ब्रेकिंग न्यूज़मौसमक्रिकेटऑटोमनोरंजनअपराधट्रेंडिंगकृषिलाइफस्टाइलराशिफलहरियाणा

Hanuman Jayanti 2025 vrat katha: हनुमान जयंती साल में दो बार क्यों मनता है यह पर्व, जानें बजरंगबली की जन्म कथा

On: अप्रैल 12, 2025 8:56 पूर्वाह्न
Follow Us:
Hanuman Jayanti 2025 vrat katha: हनुमान जयंती साल में दो बार क्यों मनता है यह पर्व, जानें बजरंगबली की जन्म कथा
Join WhatsApp Group

Hanuman jayanti 2025 vrat katha in Hindi: 12 अप्रैल 2025 को हनुमान जयंती का पवित्र पर्व देशभर में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जा रहा है। यह दिन भगवान राम के परम भक्त और संकटमोचन हनुमान जी के जन्मोत्सव को समर्पित है। हिंदू धर्म में इस पर्व का विशेष महत्व है, क्योंकि मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से हनुमान जी की पूजा करने से भक्तों को भय, दुख और कष्टों से मुक्ति मिलती है। हनुमान जयंती को हनुमान जन्मोत्सव के नाम से भी जाना जाता है। क्या आप जानते हैं कि यह पर्व साल में दो बार मनाया जाता है? आइए, इस लेख में हम हनुमान जयंती की पौराणिक कथा और इसके दो बार मनाए जाने के कारणों को विस्तार से जानते हैं।

Hanuman Jayanti 2025 vrat katha: हनुमान जयंती का धार्मिक महत्व

हनुमान जयंती चैत्र मास की पूर्णिमा को मनाई जाती है, और यह दिन भक्तों के लिए आध्यात्मिक शक्ति और भक्ति का प्रतीक है। इस दिन मंदिरों में हनुमान चालीसा, सुंदरकांड और बजरंग बाण का पाठ होता है। भक्त व्रत रखते हैं, मूर्तियों को सिंदूर चढ़ाते हैं और विशेष पूजा-अर्चना करते हैं। हनुमान जी को भगवान शिव का ग्यारहवां रुद्र अवतार माना जाता है, जिन्होंने भगवान राम की सेवा के लिए धरती पर जन्म लिया। उनकी भक्ति न केवल मन को शांति देती है, बल्कि जीवन में साहस और आत्मविश्वास भी जगाती है। यह पर्व हमें सिखाता है कि सच्ची भक्ति और निस्वार्थ सेवा से हर मुश्किल को पार किया जा सकता है।

26,999 रुपये में 43 इंच QLED TV, अमेजन सेल में सैमसंग और शाओमी पर बंपर कूपन डिस्काउंट | amazon-great-indian-festival-2026-qled-mini-led-tv-offers-discounts
26,999 रुपये में 43 इंच QLED TV, अमेजन सेल में सैमसंग और शाओमी पर बंपर कूपन डिस्काउंट

साल में दो बार हनुमान जयंती

हनुमान जयंती का उत्सव साल में दो बार मनाया जाता है पहली बार चैत्र मास की पूर्णिमा को और दूसरी बार कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष चतुर्दशी को। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, हनुमान जी का जन्म कार्तिक मास की चतुर्दशी को हुआ था। लेकिन चैत्र पूर्णिमा पर हनुमान जयंती मनाने के पीछे भी एक रोचक कथा है। कहा जाता है कि बचपन में हनुमान जी ने सूर्य को फल समझकर निगल लिया था। इससे क्रोधित होकर इंद्रदेव ने अपने वज्र से उन पर प्रहार किया, जिससे बाल हनुमान मूर्छित हो गए। इस घटना से पवन देव नाराज हो गए और उन्होंने हवा को रोक दिया। तब ब्रह्मा जी और अन्य देवताओं ने हनुमान जी को जीवनदान दिया। उस दिन से चैत्र पूर्णिमा को हनुमान जयंती के रूप में मनाने की परंपरा शुरू हुई। यह कथा हमें हनुमान जी की शक्ति और उनके प्रति देवताओं के सम्मान को दर्शाती है।

हनुमान जी की जन्म कथा

हनुमान जी की जन्म कथा पौराणिक ग्रंथों में वर्णित है और भक्तों के लिए प्रेरणादायक है। वाल्मीकि रामायण के अनुसार, माता अंजना एक अप्सरा थीं, जिन्हें श्राप के कारण धरती पर जन्म लेना पड़ा। इस श्राप से मुक्ति के लिए उन्हें एक संतान को जन्म देना था। अंजना के पति केसरी सुमेरु पर्वत के राजा थे। संतान प्राप्ति के लिए अंजना ने 12 वर्षों तक कठिन तपस्या की। उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने अपने रुद्र अवतार के रूप में हनुमान जी के रूप में जन्म लिया। माता अंजना और केसरी के पुत्र के रूप में हनुमान जी ने धरती पर अवतार लिया और भगवान राम के परम भक्त बनकर उनकी सेवा की। यह कथा हमें सिखाती है कि तप और भक्ति से असंभव को भी हासिल किया जा सकता है।

Electricity Bill Tips: 18 नहीं 24 डिग्री पर चलाएं AC, बिजली बिल में होगी बंपर बचत | ac-temperature-setting-24-degree-fridge-tips-reduce-electricity-bill
Electricity Bill Tips: 18 नहीं 24 डिग्री पर चलाएं AC, बिजली बिल में होगी बंपर बचत

हनुमान जयंती का उत्सव

हनुमान जयंती के दिन भक्त सुबह जल्दी उठकर स्नान करते हैं और हनुमान मंदिरों में जाकर पूजा करते हैं। हनुमान चालीसा का पाठ और भजन-कीर्तन इस दिन की शोभा बढ़ाते हैं। कई जगह सामूहिक सुंदरकांड पाठ और भंडारे का आयोजन होता है, जो समुदाय को एकजुट करता है। यह दिन हमें हनुमान जी के गुणों वफादारी, निस्वार्थ सेवा और साहस को अपने जीवन में अपनाने की प्रेरणा देता है। इस हनुमान जयंती पर अपने परिवार और दोस्तों के साथ इस पर्व की खुशियां बांटें और हनुमान जी की कृपा प्राप्त करें।

भक्ति के साथ प्रेरणा

हनुमान जयंती केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि एक अवसर है जो हमें हनुमान जी के जीवन से प्रेरणा लेने का मौका देता है। उनकी भक्ति और शक्ति की कहानियां बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को प्रेरित करती हैं। इस पर्व पर हनुमान जी की कथा को पढ़ें, सुनें और दूसरों के साथ साझा करें। यह आपके मन को शांति देगा और जीवन में नई ऊर्जा भरेगा। आइए, इस हनुमान जयंती पर बजरंगबली की भक्ति में डूबकर अपने जीवन को और सार्थक बनाएं।

इन्फिनिक्स जीटी 50 प्रो 27 अक्टूबर को होगा लॉन्च, बैक पैनल में दिखेगा लिक्विड कूलिंग सिस्टम | infinix-gt-50-pro-india-launch-date-specifications-flipkart
इन्फिनिक्स जीटी 50 प्रो 27 अक्टूबर को होगा लॉन्च, बैक पैनल में दिखेगा लिक्विड कूलिंग सिस्टम

मोनिका गुप्ता

मोनिका गुप्ता एक अनुभवी लेखिका हैं, जो पिछले 10 वर्षों से लाइफस्टाइल, एंटरटेनमेंट, ट्रेंडिंग टॉपिक्स और राशिफल पर हिंदी में आकर्षक और जानकारीपूर्ण लेख लिख रही हैं। उनकी रचनाएं पाठकों को दैनिक जीवन की सलाह, मनोरंजन की दुनिया की झलक, वर्तमान ट्रेंड्स की गहराई और ज्योतिषीय भविष्यवाणियों से जोड़ती हैं। मोनिका जी का लेखन सरल, रोचक और प्रासंगिक होता है, जो लाखों पाठकों को प्रेरित करता है। वे विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और न्यूज़ पोर्टल्स (Haryananewspost.com) पर सक्रिय हैं, जहाँ उनकी कलम से निकले लेख हमेशा चर्चा का विषय बन जाते हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment