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Mokshada Ekadashi date: मोक्षदा एकादशी कब है? जानें तारीख, व्रत का समय और खास महत्व

On: November 21, 2025 9:39 AM
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Mokshada Ekadashi date: मोक्षदा एकादशी कब है? जानें तारीख, व्रत का समय और खास महत्व
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Mokshada Ekadashi date 2025 November: हिंदू पंचांग में एकादशी व्रत का अपना विशिष्ट महत्व है। साल भर में कुल 24 एकादशियां आती हैं, लेकिन मोक्षदा एकादशी को सबसे पावन और शुभ माना जाता है। यह व्रत मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि पर रखा जाता है और इसे भगवान श्रीविष्णु को समर्पित किया जाता है। मान्यता है कि इस दिन किए गए व्रत और पूजा से न केवल साधक को, बल्कि उनके पूर्वजों को भी मोक्ष की प्राप्ति होती है।

मोक्षदा एकादशी 2025 की तारीख और समय Mokshada Ekadashi date

द्रिक पंचांग के अनुसार मोक्षदा एकादशी 2025,
1 दिसंबर (सोमवार) को मनाई जाएगी।

एकादशी तिथि शुरू — 30 नवंबर, रविवार रात 09:29 बजे
एकादशी तिथि समाप्त — 1 दिसंबर, सोमवार शाम 07:01 बजे

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इस प्रकार मोक्षदा एकादशी का व्रत 1 दिसंबर, सोमवार को रखा जाएगा।

मोक्षदा एकादशी 2025 का पारण
पारण तिथि: 2 दिसंबर 2025 (मंगलवार)
पारण का समय: सुबह 06:57 बजे से 09:03 बजे तक

मोक्षदा एकादशी का महत्व

मोक्षदा एकादशी को गीता जयंती भी कहा जाता है। मान्यता है कि इसी दिन भगवान श्रीकृष्ण ने कुरुक्षेत्र में अर्जुन को भगवद्गीता का उपदेश दिया था। इस व्रत से पापों का क्षय होता है, पूर्वजों को मोक्ष की प्राप्ति होती है और जीवन में शांति, स्थिरता और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है। घर-परिवार में सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है।

मोक्षदा एकादशी व्रत कैसे करें

ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और भगवान विष्णु के सामने व्रत का संकल्प लें।
पीले या सफेद वस्त्र पहनें और भगवान विष्णु की पूजा में तुलसी दल, पीले पुष्प, धूप-दीप व नैवेद्य अर्पित करें।
इस दिन ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का 108 बार जप अत्यंत शुभ माना गया है।

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एकादशी व्रत के नियम

इस दिन अन्न, चावल, दाल व तामसिक भोजन का त्याग करना चाहिए।
फलाहार, दूध, साबूदाना और सूखे मेवे का सेवन किया जा सकता है।
दिनभर विष्णु भक्तिभाव, कथा-श्रवण और ध्यान करें।
झूठ, निंदा, क्रोध और हिंसा से दूर रहें।

भगवद्गीता का पाठ और विष्णु सहस्रनाम जप अत्यंत पुण्यदायी माना गया है।
मोक्षदा एकादशी पर अन्न, वस्त्र, चारा आदि दान करना भी शुभ होता है।

मोक्षदा एकादशी सिर्फ पूजा-पाठ का अवसर ही नहीं, बल्कि आत्म-विकास, पितृकल्याण और आध्यात्मिक उन्नति का महत्त्वपूर्ण दिन माना जाता है।

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मोनिका गुप्ता

मोनिका गुप्ता एक अनुभवी लेखिका हैं, जो पिछले 10 वर्षों से लाइफस्टाइल, एंटरटेनमेंट, ट्रेंडिंग टॉपिक्स और राशिफल पर हिंदी में आकर्षक और जानकारीपूर्ण लेख लिख रही हैं। उनकी रचनाएं पाठकों को दैनिक जीवन की सलाह, मनोरंजन की दुनिया की झलक, वर्तमान ट्रेंड्स की गहराई और ज्योतिषीय भविष्यवाणियों से जोड़ती हैं। मोनिका जी का लेखन सरल, रोचक और प्रासंगिक होता है, जो लाखों पाठकों को प्रेरित करता है। वे विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और न्यूज़ पोर्टल्स (Haryananewspost.com) पर सक्रिय हैं, जहाँ उनकी कलम से निकले लेख हमेशा चर्चा का विषय बन जाते हैं।

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