ब्रेकिंग न्यूज़मौसमक्रिकेटऑटोमनोरंजनअपराधट्रेंडिंगकृषिलाइफस्टाइलराशिफलहरियाणा

Mauni Amavasya Date: मौनी अमावस्या कब है? तारीख, महत्व और खास वजहें

On: नवम्बर 22, 2025 7:08 पूर्वाह्न
Follow Us:
Mauni Amavasya Date: मौनी अमावस्या कब है? तारीख, महत्व और खास वजहें
Join WhatsApp Group

Mauni Amavasya Date: हिंदू धर्म में मौनी अमावस्या बेहद शुभ और पवित्र दिन माना जाता है। यह तिथि आत्मचिंतन, मौन साधना और गंगा सहित पवित्र नदियों में स्नान के लिए विशेष महत्व रखती है।
2026 में मौनी अमावस्या रविवार, 18 जनवरी 2026 को मनाई जाएगी। इस दिन लाखों श्रद्धालु देशभर के तीर्थों पर स्नान, दान और पूजा-अर्चना करते हैं।

मौनी अमावस्या 2026: तारीख और शुभ समय Mauni Amavasya Date

मौनी अमावस्या 2026 डेट: 18 जनवरी, रविवार

अमावस्या तिथि शुरू: 18 जनवरी, रात 12:03 बजे

अमावस्या तिथि समाप्त: 19 जनवरी, रात 1:21 बजे

इन शुभ समयों में स्नान, दान और मौन व्रत का विशेष फल मिलता है।

अहोई अष्टमी 1 नवंबर को: पूजा के लिए मिलेगा सिर्फ 1 घंटा 18 मिनट, नोट करें शुभ समय | ahoi-ashtami-2026-date-puja-muhurat-vidhi-timings
अहोई अष्टमी 1 नवंबर को: पूजा के लिए मिलेगा सिर्फ 1 घंटा 18 मिनट, नोट करें शुभ समय

मौनी अमावस्या का अर्थ और धार्मिक महत्व

‘मौनी’ शब्द ‘मौन’ से बना है, जिसका मतलब है—मन और वाणी को शांत करके आध्यात्मिक उर्जा को भीतर समेटना।
शास्त्रों के अनुसार, इस दिन मौन व्रत रखने से:

मानसिक शांति बढ़ती है

क्रोध और नकारात्मक विचार कम होते हैं

आत्मबल और एकाग्रता में वृद्धि होती है

यह तिथि कुंभ और अर्धकुंभ पर्व का अहम हिस्सा भी मानी जाती है। प्रयागराज, हरिद्वार और काशी जैसे स्थानों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है।

करवा चौथ की पूजा में कलश के अंदर क्या रखा जाता है? नोट कर लें ये जरूरी बातें | karwa-chauth-kalash-samagri-rules-karwa-vs-lota-difference
करवा चौथ की पूजा में कलश के अंदर क्या रखा जाता है? नोट कर लें ये जरूरी बातें

मौनी अमावस्या पर क्या किया जाता है?

मौन व्रत

शांति और आत्मनियंत्रण के लिए भक्त पूरे दिन मौन रहकर साधना करते हैं।

पवित्र स्नान

हरिद्वार, प्रयागराज के संगम और वाराणसी में स्नान का विशेष महत्व है।
माना जाता है कि इस दिन स्नान करने से पापों का क्षय होता है।

दान-पुण्य
तिल, कंबल, भोजन और जल का दान अत्यंत शुभ माना गया है।

घर के अंदर या बाहर? दिवाली पर मां लक्ष्मी के पदचिह्न स्थापित करने की सही जगह जानिए | diwali-2026-lakshmi-charan-paduka-direction-rules-main-door-vastu
घर के अंदर या बाहर? दिवाली पर मां लक्ष्मी के पदचिह्न स्थापित करने की सही जगह जानिए

ध्यान और मंत्रजप
भक्ति-भाव से जप और ध्यान करने से आध्यात्मिक उर्जा बढ़ती है।

मौनी अमावस्या का पौराणिक महत्व

पुराणों में लिखा है कि मौनी अमावस्या के दिन ही ब्रह्मा जी ने सृष्टि की रचना करने का संकल्प लिया था।
इसके अलावा, गंगा स्नान को मोक्ष प्रदान करने वाला माना गया है।
प्रयागराज में इस दिन लाखों की संख्या में श्रद्धालु संगम पर आस्था की डुबकी लगाते हैं।

मोनिका गुप्ता

मोनिका गुप्ता एक अनुभवी लेखिका हैं, जो पिछले 10 वर्षों से लाइफस्टाइल, एंटरटेनमेंट, ट्रेंडिंग टॉपिक्स और राशिफल पर हिंदी में आकर्षक और जानकारीपूर्ण लेख लिख रही हैं। उनकी रचनाएं पाठकों को दैनिक जीवन की सलाह, मनोरंजन की दुनिया की झलक, वर्तमान ट्रेंड्स की गहराई और ज्योतिषीय भविष्यवाणियों से जोड़ती हैं। मोनिका जी का लेखन सरल, रोचक और प्रासंगिक होता है, जो लाखों पाठकों को प्रेरित करता है। वे विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और न्यूज़ पोर्टल्स (Haryananewspost.com) पर सक्रिय हैं, जहाँ उनकी कलम से निकले लेख हमेशा चर्चा का विषय बन जाते हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment