ब्रेकिंग न्यूज़मौसमक्रिकेटऑटोमनोरंजनअपराधट्रेंडिंगकृषिलाइफस्टाइलराशिफलहरियाणा

Devshayani Ekadashi 2025 Date: देवशयनी एकादशी कब है? पूजा विधि और चातुर्मास का महत्व

On: June 7, 2025 4:05 PM
Follow Us:
Devshayani Ekadashi 2025 Date: देवशयनी एकादशी कब है? पूजा विधि और चातुर्मास का महत्व
Join WhatsApp Group

Devshayani Ekadashi 2025 Date Puja Vidhi and Significance of Chaturmas: देवशयनी एकादशी, जिसे हरि शयनी एकादशी या आषाढ़ शुक्ल एकादशी के नाम से भी जाना जाता है, हिंदू धर्म में एक विशेष स्थान रखती है। यह पवित्र दिन भगवान विष्णु की भक्ति और चातुर्मास की शुरुआत का प्रतीक है, जब भगवान क्षीर सागर में योगनिद्रा में चले जाते हैं।

इस दौरान चार महीनों तक शुभ कार्य जैसे विवाह और गृह प्रवेश नहीं किए जाते। यह दिन भक्तों के लिए सच्ची श्रद्धा के साथ पूजा और व्रत करने का अवसर लाता है, ताकि उनके पाप नष्ट हों और जीवन में सुख-शांति आए। आइए, जानते हैं कि 2025 में यह पर्व कब मनाया जाएगा और इसे कैसे उत्साहपूर्वक मनाएं।

उल्लू वाली अंगूठी पहनने से क्या होता है? जानें फायदे, सही उंगली, धातु और शुभ दिन | owl-ring-benefits-which-finger-metal-and-best-day-to-wear
उल्लू वाली अंगूठी पहनने से क्या होता है? जानें फायदे, सही उंगली, धातु और शुभ दिन

देवशयनी एकादशी 2025 में 6 जुलाई, रविवार को मनाई जाएगी। इस दिन व्रत का पारण सुबह 5:29 से 8:16 बजे तक किया जाएगा, और द्वादशी तिथि रात 11:10 बजे समाप्त होगी। पूजा की शुरुआत प्रातः स्नान के साथ करें और व्रत का संकल्प लें।

घर में भगवान विष्णु की मूर्ति या चित्र के सामने घी का दीपक जलाएं। पीले फूल, तुलसी के पत्ते, पंचामृत, और फल अर्पित करें। भक्ति भाव से ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र या विष्णु सहस्रनाम का जाप करें। दिनभर फलाहार करें और रात में भजन-कीर्तन के साथ जागरण करें। अगले दिन, द्वादशी को, ब्राह्मणों को भोजन और दान देकर व्रत पूरा करें।

किचन सिंक के नीचे कौन-सी चीजें नहीं रखनी चाहिए? जानिए वास्तु विशेषज्ञों की सलाह | #VastuTips #KitchenVastu #Lifestyle
किचन सिंक के नीचे कौन-सी चीजें नहीं रखनी चाहिए? जानिए वास्तु विशेषज्ञों की सलाह

इस पर्व का महत्व केवल धार्मिक ही नहीं, बल्कि आध्यात्मिक भी है। मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से भगवान विष्णु की पूजा करने वाले भक्तों को वैकुण्ठधाम की प्राप्ति होती है और उनके सभी पाप नष्ट हो जाते हैं। चातुर्मास की शुरुआत के साथ यह समय भक्ति, ध्यान, और आत्मचिंतन का होता है।

इस अवधि में भक्त अपनी जीवनशैली को संयमित करते हैं और आध्यात्मिक उन्नति की ओर बढ़ते हैं। 6 जुलाई 2025 को इस पवित्र व्रत को मनाकर भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करें और अपने जीवन को सकारात्मक ऊर्जा से भरें।

बालों में कंडीशनर लगाने का सही तरीका क्या है? भूलकर भी न करें ये 4 बड़ी गलतियां
बालों में कंडीशनर लगाने का सही तरीका क्या है? भूलकर भी न करें ये 4 बड़ी गलतियां

मोनिका गुप्ता

मोनिका गुप्ता एक अनुभवी लेखिका हैं, जो पिछले 10 वर्षों से लाइफस्टाइल, एंटरटेनमेंट, ट्रेंडिंग टॉपिक्स और राशिफल पर हिंदी में आकर्षक और जानकारीपूर्ण लेख लिख रही हैं। उनकी रचनाएं पाठकों को दैनिक जीवन की सलाह, मनोरंजन की दुनिया की झलक, वर्तमान ट्रेंड्स की गहराई और ज्योतिषीय भविष्यवाणियों से जोड़ती हैं। मोनिका जी का लेखन सरल, रोचक और प्रासंगिक होता है, जो लाखों पाठकों को प्रेरित करता है। वे विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और न्यूज़ पोर्टल्स (Haryananewspost.com) पर सक्रिय हैं, जहाँ उनकी कलम से निकले लेख हमेशा चर्चा का विषय बन जाते हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment