भारत में ‘स्लिमिंग पिल्स’ और वजन घटाने वाले इंजेक्शन के रूप में मशहूर हो रही GLP-1 दवाओं के अनियंत्रित बाजार पर लगाम कसने के लिए केंद्र सरकार ने देशव्यापी अभियान शुरू किया है। ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) ने पाया है कि कई दवा कंपनियां और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म इन दवाओं का प्रचार ‘लाइफस्टाइल ड्रग’ के रूप में कर रहे हैं, जिससे आम लोग बिना डॉक्टरी सलाह के इनका सेवन कर रहे हैं। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए सरकार ने 49 संस्थानों की औचक जांच के आदेश दिए हैं। नियमों का उल्लंघन करने वाले विक्रेताओं पर न केवल भारी जुर्माना लगाया जाएगा, बल्कि उनके लाइसेंस भी तुरंत प्रभाव से रद्द किए जा सकते हैं।
क्यों खतरनाक है GLP-1?
GLP-1 (ग्लूकागन-लाइक पेप्टाइड-1) दवाएं मूल रूप से टाइप-2 डायबिटीज के मरीजों के लिए विकसित की गई थीं। ये दवाएं शरीर में इंसुलिन के स्तर को बढ़ाती हैं और पेट खाली होने की प्रक्रिया को धीमा कर देती हैं, जिससे व्यक्ति को लंबे समय तक भूख नहीं लगती। यही ‘डबल बेनिफिट’ आज युवाओं के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। हालांकि, इसकी कीमत शरीर को चुकानी पड़ रही है। हालिया चिकित्सा रिपोर्टों में इन दवाओं के सेवन से पैंक्रियाटाइटिस (अग्न्याशय में सूजन), आंतों में रुकावट और किडनी की गंभीर समस्याओं के मामले सामने आए हैं। सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह है कि इनका अनियंत्रित उपयोग थायरॉयड कैंसर के जोखिम को कई गुना बढ़ा सकता है।
विज्ञापनों पर सेंसरशिप और मेडिकल स्टोर्स को कड़ी चेतावनी
सरकार ने साफ कर दिया है कि GLP-1 दवाओं के भ्रामक विज्ञापन अब बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर “बिना मेहनत वजन घटाएं” जैसे दावों के साथ बेची जा रही दवाओं पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि मोटापा और डायबिटीज जैसी बीमारियों के लिए दवाओं पर निर्भरता के बजाय संतुलित आहार और नियमित व्यायाम ही एकमात्र सुरक्षित विकल्प है। प्रमाणित मेडिकल स्टोर्स को सख्त हिदायत दी गई है कि वे केवल विशेषज्ञ एंडोक्रिनोलॉजिस्ट या फिजिशियन के वैध पर्चे पर ही इन दवाओं की आपूर्ति करें। जनता को भी सलाह दी गई है कि वे अपनी सेहत के साथ प्रयोग न करें और किसी भी शॉर्टकट के बजाय स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं।
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डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह न समझें। किसी भी फिटनेस प्रोग्राम को शुरू करने से पहले डॉक्टर से परामर्श करें। डाइट में बदलाव करने से पहले भी अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।












