Sawan Shiva Bhajan 2025 Make Lord Shiva happy with ‘Har Har Bhole Namah Shivay’: सावन शिव भजन 2025 के साथ भगवान शिव की भक्ति में डूबने का समय आ गया है! सावन का पवित्र महीना भोलेनाथ के भक्तों के लिए किसी उत्सव से कम नहीं।
इस महीने हर मंगलवार और सोमवार को शिवलिंग पर जल और बेलपत्र चढ़ाने के साथ-साथ भजन गाने से मन को सुकून मिलता है। ‘हर हर भोले नमः शिवाय’ भजन न सिर्फ़ लोकप्रिय है, बल्कि इसे गुनगुनाते ही आत्मा को शांति और दिल को खुशी मिलती है।
चाहे आप शिव मंदिर में हों या घर पर, यह भजन आपकी भक्ति को और गहरा करेगा। आइए, इस सावन में भोलेनाथ के इस चमत्कारी भजन की महिमा और महत्व को जानें।
Sawan Shiva Bhajan: शिव भजन का महत्व
सावन में भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व है। इस महीने भोलेनाथ अपने भक्तों पर जल्दी प्रसन्न होते हैं। ‘हर हर भोले नमः शिवाय’ भजन गाते समय आपकी सारी चिंताएँ हवा हो जाती हैं।
यह भजन ॐ नमः शिवाय मंत्र का विस्तार है, जो मन को शांत और आत्मा को पवित्र करता है। सुबह या शाम को शांत माहौल में इस भजन को गाएँ, और शिवलिंग पर जल, बेलपत्र, धूप और सफेद फूल चढ़ाएँ।
यह भजन न सिर्फ़ भक्ति बढ़ाता है, बल्कि तनाव को भी दूर करता है। सावन में इसे अपने परिवार के साथ गाएँ और भोलेनाथ की कृपा पाएँ।
शिव भजन
ॐ नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय
हर हर भोले नमः शिवाय
ॐ नमः शिवाय ॐ नम शिवाय
हर हर भोले नमः शिवाय
महाकालेश्वराय महाकालेश्वराय
हर हर भोले नमः शिवाय
महाकालेश्वराय महाकालेश्वराय
हर हर भोले नमः शिवाय
ॐ नमह शिवाय ॐ नम शिवाय
हर हर भोले नमः शिवाय
ॐ सोमेश्वराय शिव सोमेश्वराय
हर हर भोले नमः शिवाय
ॐ सोमेश्वराय शिव सोमेश्वराय
हर हर भोले नमः शिवाय
ॐ नमह शिवाय ॐ नम शिवाय
हर हर भोले नमः शिवाय
जटाधराय शिव जटाधाराय
हर हर भोले नमः शिवाय
जटाधराय शिव जटाधाराय
हर हर भोले नमः शिवाय
ॐ नमह शिवाय ॐ नम शिवाय
हर हर भोले नमः शिवाय
कोटेश्वराय शिव कोटेश्वराय
हर हर भोले नमः शिवाय
कोटेश्वराय शिव कोटेश्वराय
हर हर भोले नमः शिवाय
ॐ नमह शिवाय ॐ नम शिवाय
हर हर भोले नमः शिवाय
त्रम्भकेशवराय शिव त्रम्भकेशवराय
हर हर भोले नमः शिवाय
त्रम्भकेशवराय शिव त्रम्भकेशवराय
हर हर भोले नमः शिवाय
ॐ नमह शिवाय ॐ नम शिवाय
हर हर भोले नमः शिवाय
ॐ रामेश्वराय शिव रामेश्वराय
हर हर भोले नमः शिवाय
ॐ रामेश्वराय शिव रामेश्वराय
हर हर भोले नमः शिवाय
ॐ नमह शिवाय ॐ नम शिवाय
हर हर भोले नमः शिवाय
ॐ विश्वेश्वराय शिव विश्वेश्वराय
हर हर भोले नमः शिवाय
ॐ विश्वेश्वराय शिव विश्वेश्वराय
हर हर भोले नमः शिवाय
ॐ नमह शिवाय ॐ नम शिवाय
हर हर भोले नमः शिवाय
ॐ भद्रेश्वराय शिव भद्रेश्वराय
हर हर भोले नमः शिवाय
