Wi-Fi router security settings : नेटवर्क सुरक्षित करने का पहला कदम राउटर के एडमिन पैनल में प्रवेश करना है। इसके लिए वेब ब्राउजर में सामान्यतः 192.168.1.1 या 192.168.0.1 दर्ज किया जाता है। यदि यह पता काम न करे, तो विंडोज कंप्यूटर में कमांड प्रॉम्प्ट खोलकर ‘ipconfig’ दर्ज करने पर डिफॉल्ट गेटवे का पता दिख जाता है। इसी तरह मैक सिस्टम में वाई-फाई नेटवर्क विवरण (wifi router password change kaise kare) से राउटर का एड्रेस मिल जाता है। ध्यान रखें कि एडमिन पैनल का लॉगिन पासवर्ड और वाई-फाई से जुड़ने वाला पासवर्ड दोनों पूरी तरह अलग होते हैं।
पासवर्ड और नेटवर्क नाम
अधिकतर उपयोगकर्ता कंपनी द्वारा दिए गए शुरुआती डिफॉल्ट पासवर्ड को कभी नहीं बदलते, जो सुरक्षा के लिहाज से सबसे बड़ी चूक है। एडमिन पैनल का पासवर्ड और वाई-फाई का नाम यानी एसएसआईडी तुरंत बदलें।
नेटवर्क के नाम में कभी भी अपनी कंपनी या राउटर का मॉडल नंबर न दर्शाएं, ताकि बाहरी व्यक्ति डिवाइस की पहचान न कर सके। वाई-फाई सुरक्षा सेटिंग्स में हमेशा आधुनिक डब्ल्यूपीए3-पर्सनल का चयन करें। यदि कुछ पुराने उपकरण इससे कनेक्ट नहीं हो पाते हैं, तो डब्ल्यूपीए2/डब्ल्यूपीए3 मिक्स्ड मोड सेट करें।
अलग गेस्ट नेटवर्क सेटअप
बाहर से आने वाले मेहमानों को अपने प्राथमिक वाई-फाई का एक्सेस देने के बजाय हमेशा गेस्ट नेटवर्क (guest network setup tips) की सुविधा दें। इससे उनका फोन या लैपटॉप आपके मुख्य नेटवर्क से पूरी तरह अलग रहता है।
इस गेस्ट नेटवर्क पर आप स्मार्ट टीवी, स्मार्ट बल्ब और कैमरों जैसे इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) उपकरणों को भी जोड़ सकते हैं। यदि किसी तीसरे उपकरण में कोई वायरस या सुरक्षा खामी आती है, तो वह आपके मुख्य कंप्यूटर या फोन तक नहीं पहुंच पाएगी।
डब्ल्यूपीएस और रिमोट एक्सेस
बिना पासवर्ड जोड़े वाई-फाई कनेक्ट करने वाला डब्ल्यूपीएस फीचर (router default gateway ip address) सुरक्षा की दृष्टि से बेहद कमजोर माना जाता है। इसका पिन सिस्टम आसानी से हैक हो सकता है, इसलिए राउटर सेटिंग्स में जाकर डब्ल्यूपीएस को तुरंत बंद कर दें। इसके बदले आज फोन में क्यूआर कोड स्कैनिंग जैसे ज्यादा सुरक्षित विकल्प मौजूद हैं।
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इसके अलावा राउटर में बाहर से लॉगिन करने की सुविधा देने वाले ‘रिमोट मैनेजमेंट’ या ‘वेब एक्सेस फ्रॉम वैन’ को भी डिसेबल रखें। जब तक बहुत जरूरी न हो, टेलनेट और एसएसएच जैसी सेवाओं को भी बंद रखना ही सबसे सही कदम है।
फर्मवेयर अपडेट का नियम
राउटर निर्माता कंपनियां समय-समय पर सॉफ्टवेयर की कमियों (wifi hack hone se kaise bachaye) को दूर करने के लिए नए सुरक्षा पैच जारी करती हैं। राउटर की सेटिंग्स में जाकर फर्मवेयर अपडेट की नियमित जांच करें और ऑटो अपडेट का विकल्प चालू रखें।
यदि आपका राउटर बहुत पुराना हो चुका है और कंपनी ने उसके लिए नए सुरक्षा अपडेट देना बंद कर दिया है, तो उस डिवाइस को तुरंत बदल लें। ऐसा पुराना उपकरण आपके घर के पूरे डेटा के लिए बड़ा खतरा बन सकता है। #WiFiSecurity #TechNews #CyberSecurityTips












