ब्रेकिंग न्यूज़मौसमक्रिकेटऑटोमनोरंजनअपराधट्रेंडिंगकृषिलाइफस्टाइलराशिफलहरियाणा

Jyeshtha Trayodashi 2025: ज्येष्ठ त्रयोदशी पर इस एक मंत्र से पाएं 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन का पुण्य!

On: जून 7, 2025 6:53 अपराह्न
Follow Us:
Jyeshtha Trayodashi 2025: ज्येष्ठ त्रयोदशी पर इस एक मंत्र से पाएं 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन का पुण्य!
Join WhatsApp Group

Jyeshtha Trayodashi 2025 Get the blessings of visiting 12 Jyotirlingas with this one mantra: हिंदू धर्म में भगवान शिव की भक्ति का विशेष महत्व है। देवों के देव महादेव के बिना कोई भी पूजा अधूरी मानी जाती है। हर मंदिर में शिवलिंग की उपस्थिति इस बात का प्रतीक है कि शिव हर जगह विराजमान हैं।

Jyeshtha Trayodashi 2025: ज्येष्ठ त्रयोदशी पर करें ये काम

प्रत्येक माह की त्रयोदशी तिथि शिव भक्तों के लिए विशेष होती है, जब वे प्रदोष व्रत और पूजा-अर्चना के माध्यम से महादेव की कृपा प्राप्त करते हैं। ज्येष्ठ त्रयोदशी 2025, जो रवि प्रदोष के रूप में मनाई जाएगी, शिव भक्तों के लिए एक सुनहरा अवसर लेकर आ रही है। इस लेख में हम आपको एक ऐसे शक्तिशाली मंत्र के बारे में बताएंगे, जिसके जाप से आप 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन का पुण्य प्राप्त कर सकते हैं।

मां लक्ष्मी को अत्यंत प्रिय है दक्षिणावर्ती शंख, जानें स्थापना का सही नियम | dakshinavarti-shankh-diwali-puja-significance
मां लक्ष्मी को अत्यंत प्रिय है दक्षिणावर्ती शंख, जानें स्थापना का सही नियम

प्रदोष व्रत का महत्व शास्त्रों में वर्णित है, और यह माना जाता है कि इस दिन की गई पूजा और उपवास से भगवान शिव शीघ्र प्रसन्न होते हैं। प्रत्येक माह में दो बार आने वाली त्रयोदशी तिथि शिव भक्तों को अपनी भक्ति को और गहरा करने का मौका देती है। अगर आप किसी कारणवश प्रदोष व्रत नहीं रख पा रहे हैं, तो चिंता न करें।

हिंदू धर्म में हर समस्या का समाधान है, और महादेव को प्रसन्न करना उतना ही सरल है जितना उनकी भक्ति में डूब जाना। एक विशेष मंत्र के जाप से आप न केवल शिव की कृपा प्राप्त कर सकते हैं, बल्कि 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन का फल भी पा सकते हैं।

यह मंत्र है:

दिवाली पर तिजोरी में रखें हल्दी की यह पोटली, साल भर बनी रहेगी धन की बरकत | diwali-puja-haldi-totka-tijori-wealth-remedy
दिवाली पर तिजोरी में रखें हल्दी की यह पोटली, साल भर बनी रहेगी धन की बरकत

उज्जयिन्यां महाकालं ओंकारंममलेश्वरम्। परल्यां वैद्यनाथं च डाकिन्यां भीमशङ्करम्। सेतुबन्धे तु रामेशं नागेशं दारुकावने। वाराणस्यां तु विश्वेशं त्र्यम्बकं गौतमीतटे। हिमालये तु केदारं घुश्मेशं च शिवालये। एतानि ज्योतिर्लिङ्गानि सायं प्रातः पठेन्नरः। सप्तजन्मकृतं पापं स्मरणेन विनश्यति।

यह मंत्र 12 ज्योतिर्लिंगों का स्मरण कराता है, जो भगवान शिव के सबसे पवित्र स्थानों का प्रतीक हैं। ये ज्योतिर्लिंग सोमनाथ, मल्लिकार्जुन, महाकाल, ओंकारेश्वर, वैद्यनाथ, भीमशंकर, रामेश्वर, नागेश्वर, घृष्णेश्वर, त्र्यम्बकेश्वर, काशी विश्वनाथ, और केदारनाथ ऐसे स्थान हैं जहां शिव स्वयं प्रकट हुए हैं। शास्त्रों के अनुसार, इस मंत्र का सुबह-शाम जाप करने से सात जन्मों के पाप नष्ट हो जाते हैं। ज्येष्ठ त्रयोदशी के दिन इस मंत्र का जाप करें, और भगवान शिव की कृपा से अपने जीवन को सुख, शांति और समृद्धि से भरें।

इस त्रयोदशी पर आप शिव मंदिर में जाकर जलाभिषेक करें, बेलपत्र अर्पित करें, और इस मंत्र का जाप करें। यह छोटा सा उपाय आपके जीवन में बड़ा बदलाव ला सकता है। भगवान शिव की भक्ति में लीन होकर इस पवित्र दिन को और भी खास बनाएं।

अहोई अष्टमी 1 नवंबर को: पूजा के लिए मिलेगा सिर्फ 1 घंटा 18 मिनट, नोट करें शुभ समय | ahoi-ashtami-2026-date-puja-muhurat-vidhi-timings
अहोई अष्टमी 1 नवंबर को: पूजा के लिए मिलेगा सिर्फ 1 घंटा 18 मिनट, नोट करें शुभ समय

भारत मेहंदीरत्ता

भारत मेहंदीरत्ता एक अनुभवी पत्रकार और लेखक हैं, जो पिछले 11 वर्षों से ऑटो और क्रिकेट से जुड़ी खबरों पर रोचक और तथ्यपूर्ण लेख लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ ऑटोमोटिव इंडस्ट्री की नवीनतम जानकारियों, जैसे कार-बाइक लॉन्च, प्राइस अपडेट्स, और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, के साथ-साथ क्रिकेट की दुनिया की रोमांचक खबरों, जैसे मैच अपडेट्स, खिलाड़ियों के प्रदर्शन और टूर्नामेंट विश्लेषण को कवर करती हैं। भारत का लेखन शैली जीवंत, गहन और पाठक-केंद्रित है, जो ऑटो और क्रिकेट प्रेमियों को समान रूप से आकर्षित करता है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment