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सकट चौथ 2026 की सही तारीख, शुभ योग और पूजा विधि की पूरी जानकारी

On: January 4, 2026 6:27 PM
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सकट चौथ 2026 की सही तारीख, शुभ योग और पूजा विधि की पूरी जानकारी
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हिंदू पंचांग के अनुसार सकट चौथ माघ महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाई जाती है। यह व्रत विशेष रूप से संतान की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और परिवार की खुशहाली से जुड़ा माना जाता है। साल 2026 में इस पर्व की तारीख को लेकर लोगों में भ्रम है कि व्रत 6 जनवरी को रखा जाएगा या 7 जनवरी को। पंचांग और चंद्र दर्शन के आधार पर अब स्थिति स्पष्ट हो गई है।

नीचे आपको सकट चौथ 2026 की सटीक तारीखशुभ योगभद्रा का प्रभावपूजा विधि और इसके महत्व की पूरी जानकारी सरल भाषा में दी जा रही है।

सकट चौथ 2026 कब मनाई जाएगी

द्रिक पंचांग के अनुसार माघ कृष्ण चतुर्थी तिथि की शुरुआत 6 जनवरी 2026 को सुबह 08 बजकर 01 मिनट से होगी और इसका समापन 7 जनवरी 2026 को सुबह 06 बजकर 52 मिनट पर होगा।

धार्मिक मान्यता के अनुसार सकट चौथ का व्रत चतुर्थी तिथि में चंद्रोदय के समय ही रखा जाता है, क्योंकि इस व्रत में चंद्र देव की पूजा अनिवार्य होती है।

6 जनवरी 2026 को चंद्रोदय रात 08 बजकर 54 मिनट पर चतुर्थी तिथि में होगा।
जबकि 7 जनवरी को चंद्रोदय पंचमी तिथि में पड़ेगा।

इसी कारण सकट चौथ का व्रत 6 जनवरी 2026, मंगलवार को ही रखा जाएगा।

सकट चौथ का धार्मिक और पारिवारिक महत्व

सकट चौथ को देश के अलग अलग हिस्सों में तिलकुटा चौथ, तिलवा चौथ, माघी चौथ और वक्रतुंडी चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन भगवान गणेशसकट माता और चंद्र देव की पूजा की जाती है।

धर्म विशेषज्ञों के अनुसार यह व्रत विशेष रूप से माताओं द्वारा संतान की रक्षा, शिक्षा और भविष्य की प्रगति के लिए किया जाता है। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में यह परंपरा पीढ़ियों से चली आ रही है।

सकट चौथ 2026 पर बनने वाले शुभ योग

साल 2026 में सकट चौथ के दिन कई शुभ योग बन रहे हैं, जो इस व्रत को और अधिक फलदायी बनाते हैं।

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प्रमुख शुभ योग

  • सर्वार्थ सिद्धि योग
    सुबह 07 बजकर 15 मिनट से दोपहर 12 बजकर 17 मिनट तक

  • प्रीति योग
    सुबह से रात 08 बजकर 21 मिनट तक
    इसके बाद आयुष्मान योग शुरू होगा

  • नक्षत्र स्थिति
    अश्लेषा नक्षत्र दोपहर 12 बजकर 17 मिनट तक
    इसके बाद मघा नक्षत्र आरंभ

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इन योगों में किया गया व्रत और पूजा संतान सुख, मानसिक शांति और पारिवारिक स्थिरता प्रदान करता है।

भद्रा का प्रभाव और सावधानी

सकट चौथ के दिन भद्रा का प्रभाव भी रहेगा, लेकिन यह बहुत सीमित समय के लिए होगा।

  • भद्रा प्रारंभ सुबह 07 बजकर 15 मिनट

  • भद्रा समाप्त सुबह 08 बजकर 01 मिनट

भद्रा काल में पृथ्वी लोक पर इसका प्रभाव माना जाता है, इसलिए इस दौरान पूजा या शुभ कार्य करने से बचना चाहिए। भद्रा समाप्त होने के बाद ही व्रत और पूजा की शुरुआत करना उचित माना गया है।

सकट चौथ पूजा विधि सरल चरणों में

  • सुबह स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र पहनकर व्रत का संकल्प लें

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  • भगवान गणेश की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें

  • दूर्वा, मोदक, तिल के लड्डू और फल अर्पित करें

  • सकट चौथ की कथा पढ़ें या सुनें

  • शाम को चंद्रोदय के समय चंद्र देव की पूजा करें

  • चंद्रमा को दूध या खीर का भोग लगाएं

  • चंद्र दर्शन के बाद गणेश जी की आरती करें

  • व्रत में फलाहार करें और अगले दिन सुबह पारण करें

सकट चौथ पर दान का महत्व

इस दिन दान को विशेष फलदायी माना गया है। मान्यता है कि दान से व्रत का पुण्य कई गुना बढ़ जाता है।

दान में क्या दें

  • काले तिल या तिल से बनी मिठाइयां

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  • घी और गुड़

  • गरम कपड़े

  • अन्न या धन

  • जरूरतमंदों को भोजन

धार्मिक ग्रंथों के अनुसार इस प्रकार का दान संतान की रक्षा और घर में स्थायी सुख समृद्धि का कारण बनता है।

हर साल तिथि और चंद्रोदय के कारण सकट चौथ की तारीख में भ्रम होता है। सही दिन पर व्रत रखने से ही धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पूरा फल प्राप्त होता है। 2026 में यह जानकारी खास तौर पर इसलिए जरूरी है क्योंकि चतुर्थी दो दिनों में फैली हुई है।

मोनिका गुप्ता

मोनिका गुप्ता एक अनुभवी लेखिका हैं, जो पिछले 10 वर्षों से लाइफस्टाइल, एंटरटेनमेंट, ट्रेंडिंग टॉपिक्स और राशिफल पर हिंदी में आकर्षक और जानकारीपूर्ण लेख लिख रही हैं। उनकी रचनाएं पाठकों को दैनिक जीवन की सलाह, मनोरंजन की दुनिया की झलक, वर्तमान ट्रेंड्स की गहराई और ज्योतिषीय भविष्यवाणियों से जोड़ती हैं। मोनिका जी का लेखन सरल, रोचक और प्रासंगिक होता है, जो लाखों पाठकों को प्रेरित करता है। वे विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और न्यूज़ पोर्टल्स (Haryananewspost.com) पर सक्रिय हैं, जहाँ उनकी कलम से निकले लेख हमेशा चर्चा का विषय बन जाते हैं।

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