पानीपत (Lado Laxmi Yojana Panipat)। हरियाणा सरकार द्वारा शुरू की गई लाडो लक्ष्मी योजना महिलाओं और बेटियों के लिए उम्मीद की किरण बनकर आई है। जिले में भी बड़ी संख्या में महिलाएं इस योजना का लाभ पाने के लिए आवेदन कर चुकी हैं। जिनमें महिलाओं के खातों में पहली किस्त की राशि पहुंच चुकी है जबकि कुछ अभी भी इंतजार कर रही हैं। इस योजना के तहत सरकार द्वारा पात्र महिलाओं को चरणबद्ध तरीके से राशि दी जाती है।
Lado Laxmi Yojana: कुछ को नहीं मिली धनराशि
इसराना की सोनिया ने बताया कि उन्होंने सभी जरूरी दस्तावेज पूरे कर लिए थे और योजना के लिए आवेदन भी किया था। उन्हें पात्रता सूची में शामिल कर लिया गया लेकिन अभी तक उनके खाते में योजना की राशि नहीं पहुंची है। योजना बहुत अच्छी है, लेकिन अगर पैसे समय पर मिल जाएं तो हम अपनी बेटी की पढ़ाई में मदद कर सकते हैं।
दिवाना गांव की बबीता भी इसी योजना की लाभार्थी हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें संदेश मिल चुका है कि उनका नाम पात्र सूची में है लेकिन खाते में पैसे अभी तक नहीं आए हैं। हम जैसे ग्रामीण इलाकों की महिलाओं के लिए यह योजना बड़ी राहत है बस राशि समय पर मिलनी चाहिए ताकि हम उसका सही उपयोग कर सकें।
वार्ड 22 की काजल ने बताया कि उनके खाते में लाडो लक्ष्मी योजना की पहली किस्त पहुंच चुकी है। सरकार की यह योजना वास्तव में बेटियों के लिए वरदान है। इससे पढ़ाई और जरूरी जरूरतों में काफी मदद मिल रही है।
इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है। बैंक वेरिफिकेशन या दस्तावेजों में मामूली त्रुटि के कारण भुगतान में रुकावट आ रही है।
योजना के लिए जरूरी दस्तावेज़
परिवार की सालाना आय 1 लाख रुपये से कम होनी चाहिए।
आवेदिका के नाम चालू बैंक खाता होना अनिवार्य।
महिला की उम्र 23 से 60 वर्ष के बीच हो।
पति हरियाणा का निवासी हो और परिवार 15 साल या उससे ज्यादा समय से हरियाणा में रह रहा हो।
योजना का लाभ डीबीटी के जरिए सीधे बैंक खाते में आएगा।
सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम
क्रीड के जिला प्रबंधक डॉ. सोमपाल ने कहा कि लाडो लक्ष्मी योजना निश्चित रूप से महिलाओं और बेटियों के लिए सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम है। जिले में लाडो लक्ष्मी योजना को पारदर्शिता के साथ लागू किया जा रहा है।
जिले की हर पात्र महिला को इस योजना का लाभ जरूर मिलेगा। कई महिलाओं का कहना है कि आवेदन प्रक्रिया तो ऑनलाइन और सरल है लेकिन भुगतान में देरी की वजह से उन्हें परेशानी हो रही है।