ॐ भद्रेश्वराय शिव भद्रेश्वराय
हर हर भोले नमः शिवाय
ॐ नमह शिवाय ॐ नम शिवाय
हर हर भोले नमः शिवाय
ॐ योगेश्वराय शिव योगेश्वराय
हर हर भोले नमः शिवाय
ॐ योगेश्वराय शिव योगेश्वराय
हर हर भोले नमः शिवाय
ॐ नमह शिवाय ॐ नम शिवाय
हर हर भोले नमः शिवाय
ॐ ममलेश्वराय शिव ममलेश्वराय
हर हर भोले नमः शिवाय
ॐ ममलेश्वराय शिव ममलेश्वराय
हर हर भोले नमः शिवाय
ॐ नमह शिवाय ॐ नम शिवाय
हर हर भोले नमः शिवाय
ॐ भीमेश्वराय शिव भीमेश्वराय
हर हर भोले नमः शिवाय
ॐ भीमेश्वराय शिव भीमेश्वराय
हर हर भोले नमः शिवाय
ॐ नमह शिवाय ॐ नम शिवाय
हर हर भोले नमः शिवाय
ॐ गंगाधाराय शिव गंगाधाराय
हर हर भोले नमः शिवाय
ॐ गंगाधाराय शिव गंगाधाराय
हर हर भोले नमः शिवाय
ॐ नमह शिवाय ॐ नम शिवाय
हर हर भोले नमः शिवाय
ॐ गंगेश्वराय शिव गंगेश्वराय
हर हर भोले नमः शिवाय
ॐ गंगेश्वराय शिव गंगेश्वराय
हर हर भोले नमः शिवाय
ॐ नमह शिवाय ॐ नम शिवाय
हर हर भोले नमः शिवाय
ॐ कामेश्वराय शिव कामेश्वराय
हर हर भोले नमः शिवाय
ॐ कामेश्वराय शिव कामेश्वराय
हर हर भोले नमः शिवाय
ॐ नमः शिवाय ॐ नम शिवाय
हर हर भोले नमः शिवाय
ॐ रुद्रेश्वराय शिव रुद्रेश्वराय
हर हर भोले नमः शिवाय
ॐ रुद्रेश्वराय शिव रुद्रेश्वराय
हर हर भोले नमः शिवाय
ॐ नमः शिवाय ॐ नम शिवाय
हर हर भोले नमः शिवाय
ॐ नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय
हर हर भोले नमः शिवाय
ॐ नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय
हर हर भोले नमः शिवाय
‘हर हर भोले नमः शिवाय’
‘हर हर भोले नमः शिवाय’ भजन की हर पंक्ति भगवान शिव की महिमा को बयान करती है। इस भजन की शुरुआत ॐ नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय से होती है, जो भोलेनाथ के प्रति समर्पण का प्रतीक है। इसे गाते समय भक्त अपने सारे दुख-दर्द भूल जाते हैं।
“हर हर भोले, शंकर मेरे, संकट हर लो, कृपा करो रे” जैसी पंक्तियाँ भक्तों को शिव की शक्ति से जोड़ती हैं। सावन में इस भजन को WhatsApp स्टेटस पर शेयर करें या मंदिर में भक्ति भरे माहौल में गाएँ। यह भजन बच्चों से लेकर बड़ों तक, हर किसी के दिल को छूता है।
भजन गाने का सही तरीका
सावन में शिव भजन का अधिकतम लाभ पाने के लिए कुछ बातों का ध्यान रखें। सुबह स्नान के बाद शांत जगह पर बैठें। रुद्राक्ष की माला लेकर ॐ नमः शिवाय मंत्र का 108 बार जाप करें। इसके बाद ‘हर हर भोले नमः शिवाय’ भजन गाएँ।
अगर आप गाना नहीं चाहते, तो इसे सुनें और भाव में डूबें। भजन गाते समय शिवलिंग पर दूध और जल चढ़ाएँ। बेलपत्र को उल्टा करके अर्पित करें, क्योंकि यह भोलेनाथ को प्रिय है।
इस भजन को अपने दोस्तों और परिवार के साथ शेयर करें, ताकि भक्ति का माहौल और गहरा हो। सावन में यह भजन आपके घर को मंदिर बना देगा।













