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Durga Chalisa Lyrics in Hindi: दुर्गा चालीसा के पाठ से मिलेगी माँ की कृपा, बदल जाएगी आपकी तकदीर!

On: September 21, 2025 7:47 PM
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Durga Chalisa Lyrics in Hindi: दुर्गा चालीसा के पाठ से मिलेगी माँ की कृपा, बदल जाएगी आपकी तकदीर!
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Gupt Navratri 2025 Durga Chalisa Lyrics (दुर्गा चालीसा लिखा हुआ हिंदी में): दुर्गा चालीसा 2025 का पाठ वो जादुई मंत्र है, जो नवरात्रि के नौ दिनों में आपके जीवन को रोशनी से भर सकता है। आज, 22 सितंबर 2025 से शुरू हो रही शारदीय नवरात्रि में, माँ दुर्गा की आराधना हर भक्त के दिल को छू रही है। “नमो नमो दुर्गे सुख करनी, नमो नमो दुर्गे दुःख हरनी” की गूंज हर घर में सुनाई दे रही है। ये नौ दिन सिर्फ़ पूजा-पाठ का समय नहीं, बल्कि माँ की कृपा से रुके हुए काम पूरे करने और मनोकामनाएं माँगने का सुनहरा मौका हैं। आइए, जानते हैं दुर्गा चालीसा 2025 के पाठ का महत्व और इसे कैसे करें।

श्री दुर्गा चालीसा : Shri Durga Chalisa Lyrics in Hindi

नमो नमो दुर्गे सुख करनी ।

नमो नमो दुर्गे दुःख हरनी ॥

निरंकार है ज्योति तुम्हारी ।

तिहूँ लोक फैली उजियारी ॥

शशि ललाट मुख महाविशाला ।

नेत्र लाल भृकुटि विकराला ॥

रूप मातु को अधिक सुहावे ।

दरश करत जन अति सुख पावे ॥ ४

तुम संसार शक्ति लै कीना ।

पालन हेतु अन्न धन दीना ॥

अन्नपूर्णा हुई जग पाला ।

तुम ही आदि सुन्दरी बाला ॥

प्रलयकाल सब नाशन हारी ।

तुम गौरी शिवशंकर प्यारी ॥

शिव योगी तुम्हरे गुण गावें ।

ब्रह्मा विष्णु तुम्हें नित ध्यावें ॥ ८

रूप सरस्वती को तुम धारा ।

दे सुबुद्धि ऋषि मुनिन उबारा ॥

धरयो रूप नरसिंह को अम्बा ।

परगट भई फाड़कर खम्बा ॥

रक्षा करि प्रह्लाद बचायो ।

हिरण्याक्ष को स्वर्ग पठायो ॥

लक्ष्मी रूप धरो जग माहीं ।

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श्री नारायण अंग समाहीं ॥ १२

क्षीरसिन्धु में करत विलासा ।

दयासिन्धु दीजै मन आसा ॥

हिंगलाज में तुम्हीं भवानी ।

महिमा अमित न जात बखानी ॥

मातंगी अरु धूमावति माता ।

भुवनेश्वरी बगला सुख दाता ॥

श्री भैरव तारा जग तारिणी ।

छिन्न भाल भव दुःख निवारिणी ॥ १६

केहरि वाहन सोह भवानी ।

लांगुर वीर चलत अगवानी ॥

कर में खप्पर खड्ग विराजै ।

जाको देख काल डर भाजै ॥

सोहै अस्त्र और त्रिशूला ।

जाते उठत शत्रु हिय शूला ॥

नगरकोट में तुम्हीं विराजत ।

तिहुँलोक में डंका बाजत ॥ २०

शुम्भ निशुम्भ दानव तुम मारे ।

रक्तबीज शंखन संहारे ॥

महिषासुर नृप अति अभिमानी ।

जेहि अघ भार मही अकुलानी ॥

रूप कराल कालिका धारा ।

सेन सहित तुम तिहि संहारा ॥

परी गाढ़ सन्तन पर जब जब ।

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भई सहाय मातु तुम तब तब ॥ २४

अमरपुरी अरु बासव लोका ।

तब महिमा सब रहें अशोका ॥

ज्वाला में है ज्योति तुम्हारी ।

तुम्हें सदा पूजें नरनारी ॥

प्रेम भक्ति से जो यश गावें ।

दुःख दारिद्र निकट नहिं आवें ॥

ध्यावे तुम्हें जो नर मन लाई ।

जन्ममरण ताकौ छुटि जाई ॥ २८

जोगी सुर मुनि कहत पुकारी ।

योग न हो बिन शक्ति तुम्हारी ॥

शंकर आचारज तप कीनो ।

काम अरु क्रोध जीति सब लीनो ॥

निशिदिन ध्यान धरो शंकर को ।

काहु काल नहिं सुमिरो तुमको ॥

शक्ति रूप का मरम न पायो ।

शक्ति गई तब मन पछितायो ॥ ३२

शरणागत हुई कीर्ति बखानी ।

जय जय जय जगदम्ब भवानी ॥

भई प्रसन्न आदि जगदम्बा ।

दई शक्ति नहिं कीन विलम्बा ॥

मोको मातु कष्ट अति घेरो ।

तुम बिन कौन हरै दुःख मेरो ॥

आशा तृष्णा निपट सतावें ।

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मोह मदादिक सब बिनशावें ॥ ३६

शत्रु नाश कीजै महारानी ।

सुमिरौं इकचित तुम्हें भवानी ॥

करो कृपा हे मातु दयाला ।

ऋद्धिसिद्धि दै करहु निहाला ॥

जब लगि जिऊँ दया फल पाऊँ ।

तुम्हरो यश मैं सदा सुनाऊँ ॥

श्री दुर्गा चालीसा जो कोई गावै ।

सब सुख भोग परमपद पावै ॥ ४०

देवीदास शरण निज जानी ।

कहु कृपा जगदम्ब भवानी ॥

॥दोहा॥

शरणागत रक्षा करे,

भक्त रहे नि:शंक ।

मैं आया तेरी शरण में,

मातु लिजिये अंक ॥

॥ इति श्री दुर्गा चालीसा ॥

गुप्त नवरात्रि का अनोखा महत्व

गुप्त नवरात्रि सामान्य नवरात्रि से अलग है। ये वो समय है जब साधक गुप्त रूप से माँ दुर्गा की साधना करते हैं। दुर्गा चालीसा 2025 का पाठ इस दौरान विशेष फल देता है। ये नौ दिन माँ की शक्ति को जगाने और जीवन की बाधाओं को दूर करने के लिए खास हैं। भक्त मानते हैं कि इस पाठ से न सिर्फ़ मन शांत होता है, बल्कि रुके हुए कार्य भी पूरे होते हैं।

दुर्गा चालीसा शब्दों में माँ की महिमा

दुर्गा चालीसा 2025 में माँ दुर्गा की महिमा को 40 चौपाइयों में बयान किया गया है। हर पंक्ति माँ की शक्ति, करुणा और साहस को दर्शाती है। जैसे, “नमो नमो दुर्गे सुख करनी” से शुरू होने वाली ये चालीसा मन को शांति देती है। इसे सुबह-शाम पढ़ने से माँ की कृपा बरसती है। गुप्त नवरात्रि में इसे विधि-पूर्वी पढ़ें, दीप जलाएं और माँ को लाल चुनरी चढ़ाएं।

पूजा की सही विधि

गुप्त नवरात्रि में दुर्गा चालीसा 2025 का पाठ करने के लिए साफ-सफाई का ध्यान रखें। सुबह स्नान के बाद माँ की मूर्ति या तस्वीर के सामने बैठें। लाल फूल, धूप, और मिठाई चढ़ाएं। चालीसा को श्रद्धा से पढ़ें और हर दिन माँ के अलग-अलग रूपों की पूजा करें। ये पाठ न सिर्फ़ आध्यात्मिक शांति देता है, बल्कि आपके आत्मविश्वास को भी बढ़ाता है।

दुर्गा चालीसा 2025 का पाठ नवरात्रि में मनोकामनाएं पूरी करने का सबसे आसान रास्ता है। चाहे नौकरी में तरक्की हो, परिवार में सुख-शांति या स्वास्थ्य की कामना, माँ सब सुनती हैं। भक्तों का मानना है कि इस पाठ से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। तो इस गुप्त नवरात्रि में चालीसा को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं और माँ की कृपा पाएं।

मोनिका गुप्ता

मोनिका गुप्ता एक अनुभवी लेखिका हैं, जो पिछले 10 वर्षों से लाइफस्टाइल, एंटरटेनमेंट, ट्रेंडिंग टॉपिक्स और राशिफल पर हिंदी में आकर्षक और जानकारीपूर्ण लेख लिख रही हैं। उनकी रचनाएं पाठकों को दैनिक जीवन की सलाह, मनोरंजन की दुनिया की झलक, वर्तमान ट्रेंड्स की गहराई और ज्योतिषीय भविष्यवाणियों से जोड़ती हैं। मोनिका जी का लेखन सरल, रोचक और प्रासंगिक होता है, जो लाखों पाठकों को प्रेरित करता है। वे विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और न्यूज़ पोर्टल्स (Haryananewspost.com) पर सक्रिय हैं, जहाँ उनकी कलम से निकले लेख हमेशा चर्चा का विषय बन जाते हैं।

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