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Pitru Paksha non-veg ban: पितृपक्ष में नॉनवेज खाने से क्यों डरें? जानें पितरों को नाराज करने का धार्मिक रहस्य!

On: सितम्बर 3, 2025 7:50 अपराह्न
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Pitru Paksha non-veg ban: पितृपक्ष में नॉनवेज खाने से क्यों डरें? जानें पितरों को नाराज करने का धार्मिक रहस्य!
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Pitru Paksha non-veg ban, चंडीगढ़ : पितृपक्ष का समय हिंदू धर्म में बेहद खास माना जाता है। यह 15 दिन पितरों की आत्मा की शांति के लिए समर्पित हैं, जिसमें पिंडदान, तर्पण और श्राद्ध किए जाते हैं। इस बार पितृपक्ष 7 सितंबर से शुरू होकर 21 सितंबर तक चलेगा। इस दौरान न कोई शुभ कार्य होता है, न ही मांगलिक आयोजन। साथ ही, खान-पान को लेकर भी सख्त नियम हैं। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, इन नियमों का पालन न करने से पितर नाराज हो सकते हैं और पितृदोष लगने का खतरा रहता है। आइए जानते हैं, पितृपक्ष में नॉनवेज खाना क्यों है मना।

क्या श्राद्ध में नॉनवेज खाना गलत है?

पितृपक्ष में नॉनवेज खाना पूरी तरह वर्जित है। मांस, मछली, अंडे जैसी तामसिक चीजों का सेवन इस दौरान नहीं करना चाहिए। लेकिन ऐसा क्यों? इसका जवाब धार्मिक और आध्यात्मिक मान्यताओं में छिपा है। इस लेख में हम आपको बताएंगे कि पितृपक्ष में नॉनवेज से परहेज क्यों जरूरी है।

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नॉनवेज क्यों है वर्जित?

पितृपक्ष को आध्यात्मिक शुद्धता का समय माना जाता है। इस दौरान मांस, मछली, शराब या अन्य तामसिक भोजन खाने से बचना चाहिए। मान्यता है कि ऐसा करने से पितरों की आत्मा नाराज हो सकती है, जिससे जीवन में नकारात्मक प्रभाव पड़ सकते हैं। इसीलिए इस समय शाकाहारी और सात्विक भोजन को अपनाने की सलाह दी जाती है, ताकि पितरों का आशीर्वाद मिले।

पितृदोष का डर

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गया सहित देशभर में पितृपक्ष के दौरान नॉनवेज, प्याज, लहसुन और शराब जैसे तामसिक भोजन से परहेज किया जाता है। यह परंपरा पितरों के सम्मान और उनकी आत्मा की शांति के लिए है। मान्यता है कि नॉनवेज खाने से पितृदोष लग सकता है, जिससे जीवन में परेशानियां जैसे आर्थिक तंगी, स्वास्थ्य समस्याएं या अन्य रुकावटें आ सकती हैं।

तामसिक भोजन से क्यों बचें?

मांस, मछली और अंडे तामसिक प्रकृति के माने जाते हैं, जो आध्यात्मिक शुद्धता को प्रभावित करते हैं। पितृपक्ष में शुद्ध और सात्विक भोजन अपनाने से आध्यात्मिक वातावरण बना रहता है। यह समय पितरों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता दिखाने का होता है, और नॉनवेज से परहेज इसका हिस्सा है। साथ ही, मसूर दाल, चना और ज्यादा मसालेदार भोजन से भी बचना चाहिए।

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नोट: यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है। हरियाणा न्यूज पोस्ट इसकी पुष्टि नहीं करता।

अमित गुप्ता

पत्रकारिता में पिछले 30 वर्षों का अनुभव। दैनिक भास्कर, अमर उजाला में पत्रकारिता की। दैनिक भास्कर में 20 वर्षों तक काम किया। अब अपने न्यूज पोर्टल हरियाणा न्यूज पोस्ट (Haryananewspost.com) पर बतौर संपादक काम कर रहा हूं। खबरों के साथ साथ हरियाणा के हर विषय पर पकड़। हरियाणा के खेत खलियान से राजनीति की चौपाल तक, हरियाणा सरकार की नीतियों के साथ साथ शहर के विकास की बात हो या हर विषयवस्तु पर लिखने की धाकड़ पकड़। म्हारा हरियाणा, जय हरियाणा।

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