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Guruvar Ka Vrat: मनोकामनाओं को पूरा करता है गुरुवार का व्रत, जानें पूजन विधि और इसका धार्मिक रहस्य

On: जुलाई 16, 2025 2:25 अपराह्न
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Guruvar Ka Vrat: मनोकामनाओं को पूरा करता है गुरुवार का व्रत, जानें पूजन विधि और इसका धार्मिक रहस्य
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Guruvar Ka Vrat Fulfills all wishes, know the method of worship and its religious secret: गुरुवार का व्रत भारत की धार्मिक संस्कृति में एक ऐसा पारंपरिक अभ्यास है, जिसे अपनाकर लोग अपनी ज़िंदगी की परेशानियों को दूर करने और मनचाही कामनाएं पूरी करने का उपाय मानते हैं।

विशेषकर जब यह श्रावण मास, सर्वार्थ सिद्धि योग और शुभ ग्रह स्थितियों के साथ आता है, तो इसका प्रभाव और भी शक्तिशाली हो जाता है।

इस दिन भगवान विष्णु और बृहस्पति देव की पूजा की जाती है। मान्यता है कि बृहस्पति ने काशी में शिवलिंग की स्थापना कर तप किया था, जिससे गुरुवार को उनकी पूजा का महत्व कई गुना बढ़ जाता है।

धर्मशास्त्रों और पुराणों में गुरुवार का व्रत धन, संतान, समृद्धि और सुख-शांति के मार्ग खोलता है।

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Guruvar Ka Vrat: सर्वार्थ सिद्धि योग और ग्रहों की विशेष स्थिति

इस वर्ष श्रावण के कृष्ण पक्ष की सप्तमी को पड़ने वाला गुरुवार अत्यंत खास है। सूर्य देव कर्क राशि में रहेंगे, जबकि चंद्रमा सुबह तक मीन और फिर मेष राशि में गोचर करेगा। अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:00 से 12:55 तक रहेगा और राहुकाल 2:10 से 3:54 तक। यही समय शुभ कर्मों और पूजन के लिए सर्वोत्तम माना गया है।

सर्वार्थ सिद्धि योग तब बनता है जब कोई विशेष नक्षत्र किसी विशिष्ट दिन के साथ संयोग करता है, और इस योग में किए गए कार्य सफल होकर व्यक्ति को कई शुभ फल प्रदान करते हैं।

व्रत का धार्मिक लाभ और पूजन विधि

अग्नि पुराण और स्कंद पुराण के अनुसार, गुरुवार का व्रत 16 गुरुवार तक किया जाता है। इसे शुक्ल पक्ष के पहले गुरुवार से शुरू किया जाना चाहिए। इस दिन पीले वस्त्र पहनें, पीले फल और फूलों का दान करें। भगवान विष्णु को हल्दी अर्पण करने से मनोकामना पूर्ण होती है।

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पूजन विधि के अनुसार, सुबह ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करें, पूजा स्थल को साफ कर गंगाजल से शुद्ध करें। केले के पत्ते पर भगवान विष्णु की मूर्ति स्थापित करें। चने की दाल, गुड़ और मुनक्का अर्पित कर दीपक जलाएं और कथा सुनें। आरती के पश्चात आचमन करें। इस दिन पीले रंग के भोजन से परहेज़ करें।

गुरुवार का व्रत

जो लोग गुरुवार के दिन व्रत रखते हैं, उन्हें केवल धार्मिक लाभ ही नहीं मिलता, बल्कि मानसिक शांति और सकारात्मकता भी जीवन में प्रवेश करती है। भगवान विष्णु की पूजा से जीवन में ज्ञान का प्रकाश फैलता है और दान देने से सामाजिक ऊर्जा बढ़ती है।

गरीबों को अन्न और धन का दान करने से आत्मिक संतोष मिलता है, साथ ही यह पुण्य फल भी देता है। यह व्रत एक आध्यात्मिक सफर है, जिसमें श्रद्धा, नियम और सेवा के सूत्र जुड़ते हैं।

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गुरुवार का व्रत जीवन की सभी इच्छाओं को पूर्ण करने वाला माना जाता है। सर्वार्थ सिद्धि योग में किया गया यह व्रत धर्म, पुण्य, सुख-शांति और समृद्धि का द्वार खोलता है।

भगवान विष्णु को हल्दी अर्पण करने और केले के पत्ते की पूजा करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इस दिन की पूजन विधि और धार्मिक नियम मन को भी शुद्ध करते हैं।

मोनिका गुप्ता

मोनिका गुप्ता एक अनुभवी लेखिका हैं, जो पिछले 10 वर्षों से लाइफस्टाइल, एंटरटेनमेंट, ट्रेंडिंग टॉपिक्स और राशिफल पर हिंदी में आकर्षक और जानकारीपूर्ण लेख लिख रही हैं। उनकी रचनाएं पाठकों को दैनिक जीवन की सलाह, मनोरंजन की दुनिया की झलक, वर्तमान ट्रेंड्स की गहराई और ज्योतिषीय भविष्यवाणियों से जोड़ती हैं। मोनिका जी का लेखन सरल, रोचक और प्रासंगिक होता है, जो लाखों पाठकों को प्रेरित करता है। वे विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और न्यूज़ पोर्टल्स (Haryananewspost.com) पर सक्रिय हैं, जहाँ उनकी कलम से निकले लेख हमेशा चर्चा का विषय बन जाते हैं।

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