Poems for Teachers in Hindi: Remember your teacher through these poems, these lines will win your heart!: नई दिल्ली| शिक्षक सिर्फ किताबी ज्ञान देने वाला नहीं होता, बल्कि वह एक मार्गदर्शक, दोस्त और प्रेरणा का स्रोत होता है। वे हमें न सिर्फ पढ़ाई, बल्कि अच्छे संस्कार और सही दिशा की सीख देते हैं।
शिक्षकों का योगदान शब्दों में बयां करना मुश्किल है, लेकिन कई कवियों ने अपनी कविताओं के जरिए गुरुओं की महिमा को खूबसूरती से व्यक्त किया है। शिक्षक दिवस 2025 के मौके पर आइए पढ़ते हैं कुछ ऐसी ही भावपूर्ण हिंदी कविताएँ, जो आपके शिक्षकों को समर्पित हैं।
शिक्षक पर कविता
गुरु की महिमा
गुरु की महिमा निशि-दिन गाएं,
हर दम उनको शीश नवाएं।
जीवन में उजियारा भर लें,
अंधकार को मार भगाएं।
सत्य मार्ग पर चलना बच्चों,
गुरुदेव हमको सिखलाएं।
पर्यावरण बिगड़ न पाए,
धरती पर हम वृक्ष लगाएं।
पानी अमृत है धरती का,
बूंद-बूंद हम रोज बचाएं।
सिर्फ जिएं न अपनी खातिर,
काम दूसरों के भी आएं।
मात, पिता, गुरु, राष्ट्र की सेवा,
यह संकल्प सदा दोहराएं।
बातें मानें गुरुदेव की,
अपना जीवन सफल बनाएं।
घनश्याम मैथिल
शिक्षकों पर प्रसिद्ध कविताएँ
अमृत वाणी
गुरु आपकी ये अमृत वाणी,
हमेशा मुझको याद रहे।
जो अच्छा है, जो बुरा है,
उसकी हम पहचान करें।
मार्ग मिले चाहे जैसा भी,
उसका हम सम्मान करें।
दीप जले या अंगारे हों,
पाठ तुम्हारा याद रहे।
अच्छाई और बुराई का,
जब भी हम चुनाव करें।
गुरु आपकी ये अमृत वाणी,
हमेशा मुझको याद रहे।
सुजाता मिश्रा
शिक्षक के लिए छोटी कविता
ज्ञान की ज्योति
ज्ञान की बातें जो सिखलाता,
गुरु हमारा वह कहलाता।
ज्ञान दीप की ज्योति देकर,
अंधकार को दूर भगाता।
संस्कार सिखलाए गुरु जी,
बड़ों का मान बतलाए गुरु जी।
अनुशासन भी वो सिखलाते,
त्याग समर्पण वह बतलाते।
सबको ज्ञान बांटते जाते,
अपना ज्ञान बढ़ाते जाते।
उनकी ताकत होती कलम,
कलम नहीं किसी से कम।
विद्यालय है घर जैसा,
हम सब उनके बच्चे जैसे।
एक साथ रहना बतलाए,
सबसे स्नेह करना सिखलाए।
उनके चरण कमल को मैं,
सत-सत नमन करती जाऊं।
ज्ञान दीप की ज्योति लेकर,
उनका मैं गौरव बन जाऊं।
धारणी सोनवानी
शिक्षक: शिक्षा की ज्योति
शिक्षा की ज्योति
जो हैं अटके, भूले-भटके,
उनको राह दिखाएंगे।
ज्ञान-विज्ञान संस्कार सिखा,
शिक्षा जोत जलाएंगे।
शिक्षक हैं हम,
शिक्षा की ज्योति जलाएंगे।
देश-धर्म और जात-पात से,
हम ऊपर उठ जाएंगे।
समता का नवगीत रचेंगे,
ज्ञान का अलख जगाएंगे।
शिक्षक हैं हम,
शिक्षा की ज्योति जलाएंगे।
छूट गए जो अंधियारे में,
अब अलग नहीं रह पाएंगे।
शिक्षा के अमर उजाले में,
उनको भी हम लाएंगे।
शिक्षक हैं हम,
शिक्षा की ज्योति जलाएंगे।
खेल-खेल में पढ़ना होगा,
ढंग नए अपनाएंगे।
महक उठेगा सबका जीवन,
सब बच्चे मुस्काएंगे।
शिक्षक हैं हम,
शिक्षा की ज्योति जलाएंगे।
अज्ञात
गुरु का महत्व
ज्ञान की किरणें
अज्ञान को ज्ञान की ज्योति दिखा कर,
अंधेरों को रौशनी का रास्ता दिखा कर।
ये गुरु है जो ज्ञान की किरणें फैला कर,
शिष्यों का भविष्य उज्जवल बनाते हैं।
सफलता के राह पर चलना सिखाकर,
हमें कामयाबियों के शिखर पर पहुंचाते हैं।
जीवन को जीने की दिशा दे कर,
हम सबको गुरु ही सफल बनाता है।
ये कविताएँ शिक्षकों के अनमोल योगदान को बयां करती हैं, जो न सिर्फ हमें पढ़ाते हैं, बल्कि जीवन की सही राह दिखाते हैं। शिक्षक दिवस 2025 पर इन कविताओं को अपने गुरुओं को समर्पित करें और उनके प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करें। अगर आप अपने शिक्षक के लिए कोई खास कविता गिफ्ट करना चाहते हैं, तो ये पंक्तियाँ आपके लिए परफेक्ट हैं।












