ब्रेकिंग न्यूज़मौसमक्रिकेटऑटोमनोरंजनअपराधट्रेंडिंगकृषिलाइफस्टाइलराशिफलहरियाणा

Pradosh Vrat December: दिसंबर 2025 का प्रदोष व्रत: सही तारीख, मुहूर्त, पूजा-विधि और महत्व

On: December 2, 2025 8:25 AM
Follow Us:
Pradosh Vrat December: दिसंबर 2025 का प्रदोष व्रत: सही तारीख, मुहूर्त, पूजा-विधि और महत्व
Join WhatsApp Group

Pradosh Vrat December: दिसंबर 2025 के प्रदोष व्रत की सही तारीख, शुभ मुहूर्त, सरल पूजा-विधि और इसका धार्मिक महत्व जानें। शास्त्रों व विशेषज्ञों की राय के साथ पूरा मार्गदर्शन।

मार्गशीर्ष महीने का प्रदोष व्रत इस बार भक्तों के लिए थोड़ा उलझन पैदा कर रहा है। वजह है—त्रयोदशी तिथि का दो दिनों में फैलना। कई लोग यह समझ नहीं पा रहे कि व्रत 2 दिसंबर को रखना चाहिए या 3 दिसंबर को। ऐसे में शास्त्रों के आधार पर सही दिन क्या है, जानना ज़रूरी हो जाता है।

धार्मिक मान्यताओं में प्रदोष व्रत को शिव उपासना का सबसे शक्तिशाली एवं सरल माध्यम माना गया है। ज्योतिष विशेषज्ञों के अनुसार, यह व्रत मन की शुद्धि, जीवन की स्थिरता और सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाने वाला माना जाता है।

इस बार प्रदोष व्रत कब रखा जाएगा? Pradosh Vrat December

मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि 2 दिसंबर 2025 दोपहर 3:57 बजे से शुरू होकर 3 दिसंबर दोपहर 12:25 बजे तक चलती है।
शास्त्रों में प्रदोष व्रत का निर्धारण प्रदोष काल (सूर्यास्त के आसपास का समय) में त्रयोदशी तिथि की उपस्थिति के आधार पर किया जाता है, न कि उदया तिथि से।

2 दिसंबर की शाम को प्रदोष काल के दौरान त्रयोदशी तिथि विद्यमान रहेगी, इसलिए व्रत 2 दिसंबर 2025, मंगलवार के दिन ही रखा जाएगा।

मंगलवार को आने वाला प्रदोष भौम प्रदोष कहलाता है, जिसे साहस, ऊर्जा और बाधाओं से मुक्ति प्रदान करने वाला माना गया है।

धार्मिक शोधकर्ता और कर्मकांड विशेषज्ञ पं. विनीत भट्ट के अनुसार, “भौम प्रदोष व्यक्ति की कार्यक्षमता बढ़ाता है, मानसिक अवरोध दूर करता है और प्रगति की राह खोलता है। वर्ष के अंतिम महीने में यह व्रत नई योजनाओं की शुरुआत के लिए शुभ माना जाता है।”

प्रदोष काल का शुभ मुहूर्त

दिल्ली समेत अधिकांश उत्तर भारतीय क्षेत्रों के लिए 2 दिसंबर 2025 को प्रदोष काल का समय:

40 की उम्र के बाद महिलाओं में क्यों बिगड़ता है हार्मोनल संतुलन? एक्सपर्ट ने बताए 5 सुपरफूड्स
40 की उम्र के बाद महिलाओं में क्यों बिगड़ता है हार्मोनल संतुलन? एक्सपर्ट ने बताए 5 सुपरफूड्स

शाम 5:33 बजे से रात 8:15 बजे तक

इसी अवधि को शिव पूजा, जलाभिषेक और आराधना के लिए सर्वश्रेष्ठ माना गया है।

कैसे करें प्रदोष व्रत की पूजा? (सरल विधि)
प्रदोष व्रत के नियम बेहद सहज हैं, लेकिन श्रद्धा और शांति की भावना सबसे महत्वपूर्ण मानी जाती है।

सुबह के कर्म

स्नान व पूजा स्थल की सफाई

सूर्यदेव को जल अर्पण

व्रत-संकल्प

सायंकालीन पूजा
प्रदोष काल में शिव-पार्वती की प्रतिमा या शिवलिंग स्थापित करें

गंगाजल, दूध, बेलपत्र, धतूरा, अक्षत, चंदन और सफेद फूल चढ़ाएँ

Banana Peel Beauty Hack: दाग-धब्बों और झुर्रियों पर कितना असरदार है यह ट्रेंड
Banana Peel Beauty Hack: दाग-धब्बों और झुर्रियों पर कितना असरदार है यह ट्रेंड

देसी घी का दीप प्रज्वलित करें

‘ॐ नमः शिवाय’, महामृत्युंजय मंत्र, शिव चालीसा या रुद्राष्टक का पाठ

फल, खीर या हल्का प्रसाद चढ़ाकर व्रत कथा सुनें

आरती के साथ पूजा पूर्ण करें

विशेषज्ञों के अनुसार, इस व्रत में मन की नीयत और संकल्प सबसे प्रभावी माने जाते हैं।

प्रदोष व्रत क्यों माना जाता है खास?

धर्मशास्त्रों और पुराणों के अनुसार, प्रदोष व्रत कई प्रकार के आध्यात्मिक और मानसिक लाभ प्रदान करता है:

नकारात्मक विचार और भय कम होते हैं

दांपत्य और पारिवारिक संबंधों में सामंजस्य बढ़ता है

नौकरी, बिज़नेस और करियर में स्थिरता आती है

Mouth Ulcers : क्या पेट की गर्मी और पानी की कमी से हो रहे हैं मुंह में छाले? जानें राहत पाने के उपाय
Mouth Ulcers : क्या पेट की गर्मी और पानी की कमी से हो रहे हैं मुंह में छाले? जानें राहत पाने के उपाय

स्वास्थ्य एवं मानसिक संतुलन में सुधार होता है

कठिन समय में सुरक्षा और मार्गदर्शन का अनुभव होता है

साल के अंत में आने वाला यह प्रदोष व्रत आने वाले नए वर्ष के लिए शुभ शुरुआत का अवसर माना जाता है।

डिस्क्लेमर
यह जानकारी पारंपरिक मान्यताओं और धार्मिक विश्वासों पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल सामान्य जानकारी देना है।

मोनिका गुप्ता

मोनिका गुप्ता एक अनुभवी लेखिका हैं, जो पिछले 10 वर्षों से लाइफस्टाइल, एंटरटेनमेंट, ट्रेंडिंग टॉपिक्स और राशिफल पर हिंदी में आकर्षक और जानकारीपूर्ण लेख लिख रही हैं। उनकी रचनाएं पाठकों को दैनिक जीवन की सलाह, मनोरंजन की दुनिया की झलक, वर्तमान ट्रेंड्स की गहराई और ज्योतिषीय भविष्यवाणियों से जोड़ती हैं। मोनिका जी का लेखन सरल, रोचक और प्रासंगिक होता है, जो लाखों पाठकों को प्रेरित करता है। वे विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और न्यूज़ पोर्टल्स (Haryananewspost.com) पर सक्रिय हैं, जहाँ उनकी कलम से निकले लेख हमेशा चर्चा का विषय बन जाते हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment