Bhunamanasana benefits back pain: भूनमनासन से रीढ़ पेट मजबूत होंगे। कमर दर्द स्लिप डिस्क कब्ज में रामबाण। रोज 1-2 मिनट अभ्यास से थकान दूर एनर्जी बढ़ेगी।
ऑफिस में घंटों एक ही मुद्रा में बैठने से कमर दर्द होता है या गड़बड़ लाइफस्टाइल से सेहत गिरती है ये शरीर के अंगों को कमजोर कर देते हैं। ऐसे में रीढ़ से पेट तक मजबूती देने वाला भूनमनासन कारगर है। ये आसन करने से कई परेशानियां दूर हो जाती हैं।
जानें भूनमनासन के हेल्थ बेनिफिट्स
मोरारजी देसाई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ योगा ने भी भूनमनासन को शरीर के लिए बेहद फायदेमंद बताया है। नियमित अभ्यास से अंगों को ताकत और लचीलापन मिलता है जिससे पूरा शरीर स्वस्थ और चुस्त रहता है।
भूनमनासन करने के फायदे
योग एक्सपर्ट कहते हैं कि भूनमनासन जिसे अर्ध शलभासन भी कहते हैं खासकर कमर पीठ और पेट के लिए रामबाण है। इस आसन में पेट के बल लेटकर एक पैर ऊपर उठाते हैं जिससे रीढ़ की हड्डी मजबूत और लचीली बनती है।
कमर दर्द और स्लिप डिस्क में राहत मिलती है। कूल्हों की मांसपेशियां मजबूत होती हैं और हिप जॉइंट की परेशानियां दूर होती हैं। पेट की मांसपेशियां टोन होती हैं। ये पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है जिससे कब्ज गैस और अपच में आराम मिलता है। आसन पेट के अंदरूनी अंगों की मालिश करता है।
भूनमनासन पैरों कंधों और हाथों की मांसपेशियों को भी मजबूत बनाता है। पूरे शरीर में रक्त संचार बेहतर होता है जिससे थकान दूर होती है और एनर्जी बढ़ती है।
ये आसन घंटों कुर्सी पर बैठकर काम करने वालों के लिए बहुत अच्छा है। प्रतिदिन 1 से 2 मिनट तक दोनों पैर बारी बारी से उठाएं तो फर्क साफ दिखेगा।
ये आसान और सुरक्षित आसन है। सुबह खाली पेट या शाम को हल्के पेट अभ्यास करें। कमर में चोट या गंभीर समस्या हो तो पहले योग प्रशिक्षक या डॉक्टर से सलाह लें।













