Yam Ka Diya right time and method: दिवाली का त्योहार नजदीक है और इसके साथ ही धनतेरस की तैयारियां भी शुरू हो गई हैं! भारत में धनतेरस से दिवाली की शुरुआत होती है, जब लोग भगवान कुबेर और देवी लक्ष्मी की पूजा करते हैं। मान्यता है कि इस दिन देवी लक्ष्मी समुद्र मंथन से निकली थीं और अपने साथ समृद्धि लाई थीं।
उनके साथ धन के देवता कुबेर भी थे। लेकिन धनतेरस का एक खास रिवाज है यम का दीया, जो मृत्यु के देवता यमराज के सम्मान में जलाया जाता है। ये दीपक आपके परिवार को अकाल मृत्यु और दुर्भाग्य से बचाता है। इस खबर में हम आपको यम का दीया 2025 का सही समय, तरीका और महत्व बताएंगे। तो पूरी खबर पढ़ें और इस रिवाज को सही ढंग से निभाएं!
यम का दीया 2025: समय और तारीख Yam Ka Diya
साल 2025 में धनतेरस 18 अक्टूबर को शनिवार के दिन मनाया जाएगा। इस दिन यम का दीया जलाने का सही समय शाम 5:48 बजे से लेकर 7:04 बजे तक रहेगा। यानी आपके पास 1 घंटे 16 मिनट का समय होगा, जिसमें आप कभी भी यह दीपक जला सकते हैं। इस समय को ध्यान में रखकर अपनी तैयारियां शुरू कर दें।
यम का दीया कहां और कैसे रखें?
यम का दीपक घर के मुख्य द्वार पर दक्षिण दिशा में रखा जाता है। कुछ जगहों पर लोग इसे नाली या पानी वाली जगह के पास भी रखते हैं। दीपक को सीधे जमीन पर न रखें, बल्कि चावल या फूलों के ढेर पर रखें। यह दीपक मिट्टी, आटा या गोबर से बनाया जाता है और इसमें दो या चार रुई की बत्तियां लगाई जाती हैं। सरसों का तेल डालकर दीपक जलाएं और “ऊं यमदेवाय नम:” का जाप करें।
यम का दीया जलाने का महत्व
धनतेरस पर सूर्यास्त के समय यम का दीपक जलाना एक प्राचीन रिवाज है। इसे यम दीपम या दीपदान भी कहते हैं। मान्यता है कि यह अनुष्ठान आपके परिवार को असमय मृत्यु और बुरी घटनाओं से बचाता है। यमराज के सम्मान में जलाया गया यह दीपक घर में सुख-समृद्धि और सुरक्षा लाता है।













