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Gita Mahotsav: गीता महोत्सव में 60 से ज्यादा देशों की भाषाओं में अनुदित गीता लगाएगी महोत्सव को चार चांद

On: November 6, 2025 8:26 PM
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Gita Mahotsav: गीता महोत्सव में 60 से ज्यादा देशों की भाषाओं में अनुदित गीता लगाएगी महोत्सव को चार चांद
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कुरुक्षेत्र (Gita Mahotsav)। भगवान श्रीकृष्ण ने धर्मनगरी कुरुक्षेत्र में गीता का अमर संदेश पूरी मानवता के लिए दिया था, जिसकी सार्थकता आज भी ज्यों की त्यों है। गीता में ही जीवन का सार है और इस मर्म को जानने के लिए पूरी दुनिया बेताब है। यही कारण है कि गीता संदेश की चमक लगातार फैल रही है तो अब तक दुनिया की 100 से ज्यादा भाषाओं में इसका अनुवाद हो चुका है।

Gita Mahotsav: पुस्तकों की प्रदर्शनी चार चांद लगाएगी

देश-विदेश से धर्मनगरी पहुंचने वाले पर्यटक जहां गीता संदेश की धरा को नमन करने को उत्सुक रहते हैं तो वहीं विभिन्न भाषाओं में अनुवादित गीता की पुस्तकें भी यहां से अपने साथ लेकर जा रहे हैं। यहीं नहीं पवित्र ब्रह्मसरोवर तट पर हर साल मनाया जाने वाला अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव गीता संदेश का बड़ा प्रकाश केंद्र बन चुका है।

इस बार 15 नवंबर से शुरू होने वाले महोत्सव को 60 देशों की विभिन्न भाषाओं में अनुवादित गीता ग्रंथ व इससे संबंधित अन्य पुस्तकों की प्रदर्शनी चार चांद लगाएगी। केंद्रीय विदेश मंत्रालय की इस पहल से गीता का प्रकाश और दूर तक फैलेगा। 21 दिवसीय इस महोत्सव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 नवंबर को शामिल होंगे।

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इन भाषाओं में उपलब्ध होगी गीता

जर्मन, स्पेनिश, रूसी, चीनी, जापानी, अरबी, पुर्तगाली, अंग्रेजी, हिंदी, उर्दू, उड़िया, मलियालम, बंगाली, कन्नड़, तमिल, तेलगू, असमिया, सिंधी, मणिपुरी, गुजराती,मराठी आदि। कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड (केडीबी ) के सदस्य अशोक रोशा बताते हैं कि गीता संदेश के प्रसार का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि सिर्फ अंग्रेजी में ही 300 से ज्यादा अनुवाद उपलब्ध है। जबकि करीब 100 भाषाओं में गीता पुस्तकें आसानी से मिल जाती हैं। वे बताते हैं कि प्रख्यात अंग्रेज टाइपोग्राफर और विद्वान सर चार्ल्स विल्किंस ने ही 1785 में श्रीभगवद् भगवद गीता का पहला अंग्रेजी अनुवाद किया था।

केडीबी के सचिव पंकज सेतिया का कहना है कि पूरी दुनिया में गीता संदेश का प्रकाश फैले, यह बोर्ड के साथ-साथ प्रदेश व केंद्र सरकार का प्रयास है, ताकि लोगों के जीवन में सार्थक बदलाव आ सके। इसी के चलते ही 52 देशों को महोत्सव से जोड़ा जा रहा है। इन देशों में ब्रह्मसरोवर तट पर आयोजित महोत्सव भी दर्शाया जाएगा तो 15 से ज्यादा देशों के गीता विशेषज्ञ व शोधकर्ताओं व शिल्पकारों को बुलाया गया तो विदेशी भाषाओं की गीता ग्रंथ व पुस्तकों की प्रदर्शनी की भी तैयारी है।

