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Mobile Phone Eye Damage: मोबाइल स्क्रीन से आंखों को खतरा! नई रिसर्च में चौंकाने वाला खुलासा, बचने के लिए करें ये उपाय!

On: अगस्त 19, 2025 2:43 अपराह्न
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Mobile Phone Eye Damage: Mobile screen is dangerous for eyes! New research reveals shocking facts, follow these measures to avoid it!: नई दिल्ली | आजकल स्मार्टफोन हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। सोशल मीडिया रील्स, वीडियो और ई-बुक्स में घंटों बिताना आम बात हो गई है।

लेकिन क्या आप जानते हैं कि मोबाइल की स्क्रीन पर ज्यादा समय बिताना आपकी आंखों के लिए कितना खतरनाक हो सकता है? हाल ही में हुई एक रिसर्च ने बताया कि लगातार एक घंटे तक मोबाइल स्क्रीन देखने से आंखों में थकान और कई गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। आइए, इस रिसर्च के बारे में विस्तार से जानते हैं।

मोबाइल स्क्रीन का आंखों पर असर Mobile Phone Eye Damage

जर्नल ऑफ आई मूवमेंट रिसर्च में प्रकाशित एक अध्ययन के मुताबिक, मोबाइल स्क्रीन देखने से आंखों की थकान सिर्फ समय पर नहीं, बल्कि देखे जाने वाले कंटेंट पर भी निर्भर करती है।

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एसआरएम इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के शोधकर्ताओं ने बताया कि किताब पढ़ने या वीडियो देखने की तुलना में सोशल मीडिया रील्स देखने से आंखों की पुतली में ज्यादा बदलाव होते हैं। लगातार 20 मिनट से ज्यादा मोबाइल इस्तेमाल करने से शारीरिक और मानसिक सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है, जिसमें मानसिक तनाव भी शामिल है।

ब्लू लाइट का खतरा

मोबाइल और अन्य डिजिटल डिवाइस से निकलने वाली ब्लू लाइट लंबे समय तक देखने से आंखों में थकान, नींद की परेशानी और देखने से जुड़ी समस्याएं पैदा करती है। वैज्ञानिकों ने एक सस्ता और पोर्टेबल सिस्टम बनाया, जो आंखों की गतिविधियों को मापता है।

इस सिस्टम से पता चला कि एक मिनट में आप कितनी बार पलकें झपकाते हैं, दो पलकों के बीच कितना समय लगता है, और पुतली का आकार कैसे बदलता है। यह माप मोबाइल पर किताब पढ़ने, वीडियो और रील्स देखने के दौरान की गई।

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रील्स क्यों हैं ज्यादा खतरनाक?

शोधकर्ताओं ने खुलासा किया कि सोशल मीडिया रील्स में स्क्रीन की रोशनी और चमक बार-बार बदलती रहती है। इससे आंख की पुतली बार-बार सिकुड़ती और फैलती है, जिसके कारण पलकें कम झपकती हैं।

कम पलक झपकने से आंखों में सूखापन और थकान बढ़ती है। शोध में 60% लोगों ने बताया कि लंबे समय तक मोबाइल चलाने से उन्हें आंखों में थकान, गर्दन दर्द और हाथों में थकान हुई। वहीं, 83% लोगों ने चिंता, नींद की दिक्कत और मानसिक थकावट जैसी समस्याओं का सामना किया।

समस्याओं से बचाव के उपाय

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इन परेशानियों से बचने के लिए 40% लोगों ने ब्लू लाइट फिल्टर या डार्क मोड का इस्तेमाल शुरू किया। शोधकर्ताओं का कहना है कि मोबाइल का कम इस्तेमाल, समय-समय पर ब्रेक लेना और ब्लू लाइट प्रोटेक्शन चश्मे का उपयोग आंखों को स्वस्थ रखने में मदद कर सकता है। अगर आप भी मोबाइल पर ज्यादा समय बिताते हैं, तो इन उपायों को अपनाकर अपनी आंखों और सेहत की रक्षा करें।

अमनदीप सिंह

अमनदीप सिंह एक समर्पित और अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 10 वर्षों से मौसम और कृषि से संबंधित खबरों पर गहन और जानकारीपूर्ण लेख लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ मौसम के पूर्वानुमान, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और कृषि क्षेत्र की नवीनतम तकनीकों, योजनाओं और चुनौतियों को उजागर करती हैं, जो किसानों और ग्रामीण समुदायों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। अमनदीप का लेखन सरल, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित है, जो कृषि समुदाय को बेहतर निर्णय लेने में मदद करता है।

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