Aaj Ka Panchang 12 April 2025 shubh muhurat today: 12 अप्रैल 2025 का दिन भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से भरा है। इस दिन चैत्र माह की पूर्णिमा और हनुमान जयंती का पावन पर्व एक साथ मनाया जाएगा। चैत्र पूर्णिमा का धार्मिक महत्व बेहद खास है, और हनुमान जयंती बजरंग बली की शक्ति और भक्ति का उत्सव है। यह दिन स्नान, दान, और पूजा-पाठ के लिए विशेष माना जाता है। आइए, आज के पंचांग के साथ जानते हैं शुभ मुहूर्त, योग, और उपाय, जो आपके जीवन में सुख-समृद्धि ला सकते हैं।
Aaj Ka Panchang: चैत्र पूर्णिमा और हनुमान जयंती का महत्व
चैत्र पूर्णिमा हिंदू पंचांग में एक पवित्र तिथि है, जो चैत्र माह की अंतिम तिथि होती है। इस दिन गंगा स्नान, दान, और जप करने की प्राचीन परंपरा है, जो पापों का नाश करती है और पुण्य दिलाती है। साथ ही, यह दिन हनुमान जयंती के रूप में भी मनाया जाता है, जब भक्त श्रीराम के परम भक्त हनुमान जी की पूजा करते हैं। हनुमान चालीसा, सुंदरकांड, और रामायण का पाठ इस दिन विशेष फल देता है। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से पूजा करने से संकट दूर होते हैं और जीवन में सफलता मिलती है। यह संयोग भक्तों के लिए सौभाग्य और शांति का वरदान लेकर आता है।
आज का पंचांग: तिथि और नक्षत्र
12 अप्रैल 2025 को पिंगला विक्रम संवत 2082 चल रहा है। यह शनिवार का दिन है, और चैत्र पूर्णिमा तिथि पूरे दिन रहेगी। नक्षत्र की बात करें तो हस्त नक्षत्र शाम 6:09 बजे तक रहेगा, इसके बाद चित्रा नक्षत्र शुरू होगा। चंद्रमा कन्या राशि में और सूर्य मीन राशि में गोचर करेंगे। योग में व्याघात रात 8:46 बजे तक रहेगा, फिर हर्षण योग शुरू होगा। सूर्योदय सुबह 6:01 बजे और सूर्यास्त शाम 6:45 बजे होगा। यह दिन पूर्णिमा व्रत और हनुमान जयंती के लिए खास है।
शुभ मुहूर्त: पूजा का सही समय
हनुमान जयंती की पूजा के लिए शुभ मुहूर्त सुबह 4:29 से 5:59 बजे तक है, जो ब्रह्म मुहूर्त का पवित्र समय है। अगर आप शाम को पूजा करना चाहते हैं, तो 6:45 से रात 8:09 बजे तक का समय शुभ रहेगा। अन्य शुभ मुहूर्तों में अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11:57 से 12:48 बजे, विजय मुहूर्त दोपहर 2:23 से 3:26 बजे, और गोधुली मुहूर्त शाम 6:22 से 7:22 बजे तक रहेगा। अमृत काल सुबह 6:03 से 7:44 बजे और निशीथ काल रात 11:43 से 12:25 बजे तक है। इन समयों में पूजा-पाठ और धार्मिक कार्य करना विशेष फल देगा।
शुभ योग और उनकी खासियत
चैत्र पूर्णिमा पर कई मंगलकारी योग बन रहे हैं। भद्रावास योग, जो शाम 4:35 बजे तक रहेगा, बेहद शुभ माना जाता है। इस दौरान भद्रा पाताल लोक में रहेगी, जो पूजा-पाठ के लिए अनुकूल है। यह योग सुख और समृद्धि को बढ़ाता है। साथ ही, हस्त और चित्रा नक्षत्र का संयोग भी इस दिन को और खास बनाता है। इन योगों का लाभ उठाने के लिए हनुमान जी और भगवान विष्णु की पूजा करें।
क्या करें, क्या न करें?
इस पावन दिन कुछ खास उपाय आपके लिए लाभकारी होंगे। पूर्णिमा व्रत रखें और भगवान विष्णु का पूजन करें। हनुमान चालीसा, सुंदरकांड, या दुर्गा सप्तशती का पाठ करें। चावल, शक्कर और सात अनाज का दान करें। किसी शिव मंदिर में नीम, बेल, या पीपल का पौधा लगाएं। घर में अखंड दीप जलाएं और चंद्रमा को अर्घ्य देकर भोजन करें। कीर्तन और रुद्राभिषेक भी शुभ फल देंगे। हालांकि, इस दिन माता की अवज्ञा न करें, क्योंकि चंद्रमा माता का कारक ग्रह है। राहुकाल सुबह 9:00 से 10:30 बजे तक रहेगा, इस समय शुभ कार्यों से बचें। पूर्व दिशा में यात्रा न करें, और अगर जरूरी हो, तो एक दिन पहले प्रस्थान निकाल लें।
इस दिन को बनाएं खास
चैत्र पूर्णिमा और हनुमान जयंती का यह दिन आपके लिए आध्यात्मिक और मानसिक शांति का मौका है। सुबह जल्दी उठकर गंगा स्नान करें या घर पर ही जल में गंगाजल मिलाकर स्नान करें। हनुमान जी को लाल फूल और मोतीचूर के लड्डू अर्पित करें। अपने मन को सात्विक रखें और जरूरतमंदों की मदद करें। यह दिन आपके जीवन में नई ऊर्जा और सकारात्मकता लाएगा।













