आज के समय में हाई कोलेस्ट्रॉल एक आम स्वास्थ्य समस्या बन चुकी है। जैसे ही मेडिकल रिपोर्ट में LDL यानी खराब कोलेस्ट्रॉल बढ़ा हुआ दिखता है, लोग सबसे पहले दूध और अन्य डेयरी चीजों को लेकर घबरा जाते हैं। कई लोगों को लगता है कि दूध पूरी तरह छोड़ देना चाहिए, जबकि कुछ इसे रोजाना की जरूरत मानते हैं। ऐसे में जरूरी है कि फैसला डर या सुनी सुनाई बातों के आधार पर नहीं, बल्कि सही जानकारी के साथ लिया जाए।
दूध और कोलेस्ट्रॉल का रिश्ता क्या है
दूध में फैट मौजूद होता है और यही वजह है कि इसे कोलेस्ट्रॉल से जोड़ा जाता है। दूध में पाया जाने वाला सैचुरेटेड फैट ज्यादा मात्रा में लेने पर LDL को बढ़ा सकता है। हालांकि दूध सिर्फ फैट तक सीमित नहीं है।
दूध में
प्रोटीन, कैल्शियम और विटामिन बी 12
जैसे पोषक तत्व होते हैं, जो दिल की सेहत और हड्डियों के लिए फायदेमंद माने जाते हैं। इसलिए दूध को पूरी तरह नुकसानदेह कहना सही नहीं होगा।
क्या हाई कोलेस्ट्रॉल में दूध बंद करना जरूरी है
डाइट एक्सपर्ट्स के मुताबिक हाई कोलेस्ट्रॉल होने का मतलब यह नहीं कि दूध पूरी तरह छोड़ दिया जाए। असल समस्या गलत तरह का दूध और ज्यादा मात्रा होती है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि
सही फैट वाला दूध और सीमित मात्रा
में लेने से कोलेस्ट्रॉल मरीजों को नुकसान नहीं होता। फुल क्रीम दूध रोजाना और ज्यादा मात्रा में पीना ही जोखिम बढ़ाता है।
कोलेस्ट्रॉल में कौन सा दूध बेहतर विकल्प है
अगर कोलेस्ट्रॉल बढ़ा हुआ है, तो कम फैट वाले विकल्प ज्यादा सुरक्षित माने जाते हैं।
बेहतर विकल्प
• टोंड मिल्क
• डबल टोंड मिल्क
• स्किम्ड मिल्क
इनमें फैट कम होता है, जिससे LDL बढ़ने की संभावना भी कम रहती है। इसके अलावा कुछ लोग
सोया मिल्क या ओट मिल्क
जैसे प्लांट बेस्ड विकल्प भी चुनते हैं। हालांकि इनमें भी अतिरिक्त शक्कर या फ्लेवर से बचना जरूरी है।
कितनी मात्रा में दूध पीना सही माना जाता है
कई लोग यह सोचकर ज्यादा दूध पीने लगते हैं कि यह सेहत के लिए अच्छा है। लेकिन हाई कोलेस्ट्रॉल में संतुलन सबसे अहम है।
डाइटिशियन के अनुसार
दिन में एक कप दूध
पर्याप्त होता है। अगर आप पहले से दही, पनीर या छाछ जैसी डेयरी चीजें ले रहे हैं, तो दूध की मात्रा और कम की जा सकती है।
दूध पीते समय किन बातों का रखें ध्यान
हाई कोलेस्ट्रॉल में दूध लेते समय कुछ आदतें बदलना जरूरी होता है।
ध्यान रखने योग्य बातें
• दूध को ज्यादा शक्कर वाली चाय या कॉफी के साथ न लें
• मीठे दूध से कैलोरी बढ़ती है, जो वजन और कोलेस्ट्रॉल दोनों को प्रभावित करती है
• दूध को संतुलित डाइट और नियमित वॉक या एक्सरसाइज के साथ जोड़ें
क्यों जरूरी है सही जानकारी
हाई कोलेस्ट्रॉल का मतलब यह नहीं कि दूध आपकी सेहत का दुश्मन है। सही दूध चुनना, मात्रा नियंत्रित रखना और पूरी जीवनशैली को संतुलित करना ज्यादा जरूरी है। अगर फिर भी भ्रम बना रहे, तो डॉक्टर या डाइटिशियन से सलाह लेना सबसे सुरक्षित तरीका है।
सही जानकारी के साथ लिया गया छोटा सा फैसला दिल की सेहत को लंबे समय तक बेहतर बनाए रख सकता है।













