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Shiv Panchakshar Stotram lyrics: ॐ नमः शिवाय के पांच अक्षरों का अर्थ, लाभ और पाठ विधि जानें

On: जुलाई 13, 2025 9:44 पूर्वाह्न
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Shiv Panchakshar Stotram lyrics: ॐ नमः शिवाय के पांच अक्षरों का अर्थ, लाभ और पाठ विधि जानें
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Shiv Panchakshar Stotram lyrics in hindi Learn the meaning, benefits and recitation of the five syllables of Om Namah Shivaya Read and share now: शिव पंचाक्षर स्तोत्र वो पवित्र मंत्र है, जो सावन के महीने में हर शिव भक्त के दिल में गूंजता है। ॐ नमः शिवाय – ये पांच अक्षर सिर्फ शब्द नहीं, बल्कि भक्ति, शांति और शक्ति का समंदर हैं। सावन 2025 में, जब हर तरफ भोलेनाथ की जय-जयकार हो रही है, शिव पंचाक्षर स्तोत्र का पाठ आपके मन को शांत और आत्मा को पवित्र कर सकता है। ये स्तोत्र भगवान शिव के पांच गुणों को दर्शाता है और हर अक्षर में छुपी है एक गहरी सीख। आइए, इस स्तोत्र के अर्थ, महत्व और लाभ को समझें और इसे अपने दोस्तों और परिवार के साथ शेयर करें। बम बम भोले!

सावन और शिव की भक्ति

सावन का महीना भगवान शिव का महीना है। इस समय हर भक्त मंदिरों में जल चढ़ाता है और शिव मंत्रों का जाप करता है। शिव पंचाक्षर स्तोत्र इस भक्ति को और गहरा करता है। ये स्तोत्र ॐ नमः शिवाय के पांच अक्षरों की महिमा गाता है, जो जीवन को नई दिशा देते हैं।

Shiv Panchakshar Stotram lyrics: शिव पंचाक्षर स्तोत्र

नागेन्द्रहाराय त्रिलोचनाय
भस्माङ्गरागाय महेश्वराय।
नित्याय शुद्धाय दिगम्बराय
तस्मै नकाराय नमः शिवाय।

मन्दाकिनीसलिलचन्दनचर्चिताय
नन्दीश्वरप्रमथनाथमहेश्वराय।
मन्दारपुष्पबहुपुष्पसुपूजिताय
तस्मै मकाराय नमः शिवाय।

शिवाय गौरीवदनाब्जबृंदा
सूर्याय दक्षाध्वरनाशकाय।
श्रीनीलकण्ठाय वृषध्वजाय
तस्मै शिकाराय नमः शिवाय।

वशिष्ठकुम्भोद्भवगौतमार्यमूनीन्द्र देवार्चिता शेखराय।
चन्द्रार्कवैश्वानरलोचनाय
तस्मै वकाराय नमः शिवाय।

यज्ञस्वरूपाय जटाधराय
पिनाकहस्ताय सनातनाय।
दिव्याय देवाय दिगम्बराय
तस्मै यकाराय नमः शिवाय।

पञ्चाक्षरमिदं पुण्यं यः पठेच्छिवसंनिधौ।
शिवलोकमावाप्नोति शिवेन सह मोदते।

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अर्थ:

नागेन्द्रहाराय: नाग (सर्प) की माला पहनने वाले को,
त्रिलोचनाय: तीन आँखों वाले (जिसकी तीसरी आँख ज्ञान की प्रतीक है) को,
भस्माङ्गरागाय: जिनके शरीर पर भस्म (राख) लगी हुई है,
महेश्वराय: महान ईश्वर को,
नित्याय: जो सदैव हैं (सनातन),
शुद्धाय: जो शुद्ध हैं,
दिगम्बराय: दिशाओं को अपना वस्त्र बनाने वाले को,
तस्मै ‘न’ काराय: ‘न’ अक्षर वाले को (जो ‘नमः शिवाय’ मंत्र का हिस्सा है),
नमः शिवाय: शिव को नमन है।

