करनाल, (Bridal Chuda): करनाल में शादी का सीजन शुरू होते ही बाजारों में दुल्हन के शृंगार की खरीदारी जोरों पर है। पहले सिर्फ पारंपरिक लाल-सफेद चूड़े ही चलते थे, लेकिन अब दुल्हनें नया ट्विस्ट जोड़ रही हैं। पोलकी, रजवाड़ी और एडी कुंदन वाले चूड़े उनकी टॉप चॉइस बन गए हैं। देवउठनी एकादशी के साथ सीजन शुरू हो चुका है और दुल्हनें एक महीना पहले से तैयारी में लग जाती हैं। चूड़े उनके लिए जिंदगी की यादगार का खास हिस्सा होते हैं। बाजार में चूड़ों की कीमत 500 रुपये से शुरू होकर 20 हजार तक जाती है। चूड़ी वाले बताते हैं कि हर साल ट्रेंड बदलता है और इस बार दुल्हनें ऑर्डर पर चूड़े बनवा रही हैं, जिनमें पति का नाम या शादी की डेट लिखी जा रही है।
Bridal Chuda: परंपरा में आधुनिकता का तड़का
दुकानदार सुनील लखेरा ने बताया कि लाल-सफेद चूड़ा अब पुराने स्टाइल में नहीं आता। कारीगर इसे कुंदन, शीशे और गोल्डन लेयर से सजा रहे हैं। कीमत 500 रुपये से शुरू। लुधियाना, दिल्ली के सदर बाजार और जयपुर से पोलकी व रजवाड़ी चूड़े आ रहे हैं, जबकि मुंबई से एडी कुंदन वाले। ये डिजाइन दुल्हनों को खूब भा रहे हैं।
नाम और डेट वाला पर्सनल टच
दुकानदार सुरेश शर्मा कहते हैं कि आज की दुल्हनें चूड़े को अपनी पर्सनल पहचान देना चाहती हैं। वे अपना नाम, पति के नाम का पहला अक्षर, शादी की तारीख या कोई स्पेशल सिंबल खुदवा रही हैं। इससे चूड़ा सिर्फ शृंगार नहीं, बल्कि जिंदगी भर की याद बन जाता है। ये कस्टम ट्रेंड सबसे ज्यादा हिट है और दुल्हनें इन्हें ऑर्डर पर बनवा रही हैं।
बजट और पसंद से चुन रही डिजाइन
बाजार में चूड़ों की कीमत काम और सजावट पर निर्भर करती है। साधारण लाल-सफेद 500 से शुरू, जबकि कुंदन और गोल्डन जड़ाई वाले 10 से 15 हजार तक। दुल्हनें अपनी पसंद और बजट के हिसाब से चुन रही हैं।
चूड़ों के प्रकार और कीमतें
पारंपरिक लाल-सफेद चूड़े 500 से 2000 रुपये में मिल जाते हैं। पर्ल वर्क वाले 1000 से 3500 तक। एडी कुंदन चूड़ा 3000 से 15000 रुपये का। कस्टम डिजाइन, जहां नाम या शादी की तारीख लिखी हो, 5000 से 20000 तक। पोलकी चूड़ा 2000 से 7000 और रजवाड़ी 1500 से 6000 रुपये में उपलब्ध हैं।












