Ganesh Visarjan Rituals : गणेश उत्सव की शुरुआत इस बार 27 अगस्त को हुई थी, जब घर-घर में बप्पा का स्वागत किया गया। 10 दिनों तक चलने वाला यह पवित्र उत्सव अब अनंत चतुर्दशी के दिन विसर्जन के साथ समाप्त होने जा रहा है। इस दिन लोग अपने घर में 10 दिन तक विराजमान गणपति बप्पा को भावपूर्ण विदाई देते हैं। लेकिन विसर्जन के बाद एक सवाल जो हर किसी के मन में आता है कि पूजा में इस्तेमाल हुए कलश, नारियल और अन्य सामग्री का क्या करना चाहिए? आइए, हम आपको बताते हैं कि इनका सही उपयोग कैसे करें।
कलश के जल का क्या करें?
गणेश उत्सव के दौरान बप्पा की स्थापना के साथ कलश भी स्थापित किया जाता है। विसर्जन के बाद इस कलश के जल को घर में छिड़कना चाहिए या पौधों में डालना चाहिए। कलश को खाली करने के बाद आप इसमें चावल या कोई अन्य अन्न भरकर अपनी रसोई में रख सकते हैं। इसके अलावा, इस कलश का उपयोग तुलसी को जल चढ़ाने के लिए भी किया जा सकता है। ऐसा करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।
नारियल का सही उपयोग
गणेश विसर्जन के बाद कलश में रखे नारियल को कई तरह से उपयोग में लाया जा सकता है। आप इसे प्रसाद के रूप में ग्रहण कर सकते हैं, नदी या बहते पानी में विसर्जित कर सकते हैं, या फिर लाल कपड़े में बांधकर घर के मंदिर में रख सकते हैं। नारियल को किसी पेड़ की जड़ में दबाना भी शुभ माना जाता है। सूखे नारियल का उपयोग बाद में किसी अन्य पूजा में या रसोई में भी किया जा सकता है।
जली हुई बाती का क्या करें?
गणेश पूजा में इस्तेमाल की गई जली हुई बाती को कभी भी कूड़ेदान में नहीं फेंकना चाहिए। इसे पवित्र बहते जल में प्रवाहित करें या तुलसी के पौधे के पास मिट्टी में दबा दें। बाती की राख को जमा करके तिलक लगाने या नजर उतारने के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे पूजा का सम्मान बना रहता है और घर में सुख-शांति आती है।
सुपारी और अन्य सामग्री
गणेश पूजा में इस्तेमाल की गई सुपारी को किसी ब्राह्मण को दान देना शुभ माना जाता है या इसे बहते पानी में विसर्जित किया जा सकता है। अगर आप धन संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं, तो सुपारी को लाल कपड़े में बांधकर तिजोरी या घर के धन स्थान पर रखें। इसके अलावा, कलश में रखे सिक्के को तिजोरी में रखना चाहिए। पूजा में इस्तेमाल किए गए जौ (जवारे) को किसी पवित्र स्थान पर प्रवाहित करें या पौधों में डाल दें। गणेश पूजा की दूर्वा को तिजोरी में रखने से भी धन-समृद्धि आती है।