मन्दाकिनीसलिलचन्दनचर्चिताय: मन्दाकिनी (गंगा) के जल और चंदन से अर्चित (पूजित) होने वाले को,
नन्दीश्वरप्रमथनाथमहेश्वराय: नंदीश्वर (नंदी के ईश्वर) और प्रमथनाथ (भूतों के स्वामी) महेश्वर को,
मन्दारपुष्पबहुपुष्पसुपूजिताय: मंदार पुष्प और अनेक प्रकार के फूलों से सुंदर रूप से पूजित होने वाले को,
तस्मै ‘म’ काराय: ‘म’ अक्षर वाले को (जो ‘नमः शिवाय’ मंत्र का हिस्सा है),
नमः शिवाय: शिव को नमन है।

शिवाय: भगवान शिव को,
गौरीवदनाब्जवृन्द: गौरी (देवी पार्वती) के चेहरे के कमल (वदनाब्ज) के समूह के लिए,
सूर्याय: सूर्य के समान तेजस्वी को,
दक्षाध्वरनाशकाय: दक्ष के यज्ञ का नाश करने वाले को,
श्रीनीलकण्ठाय: जिनका कंठ नीला है (हलाहल विष पीने के कारण),
वृषध्वजाय: जिनका ध्वज (बैनर) बैल (वृषभ) है,
तस्मै ‘शि’ काराय: ‘शि’ अक्षर वाले को (जो ‘नमः शिवाय’ मंत्र का हिस्सा है),
नमः शिवाय: शिव को नमन है।

वशिष्ठकुम्भोद्भवगौतमार्य: वशिष्ठ, अगस्त्य (कुम्भोद्भव) और गौतम जैसे आर्य ऋषियों द्वारा पूजित,
मूनीन्द्रदेवार्चितशेखराय: मुनियों के इंद्र और देवताओं द्वारा अर्चित शेखर (शिरोमणि) को,
चन्द्रार्कवैश्वानरलोचनाय: जिनकी आंखें चंद्र (चांद), सूर्य और अग्नि (वैश्वानर) हैं,
तस्मै ‘व’ काराय: ‘व’ अक्षर वाले को (जो ‘नमः शिवाय’ मंत्र का हिस्सा है),
नमः शिवाय: शिव को नमन है।

यज्ञस्वरूपाय {यक्षस्वरूपाय}: यज्ञ का रूप धारण करने वाले (या यक्ष का रूप धारण करने वाले) को,
जटाधराय: जिनके सिर पर जटा (मटके के रूप में बंधे हुए बाल) है,
पिनाकहस्ताय: जिनके हाथ में पिनाक (धनुष) है,
सनातनाय: जो सनातन (अनन्त और शाश्वत) हैं,
दिव्याय देवाय: दिव्य और देवत्व को,
दिगम्बराय: जो दिगम्बर (आकाश या दिशाओं को अपना वस्त्र बनाने वाले) हैं,
तस्मै ‘य’ काराय: ‘य’ अक्षर वाले को (जो ‘नमः शिवाय’ मंत्र का हिस्सा है),
नमः शिवाय: शिव को नमन है।

पञ्चाक्षरमिदं पुण्यं: यह पवित्र पांच अक्षर (नमः शिवाय),
यः पठेच्छिवसंनिधौ: जो कोई भी इसे शिव की उपस्थिति में पढ़ता है,
शिवलोकमावाप्नोति: वह शिवलोक को प्राप्त करता है,
शिवेन सह मोदते: शिव के साथ आनंद मनाता है।

