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Vat Savitri Purnima 2025: पति की लंबी उम्र के लिए कब और कैसे करें वट सावित्री पूर्णिमा व्रत

On: June 5, 2025 1:18 PM
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Vat Savitri Purnima 2025: पति की लंबी उम्र के लिए कब और कैसे करें वट सावित्री पूर्णिमा व्रत
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Vat Savitri Purnima 2025 June mein vat savitri purnima kab hai: हिंदू धर्म में वट सावित्री पूर्णिमा का व्रत विवाहित महिलाओं के लिए विशेष महत्व रखता है, क्योंकि यह उनके पति की दीर्घायु, स्वास्थ्य और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना से जुड़ा है।

यह पर्व विशेष रूप से महाराष्ट्र, गुजरात और दक्षिण भारत में उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस दिन बरगद के पेड़ की पूजा और सावित्री-सत्यवान की पौराणिक कथा का स्मरण किया जाता है, जो प्रेम, समर्पण और विश्वास की मिसाल है।

यह व्रत न केवल आध्यात्मिक बल प्रदान करता है, बल्कि दांपत्य जीवन को और मजबूत बनाता है। आइए जानते हैं कि 2025 में यह व्रत कब और कैसे मनाया जाएगा।

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वट सावित्री पूर्णिमा 10 जून 2025 को मंगलवार के दिन मनाई जाएगी। पूर्णिमा तिथि 10 जून को सुबह 11:35 बजे शुरू होगी और 11 जून को दोपहर 1:13 बजे समाप्त होगी। इस शुभ तिथि पर सुहागिन महिलाएं प्रातः स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें और व्रत का संकल्प लें।

पूजा की थाली में सुहाग सामग्री जैसे सिंदूर, रोली, चावल, फूल और मिठाई सजाएं। बरगद के पेड़ के पास जाकर उसे जल और दूध अर्पित करें, फिर लाल या सूती धागे को पेड़ के चारों ओर 7 या 21 बार लपेटते हुए परिक्रमा करें। इसके बाद सावित्री-सत्यवान की कथा सुनें या पढ़ें।

पूजा के अंत में आरती करें और पति की लंबी उम्र की प्रार्थना करें। सुहागिन महिलाएं एक-दूसरे को सौभाग्यवती भव का आशीर्वाद दें और सुहाग सामग्री का आदान-प्रदान करें।

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यह व्रत न केवल पति की लंबी उम्र और स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह महिलाओं में आत्मविश्वास और समर्पण की भावना को भी जागृत करता है।

सावित्री की तरह, जो अपने पति सत्यवान को यमराज से वापस लाई थीं, यह व्रत दृढ़ संकल्प और प्रेम का प्रतीक है। यह पर्व दांपत्य जीवन में विश्वास और एकता को मजबूत करता है, जिससे परिवार में सुख और समृद्धि बनी रहती है।

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अमित गुप्ता

पत्रकारिता में पिछले 30 वर्षों का अनुभव। दैनिक भास्कर, अमर उजाला में पत्रकारिता की। दैनिक भास्कर में 20 वर्षों तक काम किया। अब अपने न्यूज पोर्टल हरियाणा न्यूज पोस्ट (Haryananewspost.com) पर बतौर संपादक काम कर रहा हूं। खबरों के साथ साथ हरियाणा के हर विषय पर पकड़। हरियाणा के खेत खलियान से राजनीति की चौपाल तक, हरियाणा सरकार की नीतियों के साथ साथ शहर के विकास की बात हो या हर विषयवस्तु पर लिखने की धाकड़ पकड़। म्हारा हरियाणा, जय हरियाणा।

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