Khatu Shyam Jayanti Kab hai November: नई दिल्ली | कार्तिक महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को देवउठनी एकादशी का पर्व मनाया जाता है। इस दिन भगवान विष्णु 4 महीने बाद योग निद्रा से जाग जाते हैं। इस दिन हारे का सहारा खाटू श्याम जी हमारा का जन्मोत्सव भी मनाया जाता है।
अबकी बार इस तिथि को लेकर लोगों के बीच काफी कन्फ्यूजन की स्थिति बनी हुई है। आज की इस खबर में हम आपके इसी कन्फ्यूजन को दूर करने वाले हैं।
खाटू श्याम बाबा का जन्मोत्सव Khatu Shyam Jayanti
राजस्थान के सीकर जिले में खाटू श्याम जी का भव्य मंदिर है। बाबा के जन्मोत्सव पर उन्हें इत्र से स्नान करवाकर, गुलाब चंपा और चमेली के साथ-साथ तरह-तरह के फूलों से सजाया जाता है।
इसी के साथ श्याम बाबा को मेवे का केक अर्पित किया जाता है, अबकी बार देवउठनी एकादशी की तारीख को लेकर भी अलग-अलग मत बने हुए हैं। कुछ लोग एक नवंबर को देवउठनी एकादशी बता रहे हैं, तो कुछ लोग 2 नवंबर को देवउठनी एकादशी बता रहे हैं।
1 नवंबर को देवउठनी एकादशी Khatu Shyam Jayanti
सुबह 9:11 मिनट पर 1 नवंबर को एकादशी तिथि की शुरुआत हो रही है और 2 नवंबर को सुबह 7:31 मिनट पर इसका समापन होगा। उदयातिथि की वजह से एकादशी की तिथि 1 नवंबर के दिन ही रहेगी। इस दिन खाटू श्याम बाबा का जन्मदिन भी पूरे उत्सव के साथ मनाया जाएगा।
कहा जाता है कि कार्तिक महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को ही बाबा श्याम का शीश मंदिर में सुशोभित किया गया था, इसी के उपलक्ष में देवउठनी या फिर प्रबोधिनी एकादशी के दिन खाटू श्याम जी का जन्मोत्सव मनाया जाता है। कहा जाता है कि बाबा श्याम के इस दिन दर्शन मात्र से ही भक्तों की सारी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं विभिन्न माध्यमों/ ज्योतिषियों/ पंचांग/ प्रवचनों/ मान्यताओं/ धर्मग्रंथों पर आधारित हैं। हम इनकी पुष्टि नहीं करते हैं।













