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Guru Teg Bahadur Jayanti: 350वीं शहादत! चांदनी चौक का वो चमत्कारिक क्षण जिसने इतिहास बदल दिया

On: November 23, 2025 8:02 AM
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Guru Teg Bahadur Jayanti: 350वीं शहादत! चांदनी चौक का वो चमत्कारिक क्षण जिसने इतिहास बदल दिया
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Guru Teg Bahadur Jayanti 350 Sahadat sakhi in hindi: आज पूरा देश और दुनिया भर के सिख समुदाय के लोग श्री गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहादत को नमन कर रहा है। सिखों के नौवें गुरु ने मानवता, धार्मिक स्वतंत्रता और सत्य की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया था। उनका जीवन विनम्रता, त्याग, प्रेम, समानता और सेवा का प्रतीक माना जाता है।
यहां पढ़िए गुरु तेग बहादुर जी के जीवन से जुड़ा वह प्रेरक प्रसंग जिसने इतिहास में अमिट छाप छोड़ी।

चांदनी चौक का ऐतिहासिक दिन—11 जुलाई 1675 Guru Teg Bahadur Jayanti

दिल्ली के चांदनी चौक में उस दिन असाधारण भीड़ थी। मुगल बादशाह औरंगजेब ने गुरु तेग बहादुर जी को मृत्युदंड देने का आदेश दिया था। आरोप था कि वे कश्मीरी पंडितों को ज़बरन धर्मांतरण से बचा रहे थे।
फिर हुआ वह घटना-क्रम जिसे आज भी इतिहास के पन्नों में ‘चमत्कार’ माना जाता है।

जैसे ही जल्लाद ने तलवार उठाई, अचानक भयंकर तूफान आया, आंधी चली और वातावरण में घोर अंधेरा छा गया। भीड़ दहशत में दौड़ने लगी। तभी गुरु जी के शिष्य मति दास ने घबराकर पूछा—
“गुरु देव! यह क्या हो रहा है? क्या यह ईश्वर का क्रोध है?”

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गुरु तेग बहादुर जी ने अत्यंत शांतिपूर्ण स्वर में कहा—

“नहीं, मति दास। यह ईश्वर का क्रोध नहीं, प्रकृति का शोक है। प्रकृति रो रही है कि मनुष्य मनुष्य का धर्म छीनने पर तुला है। जब अधर्म बढ़ता है, निर्दोषों पर अत्याचार होता है, तब प्रकृति भी विद्रोह कर उठती है।”

उन्होंने आगे कहा—

“सत्य की रक्षा के लिए शरीर का बलिदान छोटा सा योगदान है। धर्म की रक्षा सबसे बड़ा कर्तव्य है।”

हमेशा के लिए अमर संदेश

गुरु तेग बहादुर जी के शब्दों में वह अमर संदेश समाया है जो आज भी उतना ही प्रासंगिक है—
धार्मिक स्वतंत्रता हर मनुष्य का मूल अधिकार है, और इसकी रक्षा के लिए जीवन तक न्योछावर कर देना चाहिए।
इसी वजह से उन्हें ‘हिन्द की चादर’ कहा गया—भारत की शान और धर्मनिरपेक्षता के प्रतीक।

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देशभर में मनाई जा रही है शहादत—विशेष कीर्तन और शोभायात्राएं

आज देशभर के गुरुद्वारों में विशेष कीर्तन, अरदास और प्रार्थना सभाएं हो रही हैं।
दिल्ली के गुरुद्वारा शीश गंज साहिब और गुरुद्वारा रकाब गंज साहिब, जहां गुरु जी की शहादत और अंतिम संस्कार हुआ था, वहां भव्य शोभायात्राएं और लंगर का आयोजन किया जा रहा है।

गुरु तेग बहादुर जी का जीवन हमें सिखाता है—

अधर्म के सामने कभी मत झुको।
सत्य, साहस और मानवता के मार्ग पर अडिग रहो।
उनकी शहादत आज भी मानवता के लिए प्रेरणास्रोत बनी हुई है।

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अमित गुप्ता

पत्रकारिता में पिछले 30 वर्षों का अनुभव। दैनिक भास्कर, अमर उजाला में पत्रकारिता की। दैनिक भास्कर में 20 वर्षों तक काम किया। अब अपने न्यूज पोर्टल हरियाणा न्यूज पोस्ट (Haryananewspost.com) पर बतौर संपादक काम कर रहा हूं। खबरों के साथ साथ हरियाणा के हर विषय पर पकड़। हरियाणा के खेत खलियान से राजनीति की चौपाल तक, हरियाणा सरकार की नीतियों के साथ साथ शहर के विकास की बात हो या हर विषयवस्तु पर लिखने की धाकड़ पकड़। म्हारा हरियाणा, जय हरियाणा।

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