Ganesh Chaturthi fast Worship on 14th June, you will get relief from every trouble: 14 जून को गणेश चतुर्थी व्रत रखा जाएगा। इस दिन भगवान गणेश की पूजा करने और व्रत रखने से जीवन में आने वाले कष्ट दूर हो जाते हैं। कर्ज, तनाव और आर्थिक तंगी से छुटकारा मिलता है।
14 जून को Ganesh Chaturthi व्रत
पंडित विनय गौतम ने बताया कि गणेश की उपासना करने से घर में सुख-समृद्धि, धन-दौलत, आर्थिक संपन्नता के साथ-साथ ज्ञान एवं बुद्धि की प्राप्ति भी होती है। आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि की शुरुआत 14 जून को दोपहर 03 बजकर 46 मिनट पर होगा और उसका समापन 15 जून को दोपहर 03 बजकर 51 मिनट पर होगा।
इस प्रकार ऋतु करें पूजा संकष्टी चतुर्थी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और व्रत का संकल्प लें। फिर घर के मंदिर की साफ-सफाई करें र और गंगाजल का छिड़काव करें। गणेश को रोली, अक्षत, फूल, दुर्गा, दीपक, धूप, फूल, पान-सुपारी अर्पित करें।
उसके बाद बच्चा को नोटक या मिठाई का भोग लगाएं। अब गणेश के मंत्रों और नामों का जाप करें। इसके बाद गणेश के समक्ष घी का दीपक जलाएं और आरती करें। अंत में रात्रि को चंद्र दर्शन के बाद चंद्रदेव को दूध, जल, चवल से अच्छे दें और व्रत खोलें।
गणेश चतुर्थी व्रत का महत्व
गणेश चतुर्थी का व्रत निर्धन को धन और निसंतान को संतान सुख देने वाला है। पौराणिक कथाओं के अनुसार द्वापर युग मरिष्यति नगरा में महोजित नाम के प्रता राजा ने ब्रह्मणों के कहने पर वह व्रत किया था। इसके साथ ही गणेश की पूजा कर धन-पुण्य किया था, इससे उसे पुत्र प्राप्ति हुई थी।
संकष्टी गणेश चतुर्थी के लाभ
गणेश चतुर्थ का व्रत और पूजा करने से भक्तों को अनेक लाभ मिलते हैं। भगवान सभी विघ्न-बाधाओं, शत्रु प्रभाव कात्मक शक्तियों को दूर करते हैं। उन्नति का म्हां खुलता है। सौरिक और तो मानसिक रोगों मानसिक रोगों से छुटकारा मिलता है, खासकर तनाव और चिंता से राहत मिली है। सच्चे मन से की गई प्रार्थना गणेश अवश्य स्वीकार करते हैं।











