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Muharram Ashura ki namaz: आशूरा की नमाज, 10 मुहर्रम की दुआ और नमाज का सही तरीका जानें!

On: जुलाई 6, 2025 12:30 अपराह्न
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Muharram Ashura ki namaz: आशूरा की नमाज, 10 मुहर्रम की दुआ और नमाज का सही तरीका जानें!
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Muharram Ashura ki namaz ka tarika ashura ki namaz kaise padhe and dua in hindi Ashura ki dua in hindi yome ashura ki namaz ka tarika time: मुहर्रम का दसवां दिन, यानी यौम-ए-आशूरा, हर मुसलमान के लिए बेहद खास और फजीलत भरा होता है। यह दिन कर्बला के शहीदों, खासकर हजरत हुसैन (र.अ.) की याद में मातम, मजलिस, और इबादत का दिन है। आशूरा की रात और दिन में पढ़ी जाने वाली नमाज और दुआएं आपके दिल को सुकून देती हैं और अल्लाह की रहमत को करीब लाती हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आशूरा की नमाज का सही तरीका क्या है? और इस दिन की दुआ कैसे पढ़ी जाती है? अगर नहीं, तो चिंता न करें! हम आपके लिए लाए हैं 10 मुहर्रम की नमाज और दुआ का पूरा तरीका, जो आपकी इबादत को और आसान बनाएगा। आइए, इस पवित्र दिन की फजीलत को समझें और इबादत के सही तरीके जानें।

Muharram Ashura ki namaz: आशूरा की नमाज

आशूरा की नमाज एक नफ्ल इबादत है, जिसे अल्लाह की रजा और बरकत हासिल करने के लिए पढ़ा जाता है। यह नमाज 2, 4, 6, 8 या 12 रकात में पढ़ी जा सकती है। हर 2 रकात पर सलाम फेरना जरूरी है। इस नमाज में सूरह फातिहा के बाद तीन बार सूरह इखलास (कुल्हुवल्लाहु अहद) पढ़ी जाती है। यह नमाज गुनाहों की माफी, रहमत, और अल्लाह की करीबी के लिए अदा की जाती है। 10 मुहर्रम को सूरज निकलने के बाद से असर की नमाज से पहले तक इसे पढ़ा जा सकता है। इस नमाज का समय और तरीका आसान है, बस नियत और दिल की सच्चाई चाहिए।

नमाज की नियत और तरीका

आशूरा की नमाज शुरू करने से पहले नियत करना जरूरी है। 2 रकात की नियत इस तरह करें: “नियत की मैंने 2 रकात नमाज आशूरा की नफ्ल, वास्ते अल्लाह तआला के, मुंह मेरा काबा शरीफ की तरफ, अल्लाहु अकबर।” 4 रकात के लिए भी यही नियत, बस रकात की संख्या बदलें। पहली रकात में सना, अउजुबिल्लाह, बिस्मिल्लाह, सूरह फातिहा, और तीन बार सूरह इखलास पढ़ें। फिर रुकू, सज्दा, और दूसरी रकात का क्रम वही रखें। दूसरी रकात के बाद तशह्हुद, दुरूदे इब्राहीम, और दुआए मसूरा पढ़कर सलाम फेरें। हर दो रकात के बाद 70 बार तस्बीह पढ़ें: “सुब्हानल्लाहि वल हम्दु लिल्लाहि व ला इलाहा इल्लल्लाहु वल्लाहु अकबर।”

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9 मुहर्रम की रात की खास नमाज

9 मुहर्रम की रात, यानी शब-ए-आशूरा, भी इबादत के लिए खास है। इस रात 4 रकात नमाज एक सलाम के साथ पढ़ें। हर रकात में सूरह फातिहा के बाद एक बार आयतुल कुर्सी और तीन बार सूरह इखलास पढ़ें। नमाज के बाद 100 बार सूरह इखलास पढ़ना फजीलत भरा है। यह नमाज मगरिब के बाद से ईशा तक या ईशा के बाद पढ़ी जा सकती है। इस रात की इबादत आपके दिल को सुकून देगी और कर्बला के शहीदों की याद को ताजा करेगी। इस नमाज को अदा करने से पहले दिल से नियत करें और अल्लाह की बारगाह में अपनी दुआएं पेश करें।

आशूरा की दुआ

आशूरा की दुआ यौम-ए-आशूरा का अहम हिस्सा है। यह दुआ हजरत हुसैन और कर्बला के शहीदों की याद में पढ़ी जाती है। दुआ का एक हिस्सा है: “या क़ाबिल तौबति आदम यौम आशूरा, या फारिजा करबी जिन्नूनी यौम आशूरा…” यह दुआ अल्लाह की रहमत, गुनाहों की माफी, और दुनियावी-आखिरती हाजतों के लिए पढ़ी जाती है। दुआ पढ़ते समय दिल से कर्बला के शहीदों को याद करें और अल्लाह से सलामती मांगें। इस दुआ को 10 मुहर्रम के दिन या 9 मुहर्रम की रात में पढ़ा जा सकता है। इसे पढ़ने से पहले वुजू करें और शांत जगह पर बैठें।

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इस दिन की फजीलत

आशूरा का दिन सिर्फ इबादत का ही नहीं, बल्कि गम और मातम का भी दिन है। इस दिन मुसलमान कर्बला की शहादत को याद करते हैं। नमाज और दुआ के साथ-साथ मातम और मजलिस में शामिल हों। खान-पान का ध्यान रखें और सूर्योदय-सूर्यास्त के समय नमाज से बचें। इस दिन की इबादत में सच्चाई और खुलूस जरूरी है। शनि चालीसा का पाठ करें, जैसा कि सुझाया गया है, ताकि आपकी दुआएं और इबादत कबूल हों। इस दिन का सदका करें, जैसे कि मिठाई या खाना दान करना, जो आपकी इबादत को और फजीलत देगा।

आशूरा की नमाज 2025 और 10 मुहर्रम की दुआ इस्लामी कैलेंडर के पवित्र दिन यौम-ए-आशूरा का अहम हिस्सा हैं। यह दिन कर्बला की शहादत और हजरत हुसैन (र.अ.) की याद में मनाया जाता है। नफ्ल नमाज 2 से 12 रकात तक पढ़ी जा सकती है, जिसमें सूरह इखलास और तस्बीह शामिल हैं। 9 मुहर्रम की रात की विशेष नमाज और आशूरा की दुआ अल्लाह की रहमत के लिए पढ़ी जाती है। इस दिन मातम, मजलिस, और सदका करें।

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मोनिका गुप्ता

मोनिका गुप्ता एक अनुभवी लेखिका हैं, जो पिछले 10 वर्षों से लाइफस्टाइल, एंटरटेनमेंट, ट्रेंडिंग टॉपिक्स और राशिफल पर हिंदी में आकर्षक और जानकारीपूर्ण लेख लिख रही हैं। उनकी रचनाएं पाठकों को दैनिक जीवन की सलाह, मनोरंजन की दुनिया की झलक, वर्तमान ट्रेंड्स की गहराई और ज्योतिषीय भविष्यवाणियों से जोड़ती हैं। मोनिका जी का लेखन सरल, रोचक और प्रासंगिक होता है, जो लाखों पाठकों को प्रेरित करता है। वे विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और न्यूज़ पोर्टल्स (Haryananewspost.com) पर सक्रिय हैं, जहाँ उनकी कलम से निकले लेख हमेशा चर्चा का विषय बन जाते हैं।

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