Nag Panchami 2025 ke din gudiya kyo piti jati hai: नाग पंचमी का त्योहार हर साल सावन मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस साल 2025 में यह पर्व 29 जुलाई को मनाया जाएगा।
इस दिन देशभर में नाग देवता की पूजा होती है, लेकिन कुछ जगहों पर एक अनोखी परंपरा भी निभाई जाती है, जिसे “गुड़िया पर्व” कहते हैं। इस परंपरा में बहनें कपड़े की गुड़िया बनाकर उसे सड़क पर रखती हैं, और फिर भाई उस गुड़िया को डंडे से पीटते हैं।
लेकिन आखिर क्यों निभाई जाती है यह परंपरा? इसके पीछे की कहानी क्या है? आइए जानते हैं इस अनोखी रस्म की पौराणिक कथा और इसका महत्व।
Nag Panchami 2025: गुड़िया पीटने की परंपरा
एक पुरानी कथा के अनुसार, एक लड़का भगवान शिव का बहुत बड़ा भक्त था और रोज मंदिर जाकर उनकी पूजा करता था। उसे हर दिन मंदिर में नाग देवता के दर्शन होते थे। एक बार सावन के महीने में वह अपनी बहन के साथ शिवलिंग की पूजा करने गया।
पूजा से खुश होकर नाग देवता भाई-बहन के पास आकर बैठ गए। यह देखकर लड़के की बहन डर गई और उसने सांप को अपने भाई से बचाने के लिए डंडे से पीटना शुरू कर दिया। इससे सांप बुरी तरह घायल हो गया।
भाई को सांप की हालत देखकर बहुत दुख हुआ। मंदिर के पुजारी ने बताया कि बहन के इस कृत्य से उसे सर्प दोष लग गया है, जिसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
भाई ने इस दोष से मुक्ति का उपाय पूछा, तो पुजारी ने कपड़े की गुड़िया बनाने और उसे 11 बार सीधा और 11 बार उल्टा पीटने के बाद जमीन में गाड़ने का सुझाव दिया। भाई ने ऐसा ही किया और सांप की पूजा की।
इसके बाद उसकी बहन को सर्प दोष से मुक्ति मिल गई। तभी से नाग पंचमी पर गुड़िया पीटने की यह परंपरा शुरू हुई, ताकि नाग देवता को कोई कष्ट न पहुंचे।













