घर घर में दूध को सेहत की ताकत माना जाता है, लेकिन कई लोगों को दूध पीते ही पेट में गैस, भारीपन या मरोड़ की शिकायत होने लगती है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या सच में दूध गैस बनाता है या फिर यह शरीर की पाचन क्षमता से जुड़ा मामला है। इस लेख में इसी सवाल का साफ और वैज्ञानिक जवाब समझते हैं।
क्या दूध पीने से गैस बनती है
यह सच है कि कुछ लोगों को दूध पीने के बाद गैस की समस्या हो सकती है, लेकिन यह सभी के साथ नहीं होता। दूध अपने आप में गैस बनाने वाला खाद्य पदार्थ नहीं है। समस्या तब होती है जब शरीर दूध को ठीक से पचा नहीं पाता। दूध में मौजूद लैक्टोज नाम की शर्करा को पचाने के लिए शरीर को एक खास एंजाइम की जरूरत होती है।
लैक्टोज इनटोलरेंस क्यों बनती है बड़ी वजह
पोषण विशेषज्ञों के अनुसार कई लोगों के शरीर में लैक्टेज एंजाइम की मात्रा कम होती है। ऐसे में दूध का लैक्टोज पूरी तरह नहीं पच पाता और बड़ी आंत में पहुंचकर गैस बनाता है। इसके लक्षण आमतौर पर
• पेट फूलना
• गैस बनना
• डकार आना
• हल्का पेट दर्द या दस्त
भारत में बड़ी आबादी हल्के स्तर की लैक्टोज इनटोलरेंस से प्रभावित मानी जाती है, इसलिए दूध से जुड़ी पाचन समस्या आम है।
दूध पीने का तरीका भी डालता है असर
कई बार परेशानी दूध से नहीं बल्कि उसे पीने के तरीके से होती है।
• खाली पेट बहुत ठंडा दूध पीना
• जल्दी जल्दी दूध पी लेना
• भारी भोजन के तुरंत बाद दूध लेना
ये आदतें पाचन को कमजोर कर सकती हैं और गैस की शिकायत बढ़ा सकती हैं।
किन लोगों को दूध से ज्यादा परेशानी होती है
जिन लोगों को पहले से एसिडिटी, इरिटेबल बाउल सिंड्रोम या कमजोर पाचन की समस्या रहती है, उन्हें दूध से दिक्कत ज्यादा हो सकती है। उम्र बढ़ने के साथ भी कुछ लोगों में दूध पचाने की क्षमता कम हो जाती है।
दूध पीते समय गैस से कैसे बचें
अगर दूध पीने से हल्की परेशानी होती है तो उसे पूरी तरह छोड़ना जरूरी नहीं। कुछ आसान उपाय मदद कर सकते हैं
• गुनगुना दूध पीना
• कम मात्रा में दूध लेना
• दूध में इलायची या सौंफ मिलाना
• दही या छाछ जैसे फर्मेंटेड डेयरी विकल्प चुनना
डाइट एक्सपर्ट्स मानते हैं कि फर्मेंटेड डेयरी उत्पाद पेट के लिए ज्यादा आसान होते हैं।
कब डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है
अगर दूध पीने के बाद बार बार तेज पेट दर्द, उलटी या दस्त की समस्या हो रही है तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यह लैक्टोज इनटोलरेंस या किसी अन्य पाचन रोग का संकेत हो सकता है। सही जांच से स्थिति स्पष्ट हो जाती है।
दूध से गैस बनती है या नहीं, यह पूरी तरह व्यक्ति विशेष की पाचन क्षमता पर निर्भर करता है। दूध खराब नहीं है, लेकिन हर शरीर की जरूरत और सहनशीलता अलग होती है। अपने शरीर के संकेत समझकर ही दूध को रोजमर्रा की डाइट में शामिल करना सबसे बेहतर तरीका है।