ॐ नम

ॐ नमः शिवाय सिर्फ एक मंत्र नहीं, बल्कि जीवन का आधार है। शिव पंचाक्षर स्तोत्र इन पांच अक्षरों – न, म, शि, वा, य – के गहरे अर्थ को खोलता है। हर अक्षर भगवान शिव के एक अनोखे स्वरूप को दर्शाता है। इस मंत्र का जाप मन को शांति देता है।

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‘न’ अक्षर

शिव पंचाक्षर स्तोत्र का पहला अक्षर ‘न’ भगवान शिव के नकारात्मकता और अज्ञान को दूर करने वाले स्वरूप को दर्शाता है। ये हमें सिखाता है कि जीवन की हर बुराई को भोलेनाथ की भक्ति से खत्म किया जा सकता है। इस अक्षर का जाप मन को साफ करता है।

‘म’ अक्षर

‘म’ अक्षर भगवान शिव की महानता और शक्ति को दर्शाता है। शिव पंचाक्षर स्तोत्र में ये अक्षर हमें सिखाता है कि सच्ची शक्ति दूसरों की मदद करने में है। शिव की तरह हमें भी अपने अंदर की ताकत को पहचानना चाहिए।

‘शि’ अक्षर

‘शि’ अक्षर शिव के मंगलमय और शुभ स्वरूप को प्रकट करता है। शिव पंचाक्षर स्तोत्र का ये हिस्सा हमें सिखाता है कि सकारात्मक सोच और भक्ति से जीवन में खुशहाली आती है। इस अक्षर का जाप हर काम में शुभता लाता है।

‘वा’ अक्षर

‘वा’ अक्षर भगवान शिव के रक्षक और पोषक स्वरूप को दर्शाता है। शिव पंचाक्षर स्तोत्र हमें सिखाता है कि शिव हमेशा अपने भक्तों की रक्षा करते हैं। इस अक्षर का जाप डर को दूर करता है और आत्मविश्वास बढ़ाता है।

‘य’ अक्षर

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‘य’ अक्षर शिव के सर्वव्यापी और सर्वशक्तिमान स्वरूप को दर्शाता है। शिव पंचाक्षर स्तोत्र का ये हिस्सा हमें याद दिलाता है कि शिव हर जगह हैं। इस अक्षर का जाप हमें जीवन के हर क्षेत्र में प्रेरणा देता है।

पाठ के लाभ

शिव पंचाक्षर स्तोत्र का नियमित पाठ करने से मन को गहरी शांति मिलती है। ये तनाव और चिंता को कम करता है। ये मंत्र ध्यान को बढ़ाता है और आत्मा को पवित्र करता है। सावन में इस स्तोत्र का पाठ और भी फलदायी होता है।

कैसे करें पाठ?

शिव पंचाक्षर स्तोत्र का पाठ सुबह स्नान के बाद करें। शुद्ध मन से शिव मंदिर में या घर पर शिवलिंग के सामने बैठें। माला से 108 बार ॐ नमः शिवाय का जाप करें। स्तोत्र को धीमे-धीमे पढ़ें और हर अक्षर का अर्थ समझें।

मोनिका गुप्ता

मोनिका गुप्ता एक अनुभवी लेखिका हैं, जो पिछले 10 वर्षों से लाइफस्टाइल, एंटरटेनमेंट, ट्रेंडिंग टॉपिक्स और राशिफल पर हिंदी में आकर्षक और जानकारीपूर्ण लेख लिख रही हैं। उनकी रचनाएं पाठकों को दैनिक जीवन की सलाह, मनोरंजन की दुनिया की झलक, वर्तमान ट्रेंड्स की गहराई और ज्योतिषीय भविष्यवाणियों से जोड़ती हैं। मोनिका जी का लेखन सरल, रोचक और प्रासंगिक होता है, जो लाखों पाठकों को प्रेरित करता है। वे विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और न्यूज़ पोर्टल्स (Haryananewspost.com) पर सक्रिय हैं, जहाँ उनकी कलम से निकले लेख हमेशा चर्चा का विषय बन जाते हैं।

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