गीता पर आधारित क्विज शुरू

इस महोत्सव से लोगों को जोड़ने के लिए केडीबी और राष्ट्रीय सूचना विकास केंद्र (एनआईसी) ने ऑनलाइन गीता क्विज शुरू की है। इसमें 14 नवंबर तक प्रतिदिन पांच सवाल पूछे जाएंगे। विजेताओं को पुरस्कृत किया जाएगा। इसमें चैट बॉट की सुविधा भी होगी। इस प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए प्रतिभागी को https://igmquiz.in पर मोबाइल से रजिस्ट्रेशन कराना होगा। चैटबॉट से कार्यक्रम के बारे में भी जानकारी मिलेगी। महोत्सव में शिल्प उत्सव का भी आयोजन होगा।

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श्रीमद्भगवद गीता के 18 अध्यायों के थीम पर आधारित सदभावना यात्रा अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव का खास आकर्षण होगी। 14 नवंबर को इसी यात्रा व गीता रन के साथ महोत्सव का आगाज होगा, जिसके लिए खास तैयारियां की जा रही है। इसके लिए आकर्षक ढंग से सजे 18 मोटराइज्ड रथों को रूड़की से लाया जाएगा।

24 से होंगे मुख्य कार्यक्रम

अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के मुख्य कार्यक्रम 24 नवंबर से शुरू होंगे, जो आठ दिन तक चलेंगे। मुख्य कार्यक्रमों के अंतिम दिन केशव पार्क में 18 हजार स्कूली बच्चे गीता जयंती के दिन गीता श्लोकाच्चारण करेंगे। इसी दिन गीता जन्म स्थली ज्योतिसर के साथ-साथ पवित्र ब्रह्मसरोवर व सन्निहित सरोवर पर भी दीपदान होगा। इससे पहले मुख्य सांस्कृतिक कार्यक्रम के अलावा अंतरराष्ट्रीय गीता सम्मेलन, संत सम्मेलन व देव स्थानम सम्मेलन होंगे। इन सभी कार्यक्रमों में विदेशी मेहमानों को शामिल किए जाने की तैयारी की जा रही है।

महोत्सव में पहली बार विदेशी ब्राह्मण बनेंगे हिस्सा

पवित्र ब्रह्मसरोवर तट पर पहली बार महोत्सव में विदेशी गीता विशेषज्ञ व शोधकर्ताओं के अलावा ब्राह्मण भी शामिल होंगे। त्रिनिदाद व टोबैगो से 20 विशेष ब्राह्मणों का दल यहां पहुंचेगा, जो 29 व 30 नवंबर को महोत्सव के दौरान पवित्र ब्रह्मसरोवर के पुरुषोत्तमपुरा बाग में होने वाले संत सम्मेलन के अलावा देव स्थानम सम्मेलन में शामिल होगा। इन ब्राह्मण विद्वानों और देश-विदेश से आने वाले संतों को कुरुक्षेत्र 48 कोस तीर्थ भ्रमण भी करवाया जाएगा।

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राहुल शर्मा

राहुल शर्मा एक कुशल पत्रकार और लेखक हैं, जो पिछले 8 वर्षों से ब्रेकिंग न्यूज़, हरियाणा न्यूज़ और क्राइम से जुड़ी खबरों पर प्रभावशाली लेख लिख रहे हैं। उनकी खबरें तथ्यपूर्ण, गहन और तेज़ी से पाठकों तक पहुँचती हैं, जो हरियाणा और अन्य क्षेत्रों की महत्वपूर्ण घटनाओं को उजागर करती हैं। राहुल का लेखन शैली आकर्षक और विश्वसनीय है, जो पाठकों को जागरूक और सूचित रखता है। वे Haryananewspost.com और डिजिटल मंचों पर सक्रिय हैं, जहाँ उनकी स्टोरीज़ सामाजिक और आपराधिक मुद्दों पर गहरी छाप छोड़ती हैं।

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