Aaj ka Panchang 09 may 2025 shukra pradosh vrat rahu kaal in Hindi: सनातन धर्म में पंचांग का विशेष महत्व है, जो हमें दैनिक जीवन में शुभ-अशुभ समय और धार्मिक कार्यों की जानकारी देता है। 9 मई 2025 को वैशाख मास के शुक्ल पक्ष में शुक्र प्रदोष व्रत मनाया जाएगा। यह दिन भगवान शिव की उपासना के लिए अत्यंत पवित्र माना जाता है। इस दिन शिव पूजा, दान, और सात्विक कार्यों से जीवन में सुख-शांति और पुण्य की प्राप्ति होती है। आइए जानते हैं इस दिन के शुभ मुहूर्त, राहुकाल, और क्या करें-क्या न करें।
Aaj ka Panchang 09 may 2025: 9 मई 2025 का पंचांग
9 मई 2025, शुक्रवार को विक्रम संवत 2082 के वैशाख मास में द्वादशी तिथि दोपहर 2:57 बजे तक रहेगी, इसके बाद त्रयोदशी तिथि शुरू होगी। यह दिन मोहिनी एकादशी पारण और प्रदोष व्रत के लिए खास है। हस्त नक्षत्र और कन्या राशि में चंद्रमा रहेंगे, जिनका स्वामी ग्रह बुध है। सूर्य मेष राशि में होगा। सूर्योदय सुबह 5:38 बजे और सूर्यास्त शाम 6:58 बजे होगा। वज्र योग और बालव करण (दोपहर 2:58 तक, फिर कौलव) इस दिन प्रभावी रहेंगे।
शुभ मुहूर्त: Pradosh vrat शिव पूजा का सही समय
प्रदोष व्रत के दिन शिव पूजा का विशेष महत्व है। निम्नलिखित शुभ मुहूर्त में पूजा और दान करें:
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:51 से 12:45 बजे तक।
विजय मुहूर्त: दोपहर 2:21 से 3:25 बजे तक।
गोधुली मुहूर्त: शाम 6:23 से 7:22 बजे तक।
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:05 से 5:06 बजे तक।
अमृत काल: सुबह 6:02 से 7:42 बजे तक।
निशीथ काल: रात 11:41 से 12:21 बजे तक।
संध्या पूजन: शाम 6:21 से 7:09 बजे तक।
इन समयों में शिव मंदिर में दीप जलाएं, रुद्राभिषेक करें, और शिवपुराण का पाठ करें।
राहुकाल और दिशा शूल
इस दिन राहुकाल सुबह 10:30 से दोपहर 12:00 बजे तक रहेगा। इस दौरान शुभ कार्य, जैसे विवाह, गृह प्रवेश, या नया व्यवसाय शुरू करना, टालें। दिशा शूल पश्चिम दिशा में होगा, इसलिए इस दिशा में यात्रा से बचें। यदि यात्रा आवश्यक हो, तो एक दिन पहले प्रस्थान की योजना बनाएं।
क्या करें: पुण्य कार्यों से बढ़ाएं सौभाग्य
शुक्र प्रदोष व्रत के दिन मन को सात्विक और शुद्ध रखें। गर्मी के मौसम में पक्षियों के लिए छत पर दाना-प पानी रखें। गाय को पालक, रोटी, गुड़, या चारा खिलाएं। गौशाला में दान देना अक्षय पुण्य देता है। पार्थिव शिवलिंग बनाकर रुद्राभिषेक करें या किसी स्वयंभू शिवलिंग पर जल चढ़ाएं। प्रदोष काल में शिव मंदिर में दीप जलाएं। गुड़, जल, थर्मस, घड़ा, या सप्त धान्य का दान करें। यह व्रत नियमपूर्वक रखें और शिव उपासना करें।
इन गलतियों से बचें
प्रदोष तिथि पर असत्य बोलने और नकारात्मक विचारों से दूर रहें। अनावश्यक विवाद या क्रोध से बचें। राहुकाल में कोई भी शुभ कार्य शुरू न करें। गर्मी में स्वास्थ्य का ध्यान रखें और भारी भोजन से परहेज करें।
क्यों खास है शुक्र प्रदोष व्रत?
शुक्र प्रदोष व्रत भगवान शिव और माता पार्वती की कृपा प्राप्त करने का विशेष अवसर है। इस दिन किए गए दान, पूजा, और सात्विक कार्य जीवन में समृद्धि, स्वास्थ्य, और शांति लाते हैं। गर्मी के मौसम में जल और अन्न दान का महत्व और बढ़ जाता है, जो समाज और पर्यावरण के लिए भी लाभकारी है।
9 मई 2025 का शुक्र प्रदोष व्रत शिव भक्तों के लिए पुण्य और आशीर्वाद का दिन है। शुभ मुहूर्त में शिव पूजा, रुद्राभिषेक, और दान करें। राहुकाल और दिशा शूल का ध्यान रखें।













