी भी कहते हैं। इस व्रत की कथा में गौ माता की महिमा और उनकी कृपा से मिलने वाले चमत्कारों का जिक्र है। यह व्रत संतान की रक्षा और घर में सुख-समृद्धि लाने के लिए किया जाता है। आइए जानते हैं बछ बारस की रोचक कथा और इसका महत्व।

बछ बारस की कथा: व्यापारी की कहानी Bach Baras vrat katha

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प्राचीन समय में एक धनी व्यापारी था, जिसके पास सब कुछ था, सिवाय संतान के। उसकी पत्नी ने संतान प्राप्ति के लिए कठिन तप किया। गौ माता की कृपा से उसे एक पुत्र हुआ। जब बेटा बड़ा हुआ, एक दिन व्यापारी की पत्नी ने घर में पकवान बनाए। तभी गौ माता अपने बछड़े के साथ दरवाजे पर आईं।

पत्नी ने बछड़े को भगा दिया, जिससे गौ माता नाराज हो गईं। कुछ समय बाद व्यापारी का बेटा बीमार पड़ गया और उसकी मृत्यु हो गई। दुखी पत्नी ने गौ माता से क्षमा मांगी। उनकी कृपा से बेटा फिर जीवित हो गया। तब से बछ बारस व्रत की परंपरा शुरू हुई।

साहूकार की चमत्कारी कहानी 

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एक साहूकार के सात बेटे थे। उसने एक तालाब बनवाया, लेकिन 12 साल तक वह नहीं भरा। परेशान साहूकार ने पंडितों से सलाह ली, जिन्होंने बड़े बेटे या पोते की बलि देने को कहा। साहूकार ने अपनी बड़ी बहू को पीहर भेज दिया, जो हमेशा बछ बारस का व्रत करती थी।

फिर उसने अपने पोते की बलि दे दी, जिसके बाद तालाब भर गया। तालाब पूजा के लिए जाते समय साहूकार ने दासी से “गेऊंला धानुला” बनाने को कहा। दासी ने गाय के बछड़े को ही पका दिया, जिसका नाम गेऊंला धानुला था। जब साहूकार को पता चला, वह गुस्से में आ गया। उसने बछड़े को एक हांडी में दबा दिया। लेकिन जब गाय ने हांडी खोदकर बछड़े को जीवित निकाला, तो साहूकार ने गांव में ढिंढोरा पिटवाया कि सभी को बछ बारस व्रत करना चाहिए।

बछ बारस व्रत का महत्व

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बछ बारस व्रत खास तौर पर माताएं अपनी संतान की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य के लिए रखती हैं। मान्यता है कि गौ माता और उनके बछड़े की पूजा से घर में सुख, शांति और समृद्धि आती है। इस दिन गाय और बछड़े की सेवा का विशेष महत्व है। यह व्रत न केवल संतान की रक्षा करता है, बल्कि परिवार को आशीर्वाद देता है।

मौलिक गुप्ता

मौलिक गुप्ता एक प्रतिभाशाली और अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 8 वर्षों से एंटरटेनमेंट और ट्रेंडिंग टॉपिक्स पर आकर्षक और ताज़ा खबरें लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ बॉलीवुड, टीवी, सेलिब्रिटी अपडेट्स, वायरल ट्रेंड्स और सोशल मीडिया की हलचल को कवर करती हैं, जो पाठकों को मनोरंजन की दुनिया से जोड़े रखती हैं। मौलिक का लेखन शैली जीवंत, रोचक और समयानुकूल है, जो युवा और विविध पाठकों को आकर्षित करता है। वे Haryananewspost.com न्यूज़ प्लेटफॉर्म्स पर सक्रिय हैं, जहाँ उनके लेख ट्रेंडिंग विषयों पर गहरी अंतर्दृष्टि और मनोरंजक जानकारी प्रदान करते हैं।

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