Sri Sri Ravi Shankar Motivational Quotes: श्री श्री रवि शंकर, जिन्हें उनके अनुयायी प्यार से “गुरुदेव” कहते हैं, एक प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु और ‘आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन’ के संस्थापक हैं। 1956 में तमिलनाडु में जन्मे श्री श्री बचपन से ही ध्यान और आध्यात्म की ओर आकर्षित थे।
उन्होंने वैदिक साहित्य और भौतिक विज्ञान में डिग्री हासिल की और 1981 में आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन की शुरुआत की। यह अंतरराष्ट्रीय गैर-लाभकारी संस्था योग, ध्यान और श्वसन तकनीकों के जरिए लोगों को तनावमुक्त और सुखी जीवन जीने का रास्ता दिखाती है।
उनके प्रेरक विचार न केवल जीवन को सकारात्मक दिशा देते हैं, बल्कि सफलता की राह भी दिखाते हैं। आइए, उनके कुछ अनमोल विचारों को पढ़ें जो आपके जीवन को बदल सकते हैं।
Sri Sri Ravi Shankar Motivational Quotes
कामयाबी के पीछे ज्यादा बैचेन न हो, अगर लक्ष्य साफ़ है तो थोड़ा धैर्य रखें, सफलता जरूर मिलेगी।
यदि आप लोगों के लिए अच्छा करते हैं, तो आप इसे अपने स्वभाव के कारण कर रहे हैं।
कामना या इच्छा, तब जागृत होती हैं जब आप खुश नहीं होते हैं, क्या आपने यह देखा है? जब आप बहुत खुश होते हैं तब संतोष होता है, संतोष का अर्थ है, कोई इच्छा नहीं।
नए विचारों के लिए दिमाग खुला रखें, सफलता के बारे में ज्यादा चिंतित ना हो, अपना 100% दे और लक्ष्य पर फोकस रहे।
आध्यात्मिक गुरु का परिचय
श्री श्री रवि शंकर का जन्म तमिलनाडु में हुआ और उन्होंने कम उम्र में ही आध्यात्मिकता को अपनाया। वैदिक साहित्य और भौतिक विज्ञान में उनकी गहरी समझ ने उन्हें एक अनोखा दृष्टिकोण दिया।
1981 में स्थापित आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन आज लाखों लोगों को योग और ध्यान के माध्यम से तनावमुक्त जीवन जीने की प्रेरणा दे रहा है। उनकी शिक्षाएं सरल लेकिन गहरी हैं, जो हर उम्र के लोगों को प्रेरित करती हैं।
Sri Sri Ravi Shankar ke prerak anmol vichar
तुम दिव्य हो, तुम मेरे ही अंश हो, मैं भी तुम्हारा अंश हूं।
एक गरीब आदमी साल में एक बार नये साल का उत्सव मनाता है, एक अमीर आदमी हर दिन उत्सव मनाता है, लेकिन सबसे अमीर आदमी हर पल उत्सव मनाता है।
हर चीज के पीछे आपका अहंकार होता है: मैं, मैं, मैं, मैं लेकिन सेवा में कोई मैं नहीं है, क्योंकि यह किसी ओर के लिए की जानी है।
प्रेरणा से भरे विचार
श्री श्री रवि शंकर के विचार जीवन में सकारात्मकता और आत्मविश्वास लाते हैं। वे कहते हैं, “जीवन एक उत्सव है, इसे खुलकर जिएं।” उनकी यह बात हमें तनाव छोड़कर हर पल को खुशी से जीने की सीख देती है।
एक और विचार में वे कहते हैं, “सच्ची शांति मन के भीतर से आती है, इसे बाहर तलाशने की जरूरत नहीं।” ये विचार हमें आत्म-निरीक्षण और ध्यान की ओर ले जाते हैं।
जीवन को बेहतर बनाने की कुंजी
उनके विचारों में जीवन को बेहतर बनाने का रास्ता छिपा है। जैसे, “क्रोध और चिंता को छोड़ दो, क्योंकि ये तुम्हारी ऊर्जा को नष्ट करते हैं।” यह विचार हमें नकारात्मक भावनाओं से दूर रहने की सलाह देता है।
एक अन्य वचन में वे कहते हैं, “सेवा और प्रेम ही जीवन का असली मकसद है।” ये शब्द हमें दूसरों की मदद और प्यार भरे रिश्तों की अहमियत समझाते हैं।
श्री श्री रवि शंकर प्रेरक विचार
खुशी कल में नहीं है ये हमेशा वर्तमान में हैं।
हमेशा सहज रहने की चाह में आप आलसी हो जाते हैं, हमेशा पूर्णता की चाह में, आप क्रोधित हो जाते हैं, हमेशा अमीर बनने की चाह में आप लालची हो जाते हैं।
अपने कार्यों के पीछे के उद्देश्यों को देखें, अक्सर आप उन चीजों के लिए नहीं करते जिन्हें आप वास्तव में चाहते हैं।
प्रेरणा का स्रोत
श्री श्री रवि शंकर के विचार आज भी लाखों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। चाहे वह तनावमुक्त जीवन की बात हो या सफलता पाने की राह, उनके अनमोल वचन हर किसी को सही दिशा दिखाते हैं।
अगर आप भी अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव चाहते हैं, तो इन विचारों को अपनाएं और आर्ट ऑफ लिविंग के कार्यक्रमों से जुड़ें। इन विचारों को अपने दोस्तों और परिवार के साथ शेयर करें और जीवन को और खूबसूरत बनाएं!













